समस्तीपुर में सोमवार देर रात घर में सो रहे पति-पत्नी की हत्या कर दी गई। हत्या तेज धारदार हथियार से वार कर की गई है। शरीर के कई हिस्सों पर जख्म के निशान मिले हैं। गर्दन पर भी धारदार हथियार से वार किए जाने की बात सामने आई है। 24 घंटे बाद भी इस मामले में अब तक पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। हालांकि, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को आशंका है कि हत्याकांड को दंपती को करीब से जानने वाले किसी व्यक्ति ने अंजाम दिया है। हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार भी घर का ही होने की आशंका है। फिलहाल हथियार की बरामदगी नहीं हो सकी है। घर में अकेले रहते थे पति-पत्नी मृतकों की पहचान भरपुरा निवासी बंगाली दास (75) और उनकी पत्नी धानो देवी (70) के रूप में हुई है। दोनों सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर अकेले रहते थे। उनके परिवार के अधिकांश सदस्य प्रदेश में रहते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पति-पत्नी लंबे समय से इसी झोपड़ी में रहकर किसी तरह अपना जीवन-यापन कर रहे थे। घटना विभूतिपुर थाना क्षेत्र की है। पुलिस घटना के पीछे कई संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि बुजुर्ग दंपती गांव में छोटी-मोटी रकम सूद पर देते थे। ऐसे में पुलिस इस पहलू को भी जांच के दायरे में रखकर चल रही है। मौके पर डॉग स्क्वाड को बुलाया गया था, लेकिन उससे कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं मिल सका। एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि हत्याकांड का स्पष्ट कारण अब तक सामने नहीं आया है। पुलिस को तीन संभावित वजहें मिली हैं, जिन पर टीम काम कर रही है। मृतक के तीनों पुत्र परिवार के साथ दिल्ली में रहते हैं। उनके आने के बाद मामले से जुड़ी कई अन्य बातें स्पष्ट हो सकती है। जल्द ही हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा। घर के बरामदे में पड़ी थी बॉडी मंगलवार को भरपुरा निवासी बंगाली दास और उनकी पत्नी धानो देवी की लाश घर के बरामदे में मिली थी। पत्नी का शव जमीन पर पड़ा था, शरीर पर भी छह स्थानों पर जख्म के निशान मिले थे। जबकि उनके पति का शव चौकी पर मिला था। गर्दन और पेट पर चाकू से वार के पांच जख्म थे। मंगलवार शाम पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने दोनों के शव उनके बेटी-दामाद को सौंप दिए। मृतक के तीनों पुत्र दिल्ली में रहते हैं। उनके बुधवार को पहुंचने की उम्मीद है। दूध बेचकर जीवनयापन करते थे मृतक के पड़ोसी सिंगार दास ने बताया कि घटना वाली रात हल्की बारिश हो रही थी। हवा चलने के कारण बिजली भी चली गई थी। बिजली नहीं रहने के कारण सभी लोग अपने-अपने घरों में थे। इसी वजह से रात में घटना की जानकारी किसी को नहीं मिल सकी। घर का सामान सुरक्षित है। सामान निकालने के बाद कमरे में ताला लगा दिया गया है। बुजुर्ग दंपती के तीन पुत्र हैं और तीनों परिवार के साथ दिल्ली में रहते हैं। दंपती ने दो गाय पाल रखी थी और उनके दूध की बिक्री से जीवनयापन करते थे। इस तरह उनकी हत्या की घटना से ग्रामीण भी स्तब्ध हैं। छोटी रकम सूद पर लगाने की चर्चा ग्रामीणों के बीच यह भी चर्चा है कि बुजुर्ग दंपती गांव में छोटी-मोटी रकम सूद पर लगाते थे। आशंका जताई जा रही है कि इसी रकम से जुड़े किसी विवाद के कारण घटना को अंजाम दिया गया हो। हालांकि, पुलिस ने इस कारण की पुष्टि नहीं की है और सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। ग्रामीण दिनेश दास ने कहा कि हत्याकांड में शामिल बदमाशों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। जांच के लिए पहुंचे डीआईजी मामले की गंभीरता को देखते ही मिथिला क्षेत्र के डीआईजी मनोज तिवारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने एसपी अरविंद प्रताप सिंह के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले से जुड़े कई बिंदुओं पर जांच की। