सवाल : महापौर के रूप में आपकी तीन प्रमुख प्राथमिकताएं क्या हैं?
महापौर : मेरी तीन प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। पहली, शहर को क्लीन सिटी बनाना। दूसरी, शहर के सभी गड्ढों को भरकर सड़कों को दुरुस्त करना। तीसरी, यह सुनिश्चित करना कि रात में सभी खंभों पर स्ट्रीट लाइटें जलें। अभी करीब 70 प्रतिशत लाइटें रात में जल रही हैं। एलईडी लाइटों की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
सवाल : फुटपाथ और वेंडिंग जोन को व्यवस्थित करने के लिए क्या योजना है?
महापौर : हुब्बल्ली और धारवाड़ में फुटपाथ वेंडिंग जोन को व्यवस्थित किया जाएगा। यहां केवल वैध लाइसेंसधारक ही बैठकर सामान बेच सकेंगे। जिन विक्रेताओं के पास लाइसेंस नहीं है, वे निगम से लाइसेंस बनवा सकते हैं। करीब एक सप्ताह में लाइसेंस तैयार करने की व्यवस्था की जा रही है।
सवाल : वेंडिंग जोन में नई व्यवस्था किस तरह लागू होगी?
महापौर : सम-विषम तारीख के आधार पर व्यवस्था करने की योजना है। जैसे एक तारीख को सड़क के दाईं ओर निर्धारित क्षेत्र में सामान बेचने की अनुमति होगी तो अगले दिन बाईं ओर वाले क्षेत्र में बिक्री की जा सकेगी। इस तरह प्रतिदिन व्यवस्था बदलती रहेगी। इससे सड़क के दोनों तरफ एक साथ अस्थायी दुकानें लगने की समस्या कम होगी और यातायात भी सुचारू रहेगा।
सवाल : हुब्बल्ली में किन बाजार क्षेत्रों में वेंडिंग जोन की समस्या अधिक है?
महापौर : शाह बाजार, सीबीटी, दुर्गदबेल, जनता बाजार, दाजिबानपेट, शिंपी गली सहित आसपास के क्षेत्रों में वेंडिंग जोन प्रमुख हैं। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए आते हैं, इसलिए यहां व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है।
सवाल : क्या वेंडिंग जोन की नई व्यवस्था को लेकर यातायात पुलिस से चर्चा हुई है?
महापौर : हां। यातायात पुलिस और जोनल कार्यालय के निगम अधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है। हमारा उद्देश्य ऐसी व्यवस्था बनाना है जिससे व्यापारियों को भी परेशानी न हो और आम लोगों को भी आवागमन में दिक्कत नहीं आए।
सवाल : शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए निगम क्या कर रहा है?
महापौर : लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। ट्रस्ट और नागरिकों का सहयोग लिया जा रहा है। वीडियो के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न डालें।
सवाल : कचरा डालने वाले स्थानों को लेकर निगम ने क्या कदम उठाए हैं?
महापौर : शहर में करीब 460 ऐसे स्थानों की पहचान की गई थी, जहां लोग बार-बार कचरा डालते थे। निगम ने इन स्थानों का स्वरूप बदलने का प्रयास किया है। कई जगह रंगोली बनाई जा रही है और पब्लिक फ्रेंडली स्थान विकसित किए जा रहे हैं, जहां लोग बैठ भी सकें। अब करीब 190 स्थान ऐसे बचे हैं, जहां लोग अभी भी कचरा डाल रहे हैं।
सवाल : कचरा संग्रहण की व्यवस्था कैसी है?
महापौर : कचरा संग्रहण वाहन रोजाना वार्डों में जा रहे हैं। इनमें तीन तरह के कचरे के संग्रहण की व्यवस्था है—गीला कचरा, सूखा कचरा और रिसाइकल होने वाला कचरा। नागरिकों से भी कचरे को अलग-अलग करने की अपील की जा रही है।
सवाल : सार्वजनिक स्थानों पर कचरा डालने वालों पर क्या कार्रवाई हो रही है?
महापौर : सार्वजनिक स्थानों पर कचरा डालने वालों से जुर्माना वसूला जा रहा है। कई लोगों से कचरे की मात्रा और उल्लंघन के आधार पर पांच हजार रुपए तक का जुर्माना भी वसूला गया है।
सवाल : पाइपलाइन के काम के बाद टूटी सड़कों को लेकर क्या व्यवस्था है?
महापौर : पाइपलाइन डालने के बाद जहां सड़क टूटती है, वहां काम पूरा होने के बाद एलएंडटी की ओर से सड़क ठीक की जाती है। निगम इसकी निगरानी कर रहा है।
सवाल : शहर में पेयजल आपूर्ति की स्थिति क्या है?
महापौर : शहर के 16 वार्डों में 24 घंटे पानी की सुविधा है। करीब 30 वार्ड ऐसे हैं, जहां रोजाना पानी आ रहा है। शेष वार्डों में भी अगले एक साल में ऐसी व्यवस्था करने का लक्ष्य है कि लोगों को रोजाना पानी मिल सके।
सवाल : नागरिकों की शिकायतें सीधे सुनने के लिए क्या पहल की गई है?
महापौर : हर महीने के पहले सप्ताह में एक घंटे का ‘फोन टू फोन’ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसमें नागरिक सीधे फोन पर अपनी समस्याएं बताते हैं और उनका समाधान करने का प्रयास किया जाता है। सबसे अधिक शिकायतें सफाई को लेकर आती हैं। इसके बाद गड्ढों और अन्य स्थानीय समस्याओं से संबंधित शिकायतें आती हैं।
सवाल : हाल के फोन टू फोन कार्यक्रम में कितनी शिकायतें मिलीं?
महापौर : इस बार कुल 47 शिकायतें मिली थीं। इनमें से 37 शिकायतों का उसी दिन समाधान कर दिया गया। शेष शिकायतों को संबंधित अधिकारियों के पास भेजकर समाधान की प्रक्रिया शुरू की गई।
सवाल : शहर में सीसीटीवी की स्थिति कैसी है?
महापौर : हुब्बल्ली-धारवाड़ नगर निगम क्षेत्र के करीब 90 प्रतिशत इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनसे सार्वजनिक स्थलों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल रही है।
सवाल : पार्कों के विकास के लिए निगम की क्या योजना है?
महापौर : पार्क विकास का काम चल रहा है। बड़े पार्कों के विकास के लिए टेंडर जारी किए जाते हैं। इसके अलावा स्लम क्षेत्रों में छोटे पार्क विकसित किए जा रहे हैं। कुछ पार्कों को दत्तक देने की व्यवस्था भी है। लोग स्वैच्छा से इन पार्कों की सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी ले सकते हैं।
सवाल : बारिश को देखते हुए नालों की सफाई का काम कितना हुआ है?
महापौर : बड़े नालों की सफाई बारिश से पहले ही शुरू कर दी गई थी। करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। हमारा प्रयास है कि बारिश के दौरान जलभराव और नालों से जुड़ी समस्याएं कम से कम हों।
सवाल : निगम के पास सबसे अधिक शिकायतें किन समस्याओं को लेकर आती हैं?
महापौर : अधिकांश शिकायतें सफाई और सड़कों के गड्ढों से संबंधित होती हैं। इन्हीं समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लिया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी न उठानी पड़े और शहर की व्यवस्था लगातार बेहतर हो।

