किशनगंज में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात का असर अब स्थानीय बाजार और आम लोगों की जिंदगी पर भी दिखने लगा है। पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी से जिलेभर में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं ठाकुरगंज प्रखंड में तेल की कमी के कारण चार पेट्रोल पंप बंद होने की खबर से लोगों की चिंता और गहरा गई है। शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल के नए दाम लागू होने के बाद जिले के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही भारी भीड़ देखने को मिली। आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ वाहन चालकों में भी भविष्य को लेकर चिंता साफ नजर आई। कई लोग इस आशंका में अधिक मात्रा में ईंधन खरीदते दिखे कि आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं। पेट्रोल 110 रुपए के पार, डीजल भी महंगा नए रेट के अनुसार जिले में पेट्रोल 110.26 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। पेट्रोल की कीमत में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं डीजल 96.34 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है, जिसमें 3.25 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। अचानक बढ़ी कीमतों का सीधा असर आम लोगों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। खासकर मध्यमवर्गीय परिवारों, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना वाहन से सफर करने वालों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें देवघाट खगड़ा स्थित पेट्रोल पंप समेत शहर के कई पेट्रोल पंपों पर शुक्रवार सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं। लोग बड़ी संख्या में पेट्रोल और डीजल खरीदने पहुंचे। कई जगहों पर बाइक और चारपहिया वाहनों की लाइन सड़क तक पहुंच गई। पेट्रोल पंप कर्मियों ने बताया कि सुबह से ही नए रेट पर तेल की बिक्री शुरू कर दी गई है। कीमत बढ़ने के बावजूद ग्राहकों की संख्या में कोई कमी नहीं आई। उल्टे सामान्य दिनों की तुलना में शुक्रवार को अधिक भीड़ देखने को मिली। लोगों में और बढ़ोतरी की आशंका पंप कर्मियों के अनुसार, लोगों में यह डर बना हुआ है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात और बिगड़े, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसी वजह से कई लोग जरूरत से अधिक ईंधन भरवाते नजर आए। वाहन चालकों का कहना है कि पहले से ही महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ रखी है। अब ईंधन की कीमतों में वृद्धि से रोजमर्रा का खर्च और बढ़ जाएगा। इसका असर परिवहन खर्च से लेकर खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। ठाकुरगंज में चार पेट्रोल पंप बंद इधर ठाकुरगंज प्रखंड में तेल की कमी के कारण चार पेट्रोल पंप बंद होने की जानकारी सामने आई है। इससे आसपास के इलाकों में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई वाहन चालक ईंधन लेने के लिए दूसरे क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों की ओर रुख कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में और अधिक परेशानी बढ़ सकती है। खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को ईंधन के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। ऑटो चालकों और छोटे व्यवसायियों की बढ़ी चिंता ईंधन महंगा होने से सबसे ज्यादा असर ऑटो चालकों, छोटे व्यवसायियों और बाइक से रोजाना आवागमन करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि किराया बढ़ाने पर यात्रियों की संख्या कम हो सकती है, जबकि पुरानी दर पर चलने से कमाई प्रभावित होगी। जिले के करीब एक दर्जन पेट्रोल पंपों पर दिनभर कमोबेश यही स्थिति बनी रही। लोग अब सरकार से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ताकि बढ़ती महंगाई के बीच उन्हें कुछ राहत मिल सके। किशनगंज में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात का असर अब स्थानीय बाजार और आम लोगों की जिंदगी पर भी दिखने लगा है। पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी से जिलेभर में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं ठाकुरगंज प्रखंड में तेल की कमी के कारण चार पेट्रोल पंप बंद होने की खबर से लोगों की चिंता और गहरा गई है। शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल के नए दाम लागू होने के बाद जिले के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही भारी भीड़ देखने को मिली। आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ वाहन चालकों में भी भविष्य को लेकर चिंता साफ नजर आई। कई लोग इस आशंका में अधिक मात्रा में ईंधन खरीदते दिखे कि आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं। पेट्रोल 110 रुपए के पार, डीजल भी महंगा नए रेट के अनुसार जिले में पेट्रोल 110.26 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। पेट्रोल की कीमत में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं डीजल 96.34 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है, जिसमें 3.25 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। अचानक बढ़ी कीमतों का सीधा असर आम लोगों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। खासकर मध्यमवर्गीय परिवारों, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना वाहन से सफर करने वालों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें देवघाट खगड़ा स्थित पेट्रोल पंप समेत शहर के कई पेट्रोल पंपों पर शुक्रवार सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं। लोग बड़ी संख्या में पेट्रोल और डीजल खरीदने पहुंचे। कई जगहों पर बाइक और चारपहिया वाहनों की लाइन सड़क तक पहुंच गई। पेट्रोल पंप कर्मियों ने बताया कि सुबह से ही नए रेट पर तेल की बिक्री शुरू कर दी गई है। कीमत बढ़ने के बावजूद ग्राहकों की संख्या में कोई कमी नहीं आई। उल्टे सामान्य दिनों की तुलना में शुक्रवार को अधिक भीड़ देखने को मिली। लोगों में और बढ़ोतरी की आशंका पंप कर्मियों के अनुसार, लोगों में यह डर बना हुआ है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात और बिगड़े, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसी वजह से कई लोग जरूरत से अधिक ईंधन भरवाते नजर आए। वाहन चालकों का कहना है कि पहले से ही महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ रखी है। अब ईंधन की कीमतों में वृद्धि से रोजमर्रा का खर्च और बढ़ जाएगा। इसका असर परिवहन खर्च से लेकर खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। ठाकुरगंज में चार पेट्रोल पंप बंद इधर ठाकुरगंज प्रखंड में तेल की कमी के कारण चार पेट्रोल पंप बंद होने की जानकारी सामने आई है। इससे आसपास के इलाकों में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई वाहन चालक ईंधन लेने के लिए दूसरे क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों की ओर रुख कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में और अधिक परेशानी बढ़ सकती है। खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को ईंधन के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। ऑटो चालकों और छोटे व्यवसायियों की बढ़ी चिंता ईंधन महंगा होने से सबसे ज्यादा असर ऑटो चालकों, छोटे व्यवसायियों और बाइक से रोजाना आवागमन करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि किराया बढ़ाने पर यात्रियों की संख्या कम हो सकती है, जबकि पुरानी दर पर चलने से कमाई प्रभावित होगी। जिले के करीब एक दर्जन पेट्रोल पंपों पर दिनभर कमोबेश यही स्थिति बनी रही। लोग अब सरकार से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ताकि बढ़ती महंगाई के बीच उन्हें कुछ राहत मिल सके।


