सीतापुर में सिधौली तहसील क्षेत्र में सामने आई गंभीर गड़बड़ियों पर डीएम राजा गणपति आर ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो लेखपालों को निलंबित करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई कसमंडा और मधवापुर परगना पीरनगर से जुड़े अलग-अलग मामलों में की गई है। डीएम के निर्देश पर एसडीएम द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई से तहसील क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। जानकारी के अनुसार कसमंडा के तत्कालीन लेखपाल एरम खातून पर फर्जी निवास प्रमाण पत्र जारी करने का आरोप सिद्ध होने के बाद कार्रवाई की गई है। बताया जाता है कि कसमंडा ग्राम प्रधान प्रियंका देवी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम सभा में राधा पत्नी श्रीकृष्ण नाम की कोई महिला निवास नहीं करती है, इसके बावजूद फर्जी निवास प्रमाण पत्र के आधार पर उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज करा दिया गया। शिकायत के बाद तहसीलदार मुकेश शर्मा द्वारा कराई गई जांच में फर्जी निवास प्रमाण पत्र जारी होने की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर उपजिलाधिकारी राखी वर्मा ने तत्कालीन लेखपाल एरम खातून, जिनकी वर्तमान तैनाती हिंडौरा में थी, को निलंबित कर दिया। साथ ही उन्हें रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। दूसरा मामला मधवापुर परगना पीरनगर का है। यहां चकमार्ग को अतिक्रमणमुक्त कराए जाने की कार्रवाई के दौरान सामने आया कि चकमार्ग पर बनी दीवार गाटा संख्या 203 में सम्मिलित नहीं है। जांच में इस गड़बड़ी के लिए तत्कालीन लेखपाल शशांक मिश्रा को जिम्मेदार माना गया। वर्तमान में उनकी तैनाती सीतारसोई में थी। प्रशासन ने उन्हें भी निलंबित कर दिया है। दोनों मामलों में विस्तृत जांच के लिए तहसीलदार को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। एसडीएम राखी वर्मा का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी कार्यों में लापरवाही और अनियमितता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


