आगर मालवा में नर्सरी की आड़ में बनाई एमडी ड्रग:इंदौर की लोकेशन पर दर्ज उद्योग; 145 km दूर फैक्ट्री संचालित कर बना रहे थे ड्रग

आगर मालवा में नर्सरी की आड़ में बनाई एमडी ड्रग:इंदौर की लोकेशन पर दर्ज उद्योग; 145 km दूर फैक्ट्री संचालित कर बना रहे थे ड्रग

आगर-मालवा में शनिवार को एमडी ड्रग बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई थी। नारकोटिक्स विभाग ने छापा मारकर 31 किलो 250 ग्राम एमडी ड्रग जब्त की थी। जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 50 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। 3 दिन की जांच में फैक्ट्री को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बाहर से यह जगह “तीर्थ हर्बल फार्म एंड नर्सरी” के नाम से संचालित हो रही थी। फैक्ट्री का एमएसएमई रजिस्ट्रेशन इंदौर में पाया गया है। उद्योग विभाग में 29 जून 2024 को लघु एवं सूक्ष्म उद्योग के रूप में दर्ज कराया गया था। दस्तावेजों में प्लांट की लोकेशन इंदौर के नासिया रोड की बताई गई थी, जबकि हकीकत में फैक्ट्री 145 किमी दूर आगर-मालवा में संचालित थी। रजिस्ट्रेशन के लिए दिए गए ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर संदीप पोखरना और अभय पोखरना के नाम पर दर्ज हैं। 2 किमी कच्ची सड़क से जाता है फैक्ट्री का रास्ता
यह फैक्ट्री आगर-मालवा से करीब 25 किलोमीटर दूर झालावाड़-कोटा रोड पर स्थित है। हनुमान मंदिर और एक क्रेशर के पास से जंगल के अंदर जाने वाला रास्ता करीब दो किलोमीटर तक कच्ची सड़क से होकर जाता है। यहीं पर तीन एकड़ में फैली नर्सरी बनी हुई है। बाहर “तीर्थ हर्बल फार्म एंड नर्सरी” का बोर्ड लगा है और चारों ओर तारों की फेंसिंग की गई है। आसपास किसानों की खेती की जमीन है। फैक्ट्री के कर्ता-धर्ता इंदौर के बताए जा रहे हैं। कागजों में अनिल, अभय और संदीप पोखरना सहित उनके परिजनों के नाम जुड़े हैं। इसके अलावा कालूराम रातड़िया, उसकी पत्नी आरती रातड़िया और उनके करीबी लोगों के नाम भी सामने आए हैं। नर्सरी का बैंक खाता इंदौर के परदेशीपुरा स्थित एक बैंक में है। दस्तावेजों में इसे पौधों और फूलों के थोक व्यापार के रूप में दर्ज कराया गया था। लैब भी मिली, बाउंड्री पर करंट
नारकोटिक्स विभाग की छापेमारी के दौरान परिसर के भीतर एमडी ड्रग बनाने की पूरी लैब मिली। बाउंड्री पर करंट प्रवाहित किया जाता था और सुरक्षा व्यवस्था किसी औद्योगिक इकाई जैसी थी। जांच में सामने आया है कि यह फैक्ट्री मंदसौर-राजस्थान के देवलजी नेटवर्क से जुड़ी हुई है। दूसरी बार मंदसौर से जुड़े तार
यह दूसरा मामला है, जब ड्रग फैक्ट्री के तार मंदसौर से जुड़े मिले हैं। इससे पहले 6 अक्टूबर को भोपाल में पकड़ी गई 1814 करोड़ रुपए की एमडी ड्रग फैक्ट्री में मंदसौर निवासी हरीश आंजना का नाम सामने आया था। पूछताछ में उसने शोएब लाला को पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया था। आगर-मालवा मामले में पकड़े गए धारासिंह और प्रहलाद सिंह के तार भी मंदसौर के बड़े तस्कर गब्बू से जुड़े पाए गए हैं। गब्बू से अलग होने के बाद दोनों ने अपना अलग नेटवर्क खड़ा किया, हालांकि ग्राहक पुराने ही बने रहे। दोनों आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। आरोपी कुशाल सिंह ने पूछताछ में कबूल किया है कि धारासिंह के जरिए एमडी ड्रग देवलजी के जमशेद उर्फ सेठ लाला पठान तक पहुंचाई जानी थी। इससे पहले 21 अक्टूबर को गरोठ में नेटवर्क का एक कनेक्शन पकड़ा गया था, जो 1.50 लाख रुपए की एमडी ड्रग से जुड़ा था। मादक पदार्थों की तस्करी का रिकॉर्ड
नर्सरी के संचालक कालूराम रातड़िया के नाम पर मादक पदार्थों की तस्करी और आपराधिक रिकॉर्ड मिला है। 2 मार्च 2010 को कालूराम पिता लक्ष्मीनारायण रातड़िया के खिलाफ हरियाणा में कुरुक्षेत्र के थानेसर सदर पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस की धारा 15 और 29 के तहत केस दर्ज किया था। कालूराम रातड़िया और उसकी पत्नी आरती रातड़िया के खिलाफ कई केस दर्ज हैं। मारपीट, जान से मारने की धमकी का भी केस यह खबर भी पढ़ें… आगर मालवा में जंगल के भीतर 3 हेक्टेयर में फैक्ट्री आगर मालवा में जिस नर्सरी में एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री चलाई जा रही थी, उसका इंदौर से कनेक्शन सामने आया है। नर्सरी का संचालक कालूराम रातड़िया मूल रूप से सुसनेर के पास मोड़ी गांव का रहने वाला है। उसके खिलाफ हरियाणा में मादक पदार्थों की तस्करी समेत आगर मालवा में चार से ज्यादा केस दर्ज हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *