फरवरी 2026 में मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री ने विधानसभा में 5,735 स्कूलों को जर्जर बताया। पांच महीने बाद जुलाई में दावा किया कि एक भी सरकारी स्कूल भवन जर्जर नहीं है। लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में 5,770 स्कूलों में मरम्मत, सुधार या नए भवन की जरूरत दर्ज है। भास्कर इन्वेस्टिगेशन में सरकारी आंकड़ों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर सामने आया। कई स्कूलों की छतें टपक रही हैं और दीवारें दरकी हुई हैं। वीडियो में पूरी रिपोर्ट देखें।

