समस्तीपुर जिले के सरायरंजन से गुजरने वाले पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की जद में केएसआर कॉलेज के आने के विरोध में छात्र संगठन एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं की भूख हड़ताल शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही। भूख हड़ताल पर बैठे कार्यकर्ताओं की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है। प्रशासन के ढुलमुल रवैये के विरोध में छात्रों ने शनिवार को अनशन स्थल के सामने बिहार के डिप्टी सीएम विजय चौधरी का पुतला दहन किया। इस मौके पर एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष राजन कुमार ने कहा कि एनएचएआई द्वारा पूर्व में कराए गए स्वतंत्र सर्वे में कॉलेज की जमीन एक्सप्रेस-वे की जद में नहीं आ रही थी। सरायरंजन बाजार भी इससे बच रहा था। लेकिन एक राजनेता के संबंधी की जमीन बचाने के लिए एलाइनमेंट में बदलाव किया गया। इसके कारण सरायरंजन बाजार की 150 से अधिक दुकानें तथा सरायरंजन कॉलेज का मैदान और पुराना भवन सड़क की जद में आ गए हैं। इन्हें तोड़े जाने की स्थिति में कॉलेज का अस्तित्व प्रभावित होगा। कॉलेज में 1600 से अधिक छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरायरंजन कॉलेज को बचाने के लिए विभिन्न संगठनों की ओर से लगातार आंदोलन किया जा रहा है। सड़क जाम से लेकर पदयात्रा तक की जा चुकी है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। एनएचएआई की ओर से एलाइनमेंट को लेकर कोई गाइडलाइन जारी नहीं राजन कुमार ने बताया कि भूख हड़ताल के दौरान कोचिंग एक्ट को धरातल पर लागू करने की मांग भी उठाई गई है। इसको लेकर सदर एसडीओ के साथ वार्ता हुई। वार्ता के दौरान एसडीओ ने स्पष्ट किया कि अब कोचिंग संस्थान सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक संचालित नहीं होंगे। इस अवधि के बाद ही कोचिंग का संचालन किया जा सकेगा। हालांकि, एनएचएआई की ओर से अब तक एलाइनमेंट को लेकर कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक एलाइनमेंट में सुधार को लेकर गाइडलाइन जारी नहीं की जाती, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। इधर, भूख हड़ताल के समर्थन में छात्र संगठन आइसा के कार्यकर्ता भी अनशन स्थल पर पहुंचे। आइसा नेता दीपक यदुवंशी ने कहा कि एनएसयूआई की ओर से सरायरंजन कॉलेज को बचाने के लिए आंदोलन किया जा रहा है। सभी छात्र संगठनों ने इस आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने मांग की कि मामले पर जल्द विचार करते हुए कॉलेज को बचाने की दिशा में ठोस पहल की जाए। समस्तीपुर जिले के सरायरंजन से गुजरने वाले पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की जद में केएसआर कॉलेज के आने के विरोध में छात्र संगठन एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं की भूख हड़ताल शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही। भूख हड़ताल पर बैठे कार्यकर्ताओं की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है। प्रशासन के ढुलमुल रवैये के विरोध में छात्रों ने शनिवार को अनशन स्थल के सामने बिहार के डिप्टी सीएम विजय चौधरी का पुतला दहन किया। इस मौके पर एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष राजन कुमार ने कहा कि एनएचएआई द्वारा पूर्व में कराए गए स्वतंत्र सर्वे में कॉलेज की जमीन एक्सप्रेस-वे की जद में नहीं आ रही थी। सरायरंजन बाजार भी इससे बच रहा था। लेकिन एक राजनेता के संबंधी की जमीन बचाने के लिए एलाइनमेंट में बदलाव किया गया। इसके कारण सरायरंजन बाजार की 150 से अधिक दुकानें तथा सरायरंजन कॉलेज का मैदान और पुराना भवन सड़क की जद में आ गए हैं। इन्हें तोड़े जाने की स्थिति में कॉलेज का अस्तित्व प्रभावित होगा। कॉलेज में 1600 से अधिक छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरायरंजन कॉलेज को बचाने के लिए विभिन्न संगठनों की ओर से लगातार आंदोलन किया जा रहा है। सड़क जाम से लेकर पदयात्रा तक की जा चुकी है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। एनएचएआई की ओर से एलाइनमेंट को लेकर कोई गाइडलाइन जारी नहीं राजन कुमार ने बताया कि भूख हड़ताल के दौरान कोचिंग एक्ट को धरातल पर लागू करने की मांग भी उठाई गई है। इसको लेकर सदर एसडीओ के साथ वार्ता हुई। वार्ता के दौरान एसडीओ ने स्पष्ट किया कि अब कोचिंग संस्थान सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक संचालित नहीं होंगे। इस अवधि के बाद ही कोचिंग का संचालन किया जा सकेगा। हालांकि, एनएचएआई की ओर से अब तक एलाइनमेंट को लेकर कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक एलाइनमेंट में सुधार को लेकर गाइडलाइन जारी नहीं की जाती, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। इधर, भूख हड़ताल के समर्थन में छात्र संगठन आइसा के कार्यकर्ता भी अनशन स्थल पर पहुंचे। आइसा नेता दीपक यदुवंशी ने कहा कि एनएसयूआई की ओर से सरायरंजन कॉलेज को बचाने के लिए आंदोलन किया जा रहा है। सभी छात्र संगठनों ने इस आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने मांग की कि मामले पर जल्द विचार करते हुए कॉलेज को बचाने की दिशा में ठोस पहल की जाए।

