सियासी खींचतान:बुजुर्गों के कार्यक्रम में नहीं बुलाया तो भड़कीं पार्षद पिता ने भी अफसरों को घेरा, बोले- अंजाम बुरा होगा

सियासी खींचतान:बुजुर्गों के कार्यक्रम में नहीं बुलाया तो भड़कीं पार्षद पिता ने भी अफसरों को घेरा, बोले- अंजाम बुरा होगा

हरसिद्धि कम्युनिटी हॉल में था कार्यक्रम, पार्षद की आपत्ति- वार्ड से बुजुर्गों को ले जा रहे थे, प्रभारी महापौर को बुलाया, उन्हें खबर तक नहीं गुरुवार को वार्ड 59 में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के कार्यक्रम में क्षेत्रीय पार्षद रूपाली पेंढारकर और स्थानीय विधायक को सूचना न दिए जाने पर विवाद हो गया। कार्यक्रम में वार्ड के बुजुर्गों को ले जाने की जानकारी मिलने पर पार्षद के पिता अरुण पेंढारकर निगम अधिकारियों व कर्मचारियों से उलझ गए। उन्होंने पूछा, किसी को बुलाओगे या नहीं? वार्ड के लोग हमसे पूछ रहे हैं कि कार्यक्रम क्या है और हमें ही इसकी जानकारी नहीं है। बाहर के लोग आकर बुजुर्गों को ले जा रहे हैं, हम उन्हें क्या जवाब दें? इस पर एक कर्मचारी ने उन्हें फालतू बात न करने को कहा, तो पेंढारकर ने जवाब दिया कि वे फालतू बात नहीं कर रहे हैं। इसके बाद मामला और गरमा गया। पार्षद ने भी अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वार्ड के आयोजन में केवल प्रभारी महापौर को सूचना दी गई, जबकि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को अनदेखा किया गया। 30 सितंबर को जारी पत्र, 1 को आयोजन यह कार्यक्रम हरसिद्धि क्षेत्र स्थित कम्युनिटी हॉल में आयोजित था, जिसका रखरखाव ‘सेवा भारती’ संस्था के पास है। आयोजन का जिम्मा सामाजिक न्याय विभाग का था, लेकिन शहरी सीमा के कारण विभाग ने नगर निगम से पत्र व्यवहार किया। स्थल तय होने और बुजुर्गों के पहुंचने के बीच जब विवाद हुआ, तो निगम अफसरों ने कहा आयोजन जिला प्रशासन का है, निगम का नहीं। हालांकि, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने 30 सितंबर को ही सभी जोनल अधिकारियों को पत्र लिखकर 1 अक्टूबर को 100 वर्ष से अधिक आयु वाले वृद्धजन के सम्मान और असमर्थ बुजुर्गों के घर जाकर बधाई देने के निर्देश दिए थे। प्रभारी महापौर राजेंद्र राठौर ने बताया कि यह आयोजन प्रतिवर्ष जिला बाल विकास परियोजना द्वारा किया जाता है। जनप्रतिनिधियों को सूचना न मिलने पर जब अधिकारियों से पूछताछ की गई, तो वे एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालते नजर आए। हालांकि, बाद में पार्षद को आमंत्रित किया गया और वे शामिल भी हुईं। इस प्रशासनिक लापरवाही पर निगमायुक्त से चर्चा की जाएगी। सफाई, बैठक और मारपीट को लेकर पहले भी हुए विवाद सितंबर 2024 : वार्ड की सफाई व्यवस्था को लेकर अरुण पेंढारकर का निगम के स्वास्थ्य निरीक्षक से विवाद हुआ, जिस पर पुलिस ने केस दर्ज किया था।
मार्च 2025 : भाजपा के अभ्यास वर्ग में वार्ड कार्यों की समीक्षा के दौरान महापौर के ओएसडी से विवाद के बाद रूपाली पेंढारकर बैठक छोड़कर चली गई थीं।
मई 2025: हरसिद्धि क्षेत्र में बजरंग दल पदाधिकारी अनिल पाटिल से रूपाली पेंढारकर और उनके पिता का विवाद हुआ था, जिसमें दोनों पक्षों ने पुलिस शिकायत की थी।

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