New Bridge construction: इंदौर की एमआर-12 सड़क को सिंहस्थ (Ujjain Simhastha 2028) के पहले पूरा करने के लिए आइडीए प्रयास कर रहा है। यहां कान्ह नदी पर कैलोद हाला इलाके में रिवर ब्रिज बनाने का काम अटका था, शासन से अनुमति मिलने के बाद इसकी शुरुआत कर दी गई है। सड़क पर बस्ती भी बाधक है। यहां रहने वाले लोगों को शिफ्ट करने के लिए प्रधानमंत्री आवास 2 के तहत बिल्डिंग बनाकर उसमें फ्लैट दिए जाने है, इसका काम जल्द शुरू होगा।
आइडीए ने सिंहस्थ के पहले एमआर-12 के साथ ही एमआर-11 को भी पूरा करने का लक्ष्य लिया है। एमआर-11 पर 3.5 किमी और 9 किमी का काम होना है। सड़क बनने की स्थिति में भारी वाहन शहर के बाहर से ही बायपास चले जाएंगे। एमआर-12 में रिवर ब्रिज और रेल्वे ओवरब्रिज का निर्माण भी जल्द पूरा करने का टारगेट है। रिवर ब्रिज में रास्ता बदलना था, जिसे लेकर शासन की अनुमति मिल गई। करीब 35 करोड़ में यह ब्रिज बनेगा, निर्माण शुरू हो गया है।
पीडब्ल्यूडी करेगा आरओबी निर्माण
आरओबी का निर्माण पीडब्ल्यूडी करेगा। यहां कुछ अवैध निर्माण एक बड़ी बस्ती भी बाधा बनी हुई है। बस्ती में करीब एक हजार से ज्यादा मकान है। आइडीए की बोर्ड बैठक में तय हुआ है कि प्रधानमंत्री आवास 2 योजना के तहत जो बिल्डिंग बनेगी उसमें बस्ती के लोगों को शिफ्ट कर बस्ती हटाने के बाद तेजी से काम आगे बढ़ेगा।
बिल्डिंग का काम भी जल्द शुरू करने की तैयारी है ताकि सिहंस्थ के पहले यह सड़क पूरी हो सके। शासन से कुछ अनुमतियां अटकी थी जो मिल गई है। साथ ही मास्टर प्लान की 87.40 किमी सड़क के निर्माण का लक्ष्य रखा है। आइडीए ने बड़ा गणपति चौराहे पर ओवरब्रिज बनाने की प्लानिंग की है, इसका ठेका भी दे दिया है। यहां की नर्मदा की ट्रंक लाइन व ड्रेनेज लाइन बाधक है, नगर निगम को इसे ट्रांसफर करना है जिसके बाद ब्रिज का काम तेजी से आगे बढ़ेगा। (MP News)


