सुपौल के राघोपुर थाना क्षेत्र के सिमराही पावर ग्रिड के समीप स्थित चिल्ड्रेन हेल्थ केयर क्लिनिक में इलाज के दौरान शनिवार दोपहर एक वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए बच्ची की मौत की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… शुक्रवार शाम 7:30 बजे कराया था भर्ती मृत बच्ची की पहचान सुपौल के हरदी चौहरा निवासी कमलेश कुमार मेहता की पहली पुत्री अनु प्रिया के रूप में हुई है। बच्ची प्रतापगंज थाना क्षेत्र के सुखानगर वार्ड-2 स्थित अपने नाना-नानी के घर पर रह रही थी। तबीयत बिगड़ने पर शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे परिजन उसे सिमराही स्थित चिल्ड्रेन हेल्थ केयर क्लिनिक लेकर पहुंचे थे। 6,500 रुपये में इलाज का दावा परिजनों के अनुसार, क्लिनिक में डॉ. रमण कुमार ने बच्ची का इलाज शुरू किया। इलाज के लिए 6,500 रुपये लिए गए और शनिवार शाम 4 बजे तक बच्ची को ठीक करने की बात कही गई थी। इसके बाद बच्ची को क्लिनिक में भर्ती कर इलाज किया गया। दोपहर में अचानक हालत बिगड़ने की बात कही परिजनों का कहना है कि शनिवार दोपहर करीब 2 बजे क्लिनिक के कंपाउंडर ने बच्ची की हालत बिगड़ने की बात कही और उसे तत्काल सुपौल ले जाने को कहा। परिजनों ने जब बच्ची को देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। मौत के बाद क्लिनिक बंद करने का आरोप परिजनों का आरोप है कि बच्ची की मौत के बाद डॉक्टर और क्लिनिक का स्टाफ क्लिनिक बंद कर वहां से चले गए। परिजनों ने पूरे मामले की जांच कराने और इलाज में किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जांच के बाद ही मौत की वजह होगी स्पष्ट बच्ची की मौत बीमारी की गंभीरता, इलाज के दौरान किसी चिकित्सकीय जटिलता या किसी अन्य कारण से हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। मामले में संबंधित डॉक्टर या क्लिनिक प्रबंधन का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। अस्पताल उपाधीक्षक बोले- सूचना नहीं थी, जांच कराएंगे राघोपुर रेफरल अस्पताल के उपाधीक्षक ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना नहीं थी। मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और जांच कराई जाएगी। प्रशासन का सख्त रुख सुपौल डीएम सावन कुमार ने बताया कि मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सुपौल के राघोपुर थाना क्षेत्र के सिमराही पावर ग्रिड के समीप स्थित चिल्ड्रेन हेल्थ केयर क्लिनिक में इलाज के दौरान शनिवार दोपहर एक वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए बच्ची की मौत की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… शुक्रवार शाम 7:30 बजे कराया था भर्ती मृत बच्ची की पहचान सुपौल के हरदी चौहरा निवासी कमलेश कुमार मेहता की पहली पुत्री अनु प्रिया के रूप में हुई है। बच्ची प्रतापगंज थाना क्षेत्र के सुखानगर वार्ड-2 स्थित अपने नाना-नानी के घर पर रह रही थी। तबीयत बिगड़ने पर शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे परिजन उसे सिमराही स्थित चिल्ड्रेन हेल्थ केयर क्लिनिक लेकर पहुंचे थे। 6,500 रुपये में इलाज का दावा परिजनों के अनुसार, क्लिनिक में डॉ. रमण कुमार ने बच्ची का इलाज शुरू किया। इलाज के लिए 6,500 रुपये लिए गए और शनिवार शाम 4 बजे तक बच्ची को ठीक करने की बात कही गई थी। इसके बाद बच्ची को क्लिनिक में भर्ती कर इलाज किया गया। दोपहर में अचानक हालत बिगड़ने की बात कही परिजनों का कहना है कि शनिवार दोपहर करीब 2 बजे क्लिनिक के कंपाउंडर ने बच्ची की हालत बिगड़ने की बात कही और उसे तत्काल सुपौल ले जाने को कहा। परिजनों ने जब बच्ची को देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। मौत के बाद क्लिनिक बंद करने का आरोप परिजनों का आरोप है कि बच्ची की मौत के बाद डॉक्टर और क्लिनिक का स्टाफ क्लिनिक बंद कर वहां से चले गए। परिजनों ने पूरे मामले की जांच कराने और इलाज में किसी तरह की लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जांच के बाद ही मौत की वजह होगी स्पष्ट बच्ची की मौत बीमारी की गंभीरता, इलाज के दौरान किसी चिकित्सकीय जटिलता या किसी अन्य कारण से हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। मामले में संबंधित डॉक्टर या क्लिनिक प्रबंधन का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। अस्पताल उपाधीक्षक बोले- सूचना नहीं थी, जांच कराएंगे राघोपुर रेफरल अस्पताल के उपाधीक्षक ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना नहीं थी। मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और जांच कराई जाएगी। प्रशासन का सख्त रुख सुपौल डीएम सावन कुमार ने बताया कि मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

