पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कपिल शर्मा के शो में अपने बचपन का एक किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि यह बात करीब 1973-74 की है, जब उनके पिता उन्हें दूध-जलेबी खाने के लिए 25 पैसे यानी चवन्नी दिया करते थे। उन्होंने कहा कि कई बार ज्यादा जलेबी खाने का मन करता था। हमें पता चला कि श्मशानघाट में अंतिम संस्कार के समय लोग चवन्नी, अठन्नी और दूसरे सिक्के छोड़ जाते हैं। इसके बाद मैं दोस्तों के साथ रात में श्मशानघाट जाता था और वहां पड़े सिक्के इकट्ठे करके उन पैसों से दूध-जलेबी खाता था। सिद्धू ने कहा कि कुछ समय बाद पंडित को इसकी जानकारी हो गई और उन्होंने हमें सिक्के उठाने से रोक दिया। बाद में पंडित खुद ही वहां पड़े सिक्के इकट्ठे करने लगे। सिद्धू ने पोती का वीडियो शेयर किया पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी पोती आर्या सिद्धू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। वीडियो में उनकी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू पहली बार पोती से बात करती नजर आ रही हैं। वहीं, सिद्धू अपने मजाकिया अंदाज में नजर आए। वीडियो में नवजोत कौर नन्हीं आर्या से आंखें खोलने के लिए कहती हैं। इस पर नवजोत सिंह सिद्धू मजाकिया अंदाज में कहते हैं, “ये कोई नवजोत सिद्धू थोड़ी है, जो तुम्हारी बात मानेगा।” उनके इस अंदाज से माहौल खुशनुमा हो जाता है। 1 अक्टूबर को दादा बने सिद्धू सिद्धू के बेटे करण सिद्धू और बहू इनायत रंधावा 1 अक्टूबर को बेटी आर्या के माता-पिता बने थे। पोती के जन्म के बाद सिद्धू ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर की थी। इससे पहले भी सिद्धू ने पोती का एक वीडियो शेयर किया था। इसमें वह आर्या के पैरों को चूमते नजर आए थे। उन्होंने इस पल को माता पार्वती का आशीर्वाद बताया था। सिद्धू को बचपन से क्रिकेट के प्रति जुनून 20 अक्टूबर 1963 को पटियाला, पंजाब में जन्मे नवजोत सिंह सिद्धू का बचपन क्रिकेट के जुनून में बीता। उनके पिता भगवंत सिंह खुद एक मशहूर क्रिकेटर थे, जिनसे सिद्धू ने क्रिकेट का पहला पाठ सीखा। सिद्धू ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पटियाला के यदविंद्र पब्लिक स्कूल से की। पढ़ाई के साथ-साथ उनका मन हमेशा क्रिकेट के मैदान में रमता रहा। कॉलेज पहुंचने तक सिद्धू की पहचान एक होनहार बल्लेबाज के रूप में हो चुकी थी। आगे चलकर उन्होंने भारतीय टीम में जगह बनाकर देश का नाम रोशन किया। कॉलेज की मोहब्बत- नवजोत कौर सिद्धू की लव स्टोरी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। कॉलेज के दिनों में वह नवजोत कौर से पहली नजर में ही प्यार करने लगे थे। वे घंटों कॉलेज के बाहर धूप में सिर्फ उन्हें देखने खड़े रहते थे। नवजोत कौर उस समय एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही थीं। दोनों के बीच धीरे-धीरे दोस्ती हुई और वक्त के साथ रिश्ता गहराता चला गया। लंबे इंतजार और समर्पण के बाद सिद्धू ने उन्हें प्रपोज किया। शादी से पहले सिद्धू ने नवजोत कौर की जन्मपत्री मिलवाई और जब 36 में से पूरे 36 गुण मिले तो दोनों ने शादी कर ली। श्राद्ध के बाद राजनीति में सक्रिय होने की चर्चा नवजोत सिंह सिद्धू फिलहाल राजनीति से दूर हैं। हालांकि, सियासी गलियारों में चर्चा है कि श्राद्ध खत्म होने के बाद वह फिर राजनीति में सक्रिय हो सकते हैं। कुछ जगहों पर उनके पार्टी बदलने की भी चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
************ नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने घर बांटे: अमृतसर वाला बेटी को, पटियाला वाला पुश्तैनी मकान बेटे को दिया; गृह प्रवेश के फोटो पोस्ट किए पंजाब कांग्रेस के नेता व पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने घरों का बंटवारा कर दिया है। उन्होंने अमृतसर स्थित मकान को अपनी बेटी राबिया और पटियाला स्थित पुश्तैनी मकान को बेटे करन को दिया है। इस संबंध में उन्होंने एक पोस्ट भी शेयर की। (पढ़ें पूरी खबर)
सिद्धू बोले- मैं श्मशानघाट से सिक्के चुराता था:जलेबी के लिए पैसे कम पड़े तो दोस्तों संग गया; कपिल शर्मा शो में किस्सा सुनाया

