मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर अंचल में बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) की 16.86 एकड़ भूमि की अवैध जमाबंदी और उसे निजी व्यक्तियों को हस्तांतरित करने के मामले में गुरुवार को जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कार्रवाई की है। उन्होंने तत्कालीन अंचलाधिकारी (सीओ) मोतीपुर, रुचि कुमारी के निलंबन की अनुशंसा संबंधित विभाग से की है। निलंबन अवधि में अंचल कार्यालय औराई निर्धारित राजस्व कर्मचारी नागेंद्र प्रसाद ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए प्रपत्र ‘क’ गठित करने का आदेश जारी किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय अंचल कार्यालय औराई निर्धारित किया गया है। अधिकारी एवं कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई जिलाधिकारी ने कहा है कि सरकारी कार्य में अनियमितता, लापरवाही या भ्रष्ट आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारी एवं कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। जांच प्रतिवेदन में महत्वपूर्ण तथ्य उजागर यह मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपर समाहर्ता राजस्व प्रशांत कुमार से इसकी जांच कराई। जांच प्रतिवेदन में कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर हुए हैं। ऑनलाइन स्वीकृत की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, 7 मई 2025 को ऑनलाइन परिमार्जन प्लस के माध्यम से मौजा बरियारपुर के खाता एवं खेसरा से कुल 9.56 एकड़ भूमि की ऑनलाइन जमाबंदी एक निजी व्यक्ति के नाम से सृजित की गई। यह जमाबंदी राजस्व कर्मचारी नागेंद्र प्रसाद ठाकुर की अनुशंसा पर तत्कालीन अंचलाधिकारी मोतीपुर द्वारा ऑनलाइन स्वीकृत की गई थी। वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए बियाडा को हस्तांतरित जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि इस जमाबंदी के संबंध में अंचल कार्यालय में कोई ऑफलाइन अभिलेख, दस्तावेज या वैध कागजात उपलब्ध नहीं हैं। इससे पता चलता है कि बिना किसी ठोस आधार और वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए बियाडा को हस्तांतरित सरकारी भूमि को निजी व्यक्ति के पक्ष में ऑनलाइन जमाबंदी कर दी गई। मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर अंचल में बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) की 16.86 एकड़ भूमि की अवैध जमाबंदी और उसे निजी व्यक्तियों को हस्तांतरित करने के मामले में गुरुवार को जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कार्रवाई की है। उन्होंने तत्कालीन अंचलाधिकारी (सीओ) मोतीपुर, रुचि कुमारी के निलंबन की अनुशंसा संबंधित विभाग से की है। निलंबन अवधि में अंचल कार्यालय औराई निर्धारित राजस्व कर्मचारी नागेंद्र प्रसाद ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए प्रपत्र ‘क’ गठित करने का आदेश जारी किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय अंचल कार्यालय औराई निर्धारित किया गया है। अधिकारी एवं कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई जिलाधिकारी ने कहा है कि सरकारी कार्य में अनियमितता, लापरवाही या भ्रष्ट आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारी एवं कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है। जांच प्रतिवेदन में महत्वपूर्ण तथ्य उजागर यह मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपर समाहर्ता राजस्व प्रशांत कुमार से इसकी जांच कराई। जांच प्रतिवेदन में कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर हुए हैं। ऑनलाइन स्वीकृत की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, 7 मई 2025 को ऑनलाइन परिमार्जन प्लस के माध्यम से मौजा बरियारपुर के खाता एवं खेसरा से कुल 9.56 एकड़ भूमि की ऑनलाइन जमाबंदी एक निजी व्यक्ति के नाम से सृजित की गई। यह जमाबंदी राजस्व कर्मचारी नागेंद्र प्रसाद ठाकुर की अनुशंसा पर तत्कालीन अंचलाधिकारी मोतीपुर द्वारा ऑनलाइन स्वीकृत की गई थी। वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए बियाडा को हस्तांतरित जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि इस जमाबंदी के संबंध में अंचल कार्यालय में कोई ऑफलाइन अभिलेख, दस्तावेज या वैध कागजात उपलब्ध नहीं हैं। इससे पता चलता है कि बिना किसी ठोस आधार और वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए बियाडा को हस्तांतरित सरकारी भूमि को निजी व्यक्ति के पक्ष में ऑनलाइन जमाबंदी कर दी गई।


