ब्यावर-मसूदा-गोयला मार्ग पर स्थित लसाडिया टोल प्लाजा को हटाने और किसानों व ग्रामीणों को टोल मुक्त करने की मांग को लेकर टोल संघर्ष समिति ने मंगलवार को जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। समिति ने प्रशासन को आगाह करते हुए कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा। समिति के अनुसार, यह टोल प्लाजा नियम विरुद्ध स्थापित किया गया है, क्योंकि टोल कंपनी ने राज्य सरकार के नोटिफिकेशन का उल्लंघन किया है। यह मार्ग ग्रामीणों और किसानों को जिला मुख्यालय से जोड़ता है, और इस पर प्रतिदिन आवाजाही करने वाले लोगों से जबरन टोल वसूला जा रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। संघर्ष समिति ने बताया कि पूर्व में भी इस संबंध में ज्ञापन दिए गए थे और लगातार धरना-प्रदर्शन जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। समिति ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। समिति ने कहा कि आंदोलन के उग्र होने पर कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है, जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस दौरान भंवरलाल बुला, इस्माइल चाचा, हनुमान जांगिड़, पूर्व रायपुर प्रधान लाल मोहम्मद, ब्यावर जिला सरपंच संघ अध्यक्ष पदम सिंह सुहावा, अंधेरी देवरी के पूर्व सरपंच जगदीश सिंह रावत, सरदारा काठात, सरपंच सुभान काठात, नवाब चाचा, लसाडिया सरपंच प्रतिनिधि पप्पू काठात, पाखरियावास सरपंच प्रतिनिधि हुसैन काठात, लूलवा सरपंच सरवन काठात, सलीम काठात, असरफ काठात, दिलीप टाक, चेतन काठात, पंकज टाक सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।


