छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय(CSJMU) के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर की कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी सफलता हासिल की है। यूजीसी नेट, सीटेट, आईआईटी जैम, गेट और जीपैट जैसी परीक्षाओं में यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागों के 175 से ज्यादा छात्र सफल रहे। इन सभी होनहारों को विवि प्रशासन ने एक भव्य कार्यक्रम में सम्मानित किया। इस दौरान कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने घोषणा की कि भविष्य में विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों (सिलेबस) में ऐसे बदलाव किए जाएंगे, जिससे छात्र अपनी रेगुलर पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर सकें। यूनिवर्सिटी के लिए यह बड़ी उपलब्धि इसलिए है क्योंकि सफलता पाने वाले छात्र किसी एक विभाग से नहीं, बल्कि पूरे कैंपस से हैं। इनमें विधि (लॉ), अर्थशास्त्र, मैनेजमेंट, शिक्षाशास्त्र जैसे मानविकी विषयों के साथ-साथ भाषा और विज्ञान संकाय के छात्र भी शामिल हैं। इन 175 छात्र-छात्राओं ने अपनी मेहनत से यह साबित किया कि विश्वविद्यालय का शैक्षणिक स्तर अब राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है। प्रतियोगी परीक्षाओं की जरूरतों पर रहेगा फोकस कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने मेधावियों को बधाई देते हुए उनके सुझावों पर अमल करने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अब आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि छात्रों को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि करियर पर केंद्रित होकर पढ़ाई करनी चाहिए। इसके लिए कैंपस में जरूरी सुविधाएं और कॉम्पिटेटिव माहौल और बेहतर बनाया जाएगा। शिक्षण पद्धति में बदलाव का दिख रहा असर विश्वविद्यालय की ‘आउटकम बेस्ड एजुकेशन’ नीति का असर अब नतीजों में दिखने लगा है। अधिष्ठाता एकेडमिक प्रो. बृष्टि मित्रा ने बताया कि नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत शैक्षणिक वातावरण को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि विद्यार्थी अपनी डिग्री पूरी करने के दौरान ही प्रोफेशनल और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी झंडे गाड़ सकें। प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने इन उपलब्धियों को शिक्षकों के ज्ञान और योग्यता का प्रतिबिंब बताया। अनुभव साझा कर बोले छात्र ‘कैंपस में बढ़ी सुविधाएं’
सम्मान समारोह के दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं ने अपनी तैयारी के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे विश्वविद्यालय के रिसोर्सेज और लाइब्रेरी ने उन्हें इन परीक्षाओं को क्रैक करने में मदद की। कार्यक्रम के अंत में सभी सफल छात्रों को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। इस आयोजन का संचालन डॉ. रत्नर्त्तु: मिश्रा ने किया और संयोजन डॉ. अंशु सिंह व डॉ. मीनाक्षी द्वारा किया गया।


