जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड, मोतिहारी के अध्यक्ष पद के लिए हो रहे उप-निर्वाचन की प्रक्रिया अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। चुनावी सरगर्मी के बीच राजा बाजार चेयरमैन एवं अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अखिलेश कुमार सिंह ने मोतिहारी में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में जिले भर से आए बड़ी संख्या में पैक्स प्रतिनिधि, पैक्स अध्यक्ष और सदस्य शामिल हुए। बैठक के दौरान सहकारिता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों, किसानों की समस्याओं और सहकारी बैंक की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। पिता के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए मैदान में उतरे हैं: अखिलेश बैठक को संबोधित करते हुए अखिलेश कुमार सिंह भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि वे किसी पद, प्रतिष्ठा या व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के लिए चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि अपने दिवंगत पिता स्वर्गीय सुदर्शन प्रसाद सिंह के अधूरे सपनों को पूरा करने के उद्देश्य से चुनावी मैदान में उतरे हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने अपना पूरा जीवन किसानों के हितों की रक्षा, उनके अधिकारों की लड़ाई और सहकारी व्यवस्था को मजबूत करने में लगा दिया। उन्हीं मूल्यों और विचारधाराओं को आगे बढ़ाना ही उनका संकल्प है। फसल बीमा योजना को बताया किसानों के साथ सबसे बड़ा अन्याय अपने संबोधन में अखिलेश कुमार सिंह ने किसानों की सबसे बड़ी समस्या के रूप में फसल बीमा योजना का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह योजना आज भी अधिकांश किसानों के लिए केवल कागजों तक सीमित रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि फसल नुकसान के बाद भी किसानों को समय पर और उचित मुआवजा नहीं मिल पाता, जिससे वे कर्ज और आर्थिक संकट में फंस जाते हैं।अखिलेश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उन्हें अध्यक्ष बनने का अवसर मिला, तो फसल बीमा योजना को पूरी तरह पारदर्शी बनाकर हर पात्र किसान तक इसका वास्तविक लाभ पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। समय पर ऋण और पारदर्शी बैंकिंग व्यवस्था का वादा अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि किसानों के लिए सबसे जरूरी है समय पर और सुलभ ऋण। उन्होंने आश्वासन दिया कि अध्यक्ष बनने के बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों को खेती के मौसम में बिना अनावश्यक देरी और परेशानी के ऋण उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है, ताकि किसी भी किसान या पैक्स प्रतिनिधि को बैंक के चक्कर न लगाने पड़ें। पैक्स को बनाना है मजबूत और आत्मनिर्भर बैठक में अखिलेश कुमार सिंह ने पैक्स को सहकारी व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि जब तक पैक्स आर्थिक और प्रशासनिक रूप से मजबूत नहीं होंगे, तब तक किसानों को उनका पूरा हक नहीं मिल पाएगा। उन्होंने पैक्स अध्यक्षों और सदस्यों को भरोसा दिलाया कि उनके नेतृत्व में पैक्स को अधिक अधिकार, संसाधन और सम्मान मिलेगा। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक केवल एक वित्तीय संस्था नहीं, बल्कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा की गारंटी है, जिसे ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ संचालित करना जरूरी है। पैक्स प्रतिनिधियों का मिला समर्थन, बढ़ा उत्साह बैठक के दौरान उपस्थित पैक्स अध्यक्षों और सदस्यों ने अखिलेश कुमार सिंह का फूल-मालाओं से स्वागत और सम्मान किया। कई वक्ताओं ने उनके विचारों और विजन का समर्थन करते हुए कहा कि सहकारी बैंक को ऐसे ही जमीनी नेतृत्व की जरूरत है, जो किसानों की समस्याओं को समझता हो। कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण और सकारात्मक रहा। पैक्स प्रतिनिधियों की बड़ी भागीदारी ने यह संकेत दे दिया कि उप-निर्वाचन में मुकाबला अब और अधिक रोचक और निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है। उप-निर्वाचन में बढ़ी राजनीतिक और सहकारी हलचल इस बैठक के बाद जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के उप-निर्वाचन को लेकर सहकारी और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानकारों का मानना है कि किसानों के मुद्दों को केंद्र में रखकर अखिलेश कुमार सिंह जिस तरह से चुनावी रणनीति आगे बढ़ा रहे हैं, उससे मुकाबला दिलचस्प होने जा रहा है। जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड, मोतिहारी के अध्यक्ष पद के लिए हो रहे उप-निर्वाचन की प्रक्रिया अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। चुनावी सरगर्मी के बीच राजा बाजार चेयरमैन एवं अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अखिलेश कुमार सिंह ने मोतिहारी में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में जिले भर से आए बड़ी संख्या में पैक्स प्रतिनिधि, पैक्स अध्यक्ष और सदस्य शामिल हुए। बैठक के दौरान सहकारिता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों, किसानों की समस्याओं और सहकारी बैंक की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। पिता के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए मैदान में उतरे हैं: अखिलेश बैठक को संबोधित करते हुए अखिलेश कुमार सिंह भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि वे किसी पद, प्रतिष्ठा या व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के लिए चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि अपने दिवंगत पिता स्वर्गीय सुदर्शन प्रसाद सिंह के अधूरे सपनों को पूरा करने के उद्देश्य से चुनावी मैदान में उतरे हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने अपना पूरा जीवन किसानों के हितों की रक्षा, उनके अधिकारों की लड़ाई और सहकारी व्यवस्था को मजबूत करने में लगा दिया। उन्हीं मूल्यों और विचारधाराओं को आगे बढ़ाना ही उनका संकल्प है। फसल बीमा योजना को बताया किसानों के साथ सबसे बड़ा अन्याय अपने संबोधन में अखिलेश कुमार सिंह ने किसानों की सबसे बड़ी समस्या के रूप में फसल बीमा योजना का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह योजना आज भी अधिकांश किसानों के लिए केवल कागजों तक सीमित रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि फसल नुकसान के बाद भी किसानों को समय पर और उचित मुआवजा नहीं मिल पाता, जिससे वे कर्ज और आर्थिक संकट में फंस जाते हैं।अखिलेश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उन्हें अध्यक्ष बनने का अवसर मिला, तो फसल बीमा योजना को पूरी तरह पारदर्शी बनाकर हर पात्र किसान तक इसका वास्तविक लाभ पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। समय पर ऋण और पारदर्शी बैंकिंग व्यवस्था का वादा अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि किसानों के लिए सबसे जरूरी है समय पर और सुलभ ऋण। उन्होंने आश्वासन दिया कि अध्यक्ष बनने के बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों को खेती के मौसम में बिना अनावश्यक देरी और परेशानी के ऋण उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है, ताकि किसी भी किसान या पैक्स प्रतिनिधि को बैंक के चक्कर न लगाने पड़ें। पैक्स को बनाना है मजबूत और आत्मनिर्भर बैठक में अखिलेश कुमार सिंह ने पैक्स को सहकारी व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि जब तक पैक्स आर्थिक और प्रशासनिक रूप से मजबूत नहीं होंगे, तब तक किसानों को उनका पूरा हक नहीं मिल पाएगा। उन्होंने पैक्स अध्यक्षों और सदस्यों को भरोसा दिलाया कि उनके नेतृत्व में पैक्स को अधिक अधिकार, संसाधन और सम्मान मिलेगा। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक केवल एक वित्तीय संस्था नहीं, बल्कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा की गारंटी है, जिसे ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ संचालित करना जरूरी है। पैक्स प्रतिनिधियों का मिला समर्थन, बढ़ा उत्साह बैठक के दौरान उपस्थित पैक्स अध्यक्षों और सदस्यों ने अखिलेश कुमार सिंह का फूल-मालाओं से स्वागत और सम्मान किया। कई वक्ताओं ने उनके विचारों और विजन का समर्थन करते हुए कहा कि सहकारी बैंक को ऐसे ही जमीनी नेतृत्व की जरूरत है, जो किसानों की समस्याओं को समझता हो। कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण और सकारात्मक रहा। पैक्स प्रतिनिधियों की बड़ी भागीदारी ने यह संकेत दे दिया कि उप-निर्वाचन में मुकाबला अब और अधिक रोचक और निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है। उप-निर्वाचन में बढ़ी राजनीतिक और सहकारी हलचल इस बैठक के बाद जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के उप-निर्वाचन को लेकर सहकारी और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानकारों का मानना है कि किसानों के मुद्दों को केंद्र में रखकर अखिलेश कुमार सिंह जिस तरह से चुनावी रणनीति आगे बढ़ा रहे हैं, उससे मुकाबला दिलचस्प होने जा रहा है।


