अलवर शहर में पुराने कबाड़ से बनी आकर्षक स्टेच्यू लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बन रही हैं। नगर निगम की ओर से शहर के अलग-अलग स्थानों पर इन कलाकृतियों को स्थापित किया जा रहा है। हाल ही में कंपनी बाग में एक ताकतवर ऊंट का स्टेच्यू लगाया गया है, जो लोगों का ध्यान खींच रहा है। इसके अलावा कंपनी बाग में ही योगा करती महिला का स्टेच्यू भी लगाया जा रहा है, जिस पर फिलहाल काम जारी है। वहीं नेहरू गार्डन में मोर का सुंदर स्टेच्यू स्थापित किया गया है। सचिवालय परिसर में भारत देश का नक्शा भी कबाड़ से तैयार कर लगाया गया है। देखे तस्वीरें…. भगवान शिव के नटराज स्वरूप का स्टेच्यू भी तैयार किया जा रहा है, जिसे प्रताप ऑडिटोरियम में लगाया जाएगा। खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अलग-अलग खेलों के खिलाड़ियों की आकृतियां तैयार की गई हैं, जिन्हें इंदिरा गांधी स्टेडियम में स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही सरिस्का के ताकतवर टाइगर का विशाल और डरावना स्टेच्यू भी बनाया गया है, जिसमें बाघ की आकृति को विशेष रूप से बड़ा दिखाया गया है। इन सभी कलाकृतियों की खास बात यह है कि ये पूरी तरह पुराने स्क्रैप और कबाड़ से तैयार की जा रही हैं। नगर निगम आयुक्त सोहन सिंह नरुका ने बताया कि अलवर नगर निगम द्वारा ‘वेस्ट टू आर्ट’ थीम के तहत शहर में ये कलाकृतियां बनवाई जा रही हैं। कबाड़ को मॉडिफाई कर शहर के सौंदर्यकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इन्हें तैयार किया जा रहा है। इसके लिए दिल्ली, गुजरात, मेरठ और झारखंड से कलाकारों को बुलाया गया है। नगर निगम द्वारा 58 लाख रुपये का टेंडर दिया गया है और यह कार्य करीब एक महीने में पूरा हो जाएगा।


