सिद्धार्थनगर के बांसी-धानी मार्ग पर मंगलवार को हुए भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल प्रिंस साहनी की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। देवपुर गांव निवासी प्रिंस ने सिद्धार्थनगर स्थित माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ा। इस हादसे में अब तक दो युवकों की मौत हो चुकी है। इससे पहले संतकबीरनगर के धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र के झौवा कोमर गांव निवासी नितेश मौर्य की महराजगंज मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मंगलवार को कलनाखोर और मदुवापुर गांव के बीच दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई थी। एक बाइक पर नितेश मौर्य अपने साथी अखिलेश मौर्य के साथ सवार थे, जबकि दूसरी बाइक पर देवपुर निवासी प्रिंस साहनी अपनी पत्नी प्रीति और साथी श्यामराजी के साथ जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बाइकें तेज रफ्तार में थीं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए और पांचों लोग सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे की सूचना मिलते ही सकारपार चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर हालत में नितेश और अखिलेश को महराजगंज मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जबकि प्रिंस, उनकी पत्नी प्रीति और साथी श्यामराजी को सिद्धार्थनगर के माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। हादसे के कुछ समय बाद ही नितेश मौर्य ने महराजगंज मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। वहीं, प्रिंस पिछले तीन दिनों से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे। डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद शुक्रवार को उनकी भी मौत हो गई। पुलिस ने प्रिंस के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे में दो युवकों की मौत से दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है। तीन घायलों का इलाज जारी हादसे में घायल अखिलेश मौर्य का उपचार महराजगंज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। वहीं प्रीति और श्यामराजी का इलाज सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में किया जा रहा है। चिकित्सक उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। एक ही सड़क हादसे में दो युवकों की मौत से इलाके में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने बांसी-धानी मार्ग पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जताते हुए प्रशासन से प्रभावी सड़क सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार पर अंकुश लगाने के साथ दुर्घटना संभावित स्थानों पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।


