बरेली के रिजर्व पुलिस लाइन ग्राउंड पर रविवार को आयोजित पासिंग आउट परेड में 783 महिला रिक्रूट्स यूपी पुलिस का हिस्सा बन गईं। यह समारोह यूपी पुलिस के बदलते स्वरूप और कानून व्यवस्था में महिलाओं की सशक्त होती भूमिका का प्रतीक बना। इन महिला रिक्रूट्स ने अनुशासन और तालमेल के साथ परेड कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। यह दर्शाता है कि पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है, जिससे उन्हें नई ताकत मिली है। कार्यक्रम में एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा ने परेड की सलामी ली। उन्होंने इसे एक भावनात्मक और गौरवपूर्ण क्षण बताया, जब हर रिक्रूट संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेकर जनता की सेवा के लिए पहला कदम बढ़ाता है। उन्होंने अभिभावकों की उपस्थिति को भी इस उपलब्धि का अहम हिस्सा बताया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऑनलाइन संबोधन में नव-नियुक्त पुलिसकर्मियों को ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम करने का संदेश दिया। उनका संबोधन एलईडी स्क्रीन के माध्यम से दोनों स्थलों पर प्रसारित किया गया। इस पासिंग आउट परेड का एक महत्वपूर्ण पहलू तकनीक आधारित पुलिसिंग पर जोर रहा। रिक्रूट्स को साइबर क्राइम से निपटने और आधुनिक तकनीकों के उपयोग का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। “यक्ष ऐप” के इस्तेमाल पर खास जोर दिया गया, ताकि बीट पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। अधिकारियों ने रिक्रूट्स को थानों में तैनाती के दौरान इस तकनीक को गहराई से समझने और अपराध नियंत्रण में इसका उपयोग करने के निर्देश दिए। पास आउट होने के बाद सभी रिक्रूट्स को तीन महीने के लिए जिला स्तर पर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए थानों में भेजा जाएगा। यहां वे जमीनी स्तर पर पुलिसिंग की बारीकियां सीखेंगे और वास्तविक परिस्थितियों में अपने प्रशिक्षण को लागू करेंगे। पुलिस विभाग में शामिल हुए इन रिक्रूट्स में बड़ी संख्या ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट युवाओं की है। यह शिक्षित भागीदारी पुलिसिंग में नए दृष्टिकोण और तकनीकी समझ लाने में सहायक सिद्ध होगी।


