हाथरस जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी और एचआईवी मरीजों की लगातार जांच और इलाज किया जा रहा है। मंगलवार शाम करीब 4 बजे स्वास्थ्य विभाग की बैठक में अगस्त 2026 में टीबी-एचआईवी क्रॉस रेफरल के तहत हुई जांच और इलाज की जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि अगस्त में जिले के टीबी केंद्रों पर 305 टीबी मरीजों की एचआईवी जांच का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष 283 मरीजों की जांच की गई। जांच में 3 मरीज एचआईवी पॉजिटिव पाए गए। पुष्टि के बाद तीनों मरीजों को एआरटी (एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी) से जोड़ा गया। इस दौरान कुल 3 एचआईवी-टीबी सह-संक्रमित मामले सामने आए।
टीबी-एचआईवी क्रॉस रेफरल के तहत हाथरस, हसायन, महो, मुरसान, सहपऊ, सादाबाद, सासनी और सिकंदराराऊ की टीबी इकाइयों में एचआईवी स्क्रीनिंग की गई। मुरसान, सादाबाद और सिकंदराराऊ में एक-एक एचआईवी पॉजिटिव मरीज मिला। तीनों को पुष्टि के बाद एआरटी से जोड़ा गया। इसी अवधि में 8 एचआईवी मरीजों की टीबी जांच भी की गई। जांच में सभी 8 मरीज टीबी पॉजिटिव पाए गए। सभी को टीबी का इलाज शुरू कराया गया। इनमें से एक मामले को एचआईवी-टीबी सह-संक्रमित के रूप में दर्ज किया गया। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार भारती ने बताया कि टीबी और एचआईवी की संयुक्त जांच से सह-संक्रमित मरीजों की समय पर पहचान हो पाती है। इससे मरीजों को समय पर इलाज से जोड़ा जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दोनों बीमारियों की जांच और क्रॉस रेफरल की प्रक्रिया लगातार जारी है।

