मुजफ्फरपुर जंक्शन पर रनिंग स्टाफ और लोको पायलटों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन नौवें दिन भी जारी रहा। मंडल तबादले, जेपीओ (संयुक्त प्रक्रिया आदेश) और क्रू लॉबी से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन चल रहा है। रेलवे प्रशासन के साथ वार्ता भी हुई। लेकिन, ये किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, जिससे कर्मचारियों की नाराजगी और बढ़ गई है। लोको पायलट सूरज कुमार ने बताया कि आंदोलन को लेकर मंडल रेल प्रबंधक, सोनपुर अमित शरण और एजीएम, हाजीपुर अमरेंद्र कुमार के साथ बातचीत हुई थी, लेकिन यह वार्ता पूरी तरह बेकार रही। उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन ने अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया है। इसी कारण रनिंग स्टाफ ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है। मांगें पूरी होने तक पीछे हटने को तैयार नहीं कर्मचारी रनिंग स्टाफ का कहना है कि सोनपुर रेल मंडल के परिसीमन के बाद मुजफ्फरपुर–कर्पूरीग्राम सेक्शन को समस्तीपुर मंडल में शामिल कर दिया गया, लेकिन रनिंग स्टाफ और लोको पायलटों को जेपीओ के तहत मंडल विकल्प नहीं दिया गया। जबकि अन्य रेल कर्मचारियों को इसका फायदा मिला है। इससे करीब 450 से अधिक रनिंग स्टाफ प्रभावित हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि मुजफ्फरपुर जंक्शन पर पहले की व्यवस्था को बहाल किया जाए और सोनपुर व समस्तीपुर- दोनों मंडलों की क्रू लॉबी को पहले की तरह संचालित रखा जाए। साथ ही, जो रनिंग स्टाफ सोनपुर मंडल में रहना चाहता है, उसे वहां का विकल्प दिया जाए। शांतिपूर्ण लेकिन अडिग आंदोलन धरना स्थल पर मौजूद कर्मचारियों ने साफ कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है, लेकिन वे अपनी मांगों को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे। रनिंग स्टाफ ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक रेलवे प्रशासन उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। मुजफ्फरपुर जंक्शन पर रनिंग स्टाफ और लोको पायलटों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन नौवें दिन भी जारी रहा। मंडल तबादले, जेपीओ (संयुक्त प्रक्रिया आदेश) और क्रू लॉबी से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन चल रहा है। रेलवे प्रशासन के साथ वार्ता भी हुई। लेकिन, ये किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, जिससे कर्मचारियों की नाराजगी और बढ़ गई है। लोको पायलट सूरज कुमार ने बताया कि आंदोलन को लेकर मंडल रेल प्रबंधक, सोनपुर अमित शरण और एजीएम, हाजीपुर अमरेंद्र कुमार के साथ बातचीत हुई थी, लेकिन यह वार्ता पूरी तरह बेकार रही। उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन ने अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया है। इसी कारण रनिंग स्टाफ ने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है। मांगें पूरी होने तक पीछे हटने को तैयार नहीं कर्मचारी रनिंग स्टाफ का कहना है कि सोनपुर रेल मंडल के परिसीमन के बाद मुजफ्फरपुर–कर्पूरीग्राम सेक्शन को समस्तीपुर मंडल में शामिल कर दिया गया, लेकिन रनिंग स्टाफ और लोको पायलटों को जेपीओ के तहत मंडल विकल्प नहीं दिया गया। जबकि अन्य रेल कर्मचारियों को इसका फायदा मिला है। इससे करीब 450 से अधिक रनिंग स्टाफ प्रभावित हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि मुजफ्फरपुर जंक्शन पर पहले की व्यवस्था को बहाल किया जाए और सोनपुर व समस्तीपुर- दोनों मंडलों की क्रू लॉबी को पहले की तरह संचालित रखा जाए। साथ ही, जो रनिंग स्टाफ सोनपुर मंडल में रहना चाहता है, उसे वहां का विकल्प दिया जाए। शांतिपूर्ण लेकिन अडिग आंदोलन धरना स्थल पर मौजूद कर्मचारियों ने साफ कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है, लेकिन वे अपनी मांगों को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे। रनिंग स्टाफ ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक रेलवे प्रशासन उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।


