खगड़िया में 4 साल की बच्ची की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। बच्ची 8 जनवरी को अपनी नानी के घर से अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने उसकी तलाश के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट डाले और पुलिस को भी सूचना दी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका। अगले दिन एसपी के निर्देश पर गंगौर थानाध्यक्ष ने ड्रोन कैमरे की मदद से तलाशी अभियान चलाया। दोपहर तक बच्ची का क्षत-विक्षत शव उसके घर से करीब 500 मीटर दूर सरसों के खेत से बरामद किया गया। पुलिस ने मौके को सुरक्षित कर एफएसएल टीम की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 18 वर्षीय आरोपी रंजीत कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने कहा कि आरोपी से कुछ अहम सबूत मिले हैं, जबकि पोस्टमार्टम और मेडिकल जांच रिपोर्ट के बाद मामले की पूरी सच्चाई सामने आएगी। इधर, घटना से आक्रोशित लोगों ने खगड़िया समाहरणालय परिसर में घुसकर जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। इस दौरान सरकारी कामकाज में बाधा डाली गई। पुलिस ने इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 82 नामजद और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। दूसरी ओर प्रशासन ने लापरवाही के आरोप में आठ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की है और चार थानाध्यक्षों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। परिजनों ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है, वहीं पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।
कलेक्टोरेट में हंगामे से जुड़े PHOTOS… सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरा घटनाक्रम चार थानाध्यक्षों से स्पष्टीकरण मांगा गया
समाहरणालय के प्रदर्शन को लेकर आठ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई और चार थानाध्यक्षों से स्पष्टीकरण मांगा गया। एसपी राकेश कुमार ने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ के नेतृत्व में SIT का गठन कर गहन जांच की जा रही है। लोगों ने बच्ची की पहचान उजागर की
इस पूरे मामले पर SP ने कहा कि घटना को राजनीतिकरण की कोशिश की गई। सोशल मीडिया के जरिए लोगों ने भीड़ को उकसाया जिसमें कुछ कथित नेता भी शामिल थे। लोगों को समाहरणालय में प्रवेश कराया। सरकार विरोधी नारे लगाए गए। पीड़िता की पहचान भी लोगों ने उजागर की। खगड़िया में 4 साल की बच्ची की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। बच्ची 8 जनवरी को अपनी नानी के घर से अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने उसकी तलाश के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट डाले और पुलिस को भी सूचना दी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका। अगले दिन एसपी के निर्देश पर गंगौर थानाध्यक्ष ने ड्रोन कैमरे की मदद से तलाशी अभियान चलाया। दोपहर तक बच्ची का क्षत-विक्षत शव उसके घर से करीब 500 मीटर दूर सरसों के खेत से बरामद किया गया। पुलिस ने मौके को सुरक्षित कर एफएसएल टीम की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 18 वर्षीय आरोपी रंजीत कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने कहा कि आरोपी से कुछ अहम सबूत मिले हैं, जबकि पोस्टमार्टम और मेडिकल जांच रिपोर्ट के बाद मामले की पूरी सच्चाई सामने आएगी। इधर, घटना से आक्रोशित लोगों ने खगड़िया समाहरणालय परिसर में घुसकर जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। इस दौरान सरकारी कामकाज में बाधा डाली गई। पुलिस ने इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 82 नामजद और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। दूसरी ओर प्रशासन ने लापरवाही के आरोप में आठ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की है और चार थानाध्यक्षों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। परिजनों ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है, वहीं पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।
कलेक्टोरेट में हंगामे से जुड़े PHOTOS… सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरा घटनाक्रम चार थानाध्यक्षों से स्पष्टीकरण मांगा गया
समाहरणालय के प्रदर्शन को लेकर आठ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई और चार थानाध्यक्षों से स्पष्टीकरण मांगा गया। एसपी राकेश कुमार ने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ के नेतृत्व में SIT का गठन कर गहन जांच की जा रही है। लोगों ने बच्ची की पहचान उजागर की
इस पूरे मामले पर SP ने कहा कि घटना को राजनीतिकरण की कोशिश की गई। सोशल मीडिया के जरिए लोगों ने भीड़ को उकसाया जिसमें कुछ कथित नेता भी शामिल थे। लोगों को समाहरणालय में प्रवेश कराया। सरकार विरोधी नारे लगाए गए। पीड़िता की पहचान भी लोगों ने उजागर की।


