मधुबनी में अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी सिंडिकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से अलग-अलग राज्यों और जिलों के 62 मूल पासपोर्ट समेत कई सामान बरामद किए गए हैं। यह जानकारी वरीय पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने सोमवार शाम करीब 4:30 बजे अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता करके दी। एसएसपी ने बताया कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध रोकने के लिए लगातार वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान 6 और 7 सितंबर 2026 की रात करीब 2 बजे घोघरडीहा थाना पुलिस हनुमान चौक के पास गश्त और वाहन जांच कर रही थी। इसी समय शत्रुपट्टी की तरफ से मोटरसाइकिल पर आ रहे दो लोग पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान किसनीपट्टी निवासी मो० इरशाद (पिता मो० आरजू) और शत्रुपट्टी निवासी रफी अहमद (पिता सफी अहमद) के रूप में हुई। उनकी तलाशी के दौरान बैग से अलग-अलग राज्यों और जिलों के 62 मूल पासपोर्ट, पांच खाली रजिस्ट्री लिफाफे और दो मोबाइल फोन मिले। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने छापेमारी की और मामले के मुख्य सरगना किसनीपट्टी निवासी मो० आरजू (पिता मो० खलील) और ग्रामीण डाक सेवक शत्रुपट्टी निवासी मो० अदनान हुसैन (पिता कमरे आलम) को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, मो० आरजू लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने का लालच देकर पासपोर्ट मंगवाता था। वह प्रति पासपोर्ट दो लाख रुपये लेकर लोगों को टूरिस्ट वीजा पर विदेश भेजता था। पुलिस ने कुल 62 पासपोर्ट, एक मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन और पांच डाक लिफाफे जब्त किए हैं। घोघरडीहा थाना में संबंधित धाराओं में केस दर्ज करके चारों आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है। पुलिस पटना और कानपुर से जुड़े एजेंटों की गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई कर रही है। मधुबनी में अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी सिंडिकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से अलग-अलग राज्यों और जिलों के 62 मूल पासपोर्ट समेत कई सामान बरामद किए गए हैं। यह जानकारी वरीय पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने सोमवार शाम करीब 4:30 बजे अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता करके दी। एसएसपी ने बताया कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध रोकने के लिए लगातार वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान 6 और 7 सितंबर 2026 की रात करीब 2 बजे घोघरडीहा थाना पुलिस हनुमान चौक के पास गश्त और वाहन जांच कर रही थी। इसी समय शत्रुपट्टी की तरफ से मोटरसाइकिल पर आ रहे दो लोग पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान किसनीपट्टी निवासी मो० इरशाद (पिता मो० आरजू) और शत्रुपट्टी निवासी रफी अहमद (पिता सफी अहमद) के रूप में हुई। उनकी तलाशी के दौरान बैग से अलग-अलग राज्यों और जिलों के 62 मूल पासपोर्ट, पांच खाली रजिस्ट्री लिफाफे और दो मोबाइल फोन मिले। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने छापेमारी की और मामले के मुख्य सरगना किसनीपट्टी निवासी मो० आरजू (पिता मो० खलील) और ग्रामीण डाक सेवक शत्रुपट्टी निवासी मो० अदनान हुसैन (पिता कमरे आलम) को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, मो० आरजू लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने का लालच देकर पासपोर्ट मंगवाता था। वह प्रति पासपोर्ट दो लाख रुपये लेकर लोगों को टूरिस्ट वीजा पर विदेश भेजता था। पुलिस ने कुल 62 पासपोर्ट, एक मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन और पांच डाक लिफाफे जब्त किए हैं। घोघरडीहा थाना में संबंधित धाराओं में केस दर्ज करके चारों आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है। पुलिस पटना और कानपुर से जुड़े एजेंटों की गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई कर रही है।

