जापान के नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है। एलावेनिल वलारिवन, सोनम म्हास्कर और विनोद विदर्सा की भारतीय टीम ने महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता।मेडल जीतने के बाद सोनम म्हास्कर ने अपनी खुशी जाहिर की और अपनी सफलता का श्रेय परिवार के साथ उन सभी लोगों को दिया, जिन्होंने उनके सफर में उनका साथ दिया।मेरे लिए और भारत के लिए गर्व का पलसोनम म्हास्कर ने कहा, “सबसे पहले तो यह बहुत अच्छा लग रहा है। यह मेरे, मेरे परिवार और भारत के लिए गर्व का पल है।” उन्होंने अपनी सफलता में साथ देने वाले प्रायोजकों, महासंघ, भारतीय खेल प्राधिकरण और अन्य लोगों का भी धन्यवाद किया।सोनम ने कहा, “मैं अपने सभी प्रायोजकों, महासंघ, भारतीय खेल प्राधिकरण और उन सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहती हूं, जिन्होंने यह पदक जीतने में मेरा साथ दिया।”#WATCH | Aichi-Nagoya Asian Games 2026: On winning the Silver medal, Indian shooter Sonam Mhaskar says, “First of all, it feels great. It is a proud moment for me, my family, and India. I want to thank everyone—my sponsors, the federation, SAI, and all those who supported me in… https://t.co/Hylvg015qE pic.twitter.com/VcSzRxrIWT— ANI (@ANI) September 20, 2026इसे भी पढ़ें: 8 साल, कई हार, लेकिन फिर भी नहीं मानी हार… Asian Games 2026 में Vidarsa ने भारत के लिए जीता सिल्वर2019 में कॉलेज से शुरू हुआ सफरसोनम ने बताया कि उन्होंने 2019 में कॉलेज के दौरान खेल की शुरुआत की थी। उस समय उनके कॉलेज में केवल चार खेलों का विकल्प था, राइफल शूटिंग, तीरंदाजी, मुक्केबाजी और जूडो।उन्होंने बताया कि वह मुक्केबाजी या जूडो में नहीं जाना चाहती थीं। इसके बाद उन्होंने कुछ दिनों तक तीरंदाजी आजमाई, लेकिन बाद में राइफल शूटिंग में उनकी रुचि बढ़ गई।सोनम ने कहा, “मैंने कुछ दिनों तक तीरंदाजी आजमाई, लेकिन फिर मेरी रुचि राइफल शूटिंग में हो गई। मैंने इसमें जिला स्कूल खेल स्तर पर एक पदक भी जीता।”इस सफलता के बाद उनका भरोसा बढ़ा और उन्हें लगा कि वह इस खेल में आगे कुछ हासिल कर सकती हैं। उन्होंने कहा, “उस पदक से मेरी रुचि और बढ़ी और मुझे लगा कि मैं इस खेल में सच में कुछ हासिल कर सकती हूं। यहीं से मेरा सफर शुरू हुआ।”इसे भी पढ़ें: Asian Games: Vidarsa Vinod ने 10m Air Rifle टीम स्पर्धा में जीता Silver Medalमाता-पिता को समर्पित किया पदकसोनम ने एशियन गेम्स का सिल्वर मेडल अपने माता-पिता को समर्पित किया। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने मुश्किल हालात के बावजूद हमेशा उनका साथ दिया।उन्होंने कहा, “मैं यह पदक अपने माता-पिता को समर्पित करना चाहती हूं, क्योंकि मुश्किलों के बावजूद उन्होंने मेरा बहुत साथ दिया। अगर उन्होंने मेरा साथ नहीं दिया होता, तो मुझे नहीं लगता कि मैं आज यहां होती।”
जापान के नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है। एलावेनिल वलारिवन, सोनम म्हास्कर और विनोद विदर्सा की भारतीय टीम ने महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता।
मेडल जीतने के बाद सोनम म्हास्कर ने अपनी खुशी जाहिर की और अपनी सफलता का श्रेय परिवार के साथ उन सभी लोगों को दिया, जिन्होंने उनके सफर में उनका साथ दिया।
मेरे लिए और भारत के लिए गर्व का पल
सोनम म्हास्कर ने कहा, “सबसे पहले तो यह बहुत अच्छा लग रहा है। यह मेरे, मेरे परिवार और भारत के लिए गर्व का पल है।” उन्होंने अपनी सफलता में साथ देने वाले प्रायोजकों, महासंघ, भारतीय खेल प्राधिकरण और अन्य लोगों का भी धन्यवाद किया।
सोनम ने कहा, “मैं अपने सभी प्रायोजकों, महासंघ, भारतीय खेल प्राधिकरण और उन सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहती हूं, जिन्होंने यह पदक जीतने में मेरा साथ दिया।”
#WATCH | Aichi-Nagoya Asian Games 2026: On winning the Silver medal, Indian shooter Sonam Mhaskar says, “First of all, it feels great. It is a proud moment for me, my family, and India. I want to thank everyone—my sponsors, the federation, SAI, and all those who supported me in… https://t.co/Hylvg015qE pic.twitter.com/VcSzRxrIWT
— ANI (@ANI) September 20, 2026
इसे भी पढ़ें: 8 साल, कई हार, लेकिन फिर भी नहीं मानी हार… Asian Games 2026 में Vidarsa ने भारत के लिए जीता सिल्वर
2019 में कॉलेज से शुरू हुआ सफर
सोनम ने बताया कि उन्होंने 2019 में कॉलेज के दौरान खेल की शुरुआत की थी। उस समय उनके कॉलेज में केवल चार खेलों का विकल्प था, राइफल शूटिंग, तीरंदाजी, मुक्केबाजी और जूडो।
उन्होंने बताया कि वह मुक्केबाजी या जूडो में नहीं जाना चाहती थीं। इसके बाद उन्होंने कुछ दिनों तक तीरंदाजी आजमाई, लेकिन बाद में राइफल शूटिंग में उनकी रुचि बढ़ गई।
सोनम ने कहा, “मैंने कुछ दिनों तक तीरंदाजी आजमाई, लेकिन फिर मेरी रुचि राइफल शूटिंग में हो गई। मैंने इसमें जिला स्कूल खेल स्तर पर एक पदक भी जीता।”
इस सफलता के बाद उनका भरोसा बढ़ा और उन्हें लगा कि वह इस खेल में आगे कुछ हासिल कर सकती हैं। उन्होंने कहा, “उस पदक से मेरी रुचि और बढ़ी और मुझे लगा कि मैं इस खेल में सच में कुछ हासिल कर सकती हूं। यहीं से मेरा सफर शुरू हुआ।”
इसे भी पढ़ें: Asian Games: Vidarsa Vinod ने 10m Air Rifle टीम स्पर्धा में जीता Silver Medal
माता-पिता को समर्पित किया पदक
सोनम ने एशियन गेम्स का सिल्वर मेडल अपने माता-पिता को समर्पित किया। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने मुश्किल हालात के बावजूद हमेशा उनका साथ दिया।
उन्होंने कहा, “मैं यह पदक अपने माता-पिता को समर्पित करना चाहती हूं, क्योंकि मुश्किलों के बावजूद उन्होंने मेरा बहुत साथ दिया। अगर उन्होंने मेरा साथ नहीं दिया होता, तो मुझे नहीं लगता कि मैं आज यहां होती।”
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