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से आठ स्थानों पर सैंपल और फिंगरप्रिंट लिए हैं। पुलिस सभी साक्ष्यों को जुटाकर हत्याकांड की कड़ियां जोड़ने में लगी है। समस्तीपुर में सोमवार देर रात घर में सो रहे पति-पत्नी की हत्या कर दी गई। हत्या तेज धारदार हथियार से वार कर की गई है। शरीर के कई हिस्सों पर जख्म के निशान मिले हैं। गर्दन पर भी धारदार हथियार से वार किए जाने की बात सामने आई है। 24 घंटे बाद भी इस मामले में अब तक पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। हालांकि, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को आशंका है कि हत्याकांड को दंपती को करीब से जानने वाले किसी व्यक्ति ने अंजाम दिया है। हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार भी घर का ही होने की आशंका है। फिलहाल हथियार की बरामदगी नहीं हो सकी है। घर में अकेले रहते थे पति-पत्नी मृतकों की पहचान भरपुरा निवासी बंगाली दास (75) और उनकी पत्नी धानो देवी (70) के रूप में हुई है। दोनों सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर अकेले रहते थे। उनके परिवार के अधिकांश सदस्य प्रदेश में रहते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पति-पत्नी लंबे समय से इसी झोपड़ी में रहकर किसी तरह अपना जीवन-यापन कर रहे थे। घटना विभूतिपुर थाना क्षेत्र की है। पुलिस घटना के पीछे कई संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि बुजुर्ग दंपती गांव में छोटी-मोटी रकम सूद पर देते थे। ऐसे में पुलिस इस पहलू को भी जांच के दायरे में रखकर चल रही है। मौके पर डॉग स्क्वाड को बुलाया गया था, लेकिन उससे कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं मिल सका। एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि हत्याकांड का स्पष्ट कारण अब तक सामने नहीं आया है। पुलिस को तीन संभावित वजहें मिली हैं, जिन पर टीम काम कर रही है। मृतक के तीनों पुत्र परिवार के साथ दिल्ली में रहते हैं। उनके आने के बाद मामले से जुड़ी कई अन्य बातें स्पष्ट हो सकती है। जल्द ही हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा। घर के बरामदे में पड़ी थी बॉडी मंगलवार को भरपुरा निवासी बंगाली दास और उनकी पत्नी धानो देवी की लाश घर के बरामदे में मिली थी। पत्नी का शव जमीन पर पड़ा था, शरीर पर भी छह स्थानों पर जख्म के निशान मिले थे। जबकि उनके पति का शव चौकी पर मिला था। गर्दन और पेट पर चाकू से वार के पांच जख्म थे। मंगलवार शाम पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने दोनों के शव उनके बेटी-दामाद को सौंप दिए। मृतक के तीनों पुत्र दिल्ली में रहते हैं। उनके बुधवार को पहुंचने की उम्मीद है। दूध बेचकर जीवनयापन करते थे मृतक के पड़ोसी सिंगार दास ने बताया कि घटना वाली रात हल्की बारिश हो रही थी। हवा चलने के कारण बिजली भी चली गई थी। बिजली नहीं रहने के कारण सभी लोग अपने-अपने घरों में थे। इसी वजह से रात में घटना की जानकारी किसी को नहीं मिल सकी। घर का सामान सुरक्षित है। सामान निकालने के बाद कमरे में ताला लगा दिया गया है। बुजुर्ग दंपती के तीन पुत्र हैं और तीनों परिवार के साथ दिल्ली में रहते हैं। दंपती ने दो गाय पाल रखी थी और उनके दूध की बिक्री से जीवनयापन करते थे। इस तरह उनकी हत्या की घटना से ग्रामीण भी स्तब्ध हैं। छोटी रकम सूद पर लगाने की चर्चा ग्रामीणों के बीच यह भी चर्चा है कि बुजुर्ग दंपती गांव में छोटी-मोटी रकम सूद पर लगाते थे। आशंका जताई जा रही है कि इसी रकम से जुड़े किसी विवाद के कारण घटना को अंजाम दिया गया हो। हालांकि, पुलिस ने इस कारण की पुष्टि नहीं की है और सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। ग्रामीण दिनेश दास ने कहा कि हत्याकांड में शामिल बदमाशों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। जांच के लिए पहुंचे डीआईजी मामले की गंभीरता को देखते ही मिथिला क्षेत्र के डीआईजी मनोज तिवारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने एसपी अरविंद प्रताप सिंह के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले से जुड़े कई बिंदुओं पर जांच की। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से आठ स्थानों पर सैंपल और फिंगरप्रिंट लिए हैं। पुलिस सभी साक्ष्यों को जुटाकर हत्याकांड की कड़ियां जोड़ने में लगी है।

