उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान को लेकर गोपालगंज में राजनीतिक गरमा गई है। जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इस घटना के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन की शुरुआत बंजारी स्थित कांग्रेस के जिला कार्यालय से हुई। सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता झंडे, तख्तियां और बैनर लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध मार्च पर निकले। यह जुलूस बंजारी मोड़ से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए ऐतिहासिक आंबेडकर चौक पहुंचा। आंबेडकर चौक पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश गर्ग ने इस घटना को भारतीय संविधान और सामाजिक न्याय पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च नेताओं में शुमार और दलित समाज से आने वाले राष्ट्रीय अध्यक्ष का इस प्रकार अपमान करना भाजपा और उससे जुड़े संगठनों की संकीर्ण व दलित-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। भाजपा छुआछूत और भेदभाव को दे रही बढ़ावा गर्ग ने आरोप लगाया कि एक ओर जहां देश 21वीं सदी में प्रगति की बातें कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ऐसी छुआछूत और भेदभाव पूर्ण सोच को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा नेतृत्व से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और ऐसी घटनाओं में शामिल असामाजिक तत्वों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि दलितों और शोषित वर्ग के नेताओं का सम्मान ठेस पहुँचाने की ऐसी कोशिशें बंद नहीं हुईं, तो कांग्रेस पार्टी इस आंदोलन को ब्लॉक और पंचायत स्तर तक ले जाएगी। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान को लेकर गोपालगंज में राजनीतिक गरमा गई है। जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इस घटना के विरोध में उग्र प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन की शुरुआत बंजारी स्थित कांग्रेस के जिला कार्यालय से हुई। सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता झंडे, तख्तियां और बैनर लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध मार्च पर निकले। यह जुलूस बंजारी मोड़ से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए ऐतिहासिक आंबेडकर चौक पहुंचा। आंबेडकर चौक पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश गर्ग ने इस घटना को भारतीय संविधान और सामाजिक न्याय पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च नेताओं में शुमार और दलित समाज से आने वाले राष्ट्रीय अध्यक्ष का इस प्रकार अपमान करना भाजपा और उससे जुड़े संगठनों की संकीर्ण व दलित-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। भाजपा छुआछूत और भेदभाव को दे रही बढ़ावा गर्ग ने आरोप लगाया कि एक ओर जहां देश 21वीं सदी में प्रगति की बातें कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ऐसी छुआछूत और भेदभाव पूर्ण सोच को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा नेतृत्व से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और ऐसी घटनाओं में शामिल असामाजिक तत्वों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि दलितों और शोषित वर्ग के नेताओं का सम्मान ठेस पहुँचाने की ऐसी कोशिशें बंद नहीं हुईं, तो कांग्रेस पार्टी इस आंदोलन को ब्लॉक और पंचायत स्तर तक ले जाएगी।


