मुजफ्फरपुर में रेलवे पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत सफलता हासिल की है। अभियान के दौरान रेलवे पुलिस ने अलग-अलग जगह से 38 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए, जिनमें से 17 मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। अपने खोए मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने रेलवे पुलिस की कार्यशैली की सराहना की। रेल एसपी बिना कुमारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रेलवे क्षेत्र में सफर के दौरान या स्टेशन परिसरों में मोबाइल फोन खोने की सूचना अक्सर मिलती है। ऐसे मामलों में रेलवे पुलिस कार्रवाई करते हुए शिकायत को C.I.R पोर्टल पर दर्ज करती है, जिससे मोबाइल की तकनीकी ट्रैकिंग संभव हो पाती है। IMEI नंबर से मोबाइल का लगाया पता रेल एसपी ने बताया कि C.I.R पोर्टल के माध्यम से यह पता लगाया जाता है कि खोया गया मोबाइल कहीं सक्रिय है या नहीं। मोबाइल के IMEI नंबर, लोकेशन ट्रैकिंग और तकनीकी जांच के आधार पर यह जानकारी मिलती है कि फोन किस क्षेत्र में उपयोग हो रहा है। इसके बाद संबंधित थानों और तकनीकी टीम की मदद से मोबाइल फोन को बरामद किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन मुस्कान के तहत बरामद मोबाइल सिर्फ स्थानीय क्षेत्र से ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के इलाकों से भी मिले हैं। कई मामलों में मोबाइल दूसरे जिलों और दूसरे राज्यों तक पहुंच चुके थे, फिर भी तकनीकी सहयोग से उन्हें बरामद कर उनके असली मालिकों तक पहुंचाया गया। इसी कारण इस अभियान को लोगों का भरपूर समर्थन और सराहना मिल रही है। रेल एसपी बिना कुमारी ने बताया कि बरामद किए गए मोबाइलों को पहचान और आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि के बाद उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा जा रहा है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि किसी का मोबाइल रेलवे क्षेत्र में खो जाए, तो वह बिना देरी किए रेलवे पुलिस को सूचना दें और शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले अनश अहमद ने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि करीब एक साल पहले यात्रा के दौरान चोरों ने झपट्टा मारकर उनका मोबाइल फोन छीन लिया था। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना रेलवे पुलिस को दी थी, लेकिन समय बीतने के साथ उन्हें मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद लगभग खत्म हो गई थी। अनश अहमद ने कहा कि रेलवे पुलिस के निरंतर प्रयास और तकनीकी कार्रवाई के कारण उन्हें उनका खोया मोबाइल वापस मिल गया। इस तरह की कार्रवाई से आम जनता का पुलिस पर भरोसा और मजबूत होता है। अनश अहमद ने कहा है कि एक साल बाद मोबाइल मिलने की उम्मीद मैंने छोड़ दी थी, लेकिन रेलवे पुलिस की मेहनत से आज मेरा मोबाइल मुझे वापस मिल गया। इसके लिए मैं रेलवे पुलिस का दिल से धन्यवाद करता हूं।” मुजफ्फरपुर में रेलवे पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत सफलता हासिल की है। अभियान के दौरान रेलवे पुलिस ने अलग-अलग जगह से 38 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए, जिनमें से 17 मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। अपने खोए मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने रेलवे पुलिस की कार्यशैली की सराहना की। रेल एसपी बिना कुमारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रेलवे क्षेत्र में सफर के दौरान या स्टेशन परिसरों में मोबाइल फोन खोने की सूचना अक्सर मिलती है। ऐसे मामलों में रेलवे पुलिस कार्रवाई करते हुए शिकायत को C.I.R पोर्टल पर दर्ज करती है, जिससे मोबाइल की तकनीकी ट्रैकिंग संभव हो पाती है। IMEI नंबर से मोबाइल का लगाया पता रेल एसपी ने बताया कि C.I.R पोर्टल के माध्यम से यह पता लगाया जाता है कि खोया गया मोबाइल कहीं सक्रिय है या नहीं। मोबाइल के IMEI नंबर, लोकेशन ट्रैकिंग और तकनीकी जांच के आधार पर यह जानकारी मिलती है कि फोन किस क्षेत्र में उपयोग हो रहा है। इसके बाद संबंधित थानों और तकनीकी टीम की मदद से मोबाइल फोन को बरामद किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन मुस्कान के तहत बरामद मोबाइल सिर्फ स्थानीय क्षेत्र से ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के इलाकों से भी मिले हैं। कई मामलों में मोबाइल दूसरे जिलों और दूसरे राज्यों तक पहुंच चुके थे, फिर भी तकनीकी सहयोग से उन्हें बरामद कर उनके असली मालिकों तक पहुंचाया गया। इसी कारण इस अभियान को लोगों का भरपूर समर्थन और सराहना मिल रही है। रेल एसपी बिना कुमारी ने बताया कि बरामद किए गए मोबाइलों को पहचान और आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि के बाद उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा जा रहा है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि किसी का मोबाइल रेलवे क्षेत्र में खो जाए, तो वह बिना देरी किए रेलवे पुलिस को सूचना दें और शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले अनश अहमद ने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि करीब एक साल पहले यात्रा के दौरान चोरों ने झपट्टा मारकर उनका मोबाइल फोन छीन लिया था। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना रेलवे पुलिस को दी थी, लेकिन समय बीतने के साथ उन्हें मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद लगभग खत्म हो गई थी। अनश अहमद ने कहा कि रेलवे पुलिस के निरंतर प्रयास और तकनीकी कार्रवाई के कारण उन्हें उनका खोया मोबाइल वापस मिल गया। इस तरह की कार्रवाई से आम जनता का पुलिस पर भरोसा और मजबूत होता है। अनश अहमद ने कहा है कि एक साल बाद मोबाइल मिलने की उम्मीद मैंने छोड़ दी थी, लेकिन रेलवे पुलिस की मेहनत से आज मेरा मोबाइल मुझे वापस मिल गया। इसके लिए मैं रेलवे पुलिस का दिल से धन्यवाद करता हूं।”


