पश्चिम बंगाल की बहरामपुर पुलिस ने शनिवार को आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर को नोटिस जारी कर उन्हें दो समुदायों के बीच तनाव भड़काने की कथित साजिश के मामले में सोमवार को जांच अधिकारियों के सामने पेश होने का निर्देश दिया है। यह घटनाक्रम छह अक्टूबर को होने वाले रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव से पहले हुआ है। हुमायूं कबीर के नवादा सीट को अपने पास रखने का फैसला करने और रेजीनगर सीट से इस्तीफा देने के कारण यह उपचुनाव जरूरी हो गया था।
एजेयूपी ने इस उपचुनाव के लिए कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को मैदान में उतारा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बहरामपुर में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान पुलिस द्वारा हाल ही में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी किए जाने के बाद, 14 सितंबर को यह मामला दर्ज किया गया। पुलिस का दावा है कि बातचीत से दो समुदायों के बीच तनाव भड़काने की संभावित साजिश का संकेत मिलता है।
पुलिस अधिकारी शनिवार को नोटिस देने के लिए शक्तिपुर में कबीर के घर गए। उस समय कबीर घर पर नहीं थे, इसलिए गुलाम नबी आजाद ने नोटिस लिया। नोटिस के अनुसार, कबीर से कहा गया है कि वह सोमवार सुबह 11 बजे जांच अधिकारी के सामने पेश हों और जांच में सहयोग करें।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और गिरफ्तार आरोपी सरफराज नवाज चौधरी से बात करते हुए जिस व्यक्ति की आवाज रिकॉर्डिंग में सुनी गई है, उसकी पहचान उचित प्रक्रिया के जरिए की जा सकती है। अधिकारी ने कहा, “हमें अपने सूत्रों से फोन पर बातचीत की एक रिकॉर्डिंग मिली है। इसे सुनने के बाद हमें लगता है कि दो समुदायों के बीच झगड़ा कराने की कोशिश की गई थी।”
पुलिस ने बातचीत में सुनाई देने वाले दूसरे व्यक्ति की आवाज की आधिकारिक तौर पर पहचान नहीं की है।
हालांकि, कहा जा रहा है कि वह आवाज कबीर की आवाज से मिलती-जुलती है। पुलिस ने कहा कि वे संबंधित व्यक्तियों की आवाज के नमूने लेने के लिए अदालत से अनुमति मांगेंगे। पुलिस के अनुसार, यह बातचीत हाल ही में रेजीनगर उपचुनाव की तारीख घोषित होने के बाद रिकॉर्ड की गई थी।
जांचकर्ता इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इस रिकॉर्डिंग में किसी आपराधिक साजिश का सबूत है। कबीर ने कहा कि वे निर्देशानुसार जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होंगे। उन्होंने कहा, “मैं 21 सितंबर को तय समय पर जांच अधिकारी के पास पहुंचूंगा और उनके सभी सवालों का जवाब दूंगा।” साथ ही, उन्होंने इस मामले को एक साजिश बताते हुए इसकी उचित जांच की मांग की।

