Arnav Paparkar -विंबलडन में करीब 36 साल बाद एक भारतीय ने कमाल दिखाया है। भारत के 18 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी अर्नव पापरकर लड़कों के अंतिम-8 में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय बन गए हैं। उन्होंने लंदन में खेले जा रहे साल के तीसरे ग्रैंड स्लेम विंबलडन जूनियर बॉयज सिंगल्स के क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली है। अर्नव ने अंतिम-16 राउंड में जापान के रियो तबाता को 6- 2, 6-1 से करारी शिकस्त दी। पुणे के रहने वाले अर्नव पापरकर इससे पहले अंतरराष्ट्रीय जूनियर खिताब जीत चुके हैं। उनको शुरु से ही खेलों में रुचि थी। वे जहां तैराकी सीखने जाते थे वहीं पास में टेनिस कोर्ट था। अर्नव ने वहीं प्रेक्टिस शुरु की। उन्होंने छह साल की उम्र में रैकेट थाम लिया था। अर्नव के परिवार ने भी उनके शौक पर बहुत पैसा खर्च किया। उन्हें स्पेन में महंगा प्रशिक्षण दिलाया।
अर्नव पापरकर के विंबलडन जूनियर बॉयज सिंगल्स में धमाल मचाने पर भारतीय प्रशंसकों ने खुशी जताई है। वे 36 साल बाद इस टूर्नामेंट के क्वार्टरफाइनल में जगह बनाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने हैं। इससे पहले लिएंडर पेस ने सन 1990 में ये कमाल किया था।
शुरुआत से ही खेलों में रुचि थी
अर्नव पापरकर पुणे के रहने वाले हैं। उन्होंने कम उम्र में ही टेनिस का रैकेट थाम लिया था। अर्नव ने कहा, मैंने छह साल की उम्र में रैकेट उठा लिया था। मेरी शुरुआत से ही खेलों में रुचि थी। मैं जिस जगह तैराकी करने जाता था, उसके पीछे टेनिस कोर्ट था। मैं कोर्ट के पास जाकर टेनिस खेलते हुए देखना लगा तो वहां मौजूद विशेषज्ञ ने बुलाया और टेनिस खेलने के लिए कहा। इसके बाद से मैंने टेनिस की प्रेक्टिस शुरू कर दी थी।
स्पेन में ली महंगी ट्रेनिंग
अर्नव पापरकर ने टेनिस में अपने खेल को निखारने के लिए बेहद मेहनत की। कोर्ट पर घंटों पसीना बहाना, लगातार प्रेक्टिस की। अर्नव पापरकर के परिवार ने भी उनकी खूब मदद की। अच्छी ट्रेनिंग देने के लिए उनके ऊपर काफी खर्चा किया और हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराईं। यहां तक स्पेन भेजकर खासी महंगी ट्रेनिंग दिलाई।
स्पेन में ट्रेनिंग लेने के बाद अर्नव पापरकर में गजब का आत्मविश्वास आ गया। कठिन ट्रेनिंग और कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में शिरकत करके उन्होंने अपने खेल को खूब निखारा। अर्नव पापरकर ने 2025 में कुआलालंपुर में अंतरराष्ट्रीय जूनियर खिताब जीता था। ये उनके केरियर का पहला अंतरराष्ट्रीय खिताब था। अब विंबलंडन में जूनियर बॉयज सिंगल्स के क्वार्टरफाइनल पर सभी भारतीय फैंस की नजरें रहेंगी।


Arnav Paparkar storms into the Quarterfinals at Wimbledon Juniors 2026 
Ryo Tabata, booking his place in the quarterfinals.