समस्तीपुर की लाइफलाइन ओवरब्रिज की मरम्मत का कार्य पूरा हो गया है। करीब डेढ़ महीने से बंद इस ओवरब्रिज को आम लोगों के लिए खोला जा सकता है। इससे पूर्व सदर एसडीएम राकेश कुमार और यातायात डीएसपी ने गुरुवार शाम निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ब्रिज की मरम्मत का काम पूरा हो गया है। इसे शुक्रवार से आम लोगों के लिए खोला जा सकता है। आवामन चालू होने से लोगों को राहत मिलेगी। बीते 6 जुलाई को इस पुल को मरम्मत कार्य के लिए बंद किया गया था। इसके कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शहर में चारों ओर जाम की स्थिति बनी हुई थी। पुल पर आवागमन शुरू होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। 17 एक्सपेंशन ज्वॉइंट बदले गए करीब 56 साल पुराने इस पुल के 17 एक्सपेंशन ज्वाइंट खराब हो गए थे। पुराने ज्वॉइंट को हटाकर नए एक्सपेंशन ज्वॉइंट लगाए गए। इसके अलावा गार्डर और स्लैब के बीच के एक्सपेंशन ज्वॉइंट की भी मरम्मत की गई। ज्वॉइंट के आसपास के गैप को ठीक कर पुल की मजबूती बढ़ाई गई। जरूरत के अनुसार गार्डर और स्लैब के क्षतिग्रस्त हिस्सों की भी मरम्मत की गई। पुल से पानी के बहाव के लिए बेहतर प्रबंधन किया गया है। तीन शिफ्ट में चला काम काम को तेजी से पूरा करने के लिए निर्माण एजेंसी को 24 घंटे तीन शिफ्टों में काम करना पड़ा। इसके बाद समय सीमा के अंदर कार्य पूरा हो सका। कार्य समय पर पूरा हो, इसके लिए अधिकारियों की टीम लगातार कार्य एजेंसी के साथ समन्वय कर निरीक्षण करती रही। इस दौरान मजदूरों को भी लगातार प्रोत्साहित किया गया। समस्तीपुर की लाइफलाइन ओवरब्रिज की मरम्मत का कार्य पूरा हो गया है। करीब डेढ़ महीने से बंद इस ओवरब्रिज को आम लोगों के लिए खोला जा सकता है। इससे पूर्व सदर एसडीएम राकेश कुमार और यातायात डीएसपी ने गुरुवार शाम निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ब्रिज की मरम्मत का काम पूरा हो गया है। इसे शुक्रवार से आम लोगों के लिए खोला जा सकता है। आवामन चालू होने से लोगों को राहत मिलेगी। बीते 6 जुलाई को इस पुल को मरम्मत कार्य के लिए बंद किया गया था। इसके कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शहर में चारों ओर जाम की स्थिति बनी हुई थी। पुल पर आवागमन शुरू होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। 17 एक्सपेंशन ज्वॉइंट बदले गए करीब 56 साल पुराने इस पुल के 17 एक्सपेंशन ज्वाइंट खराब हो गए थे। पुराने ज्वॉइंट को हटाकर नए एक्सपेंशन ज्वॉइंट लगाए गए। इसके अलावा गार्डर और स्लैब के बीच के एक्सपेंशन ज्वॉइंट की भी मरम्मत की गई। ज्वॉइंट के आसपास के गैप को ठीक कर पुल की मजबूती बढ़ाई गई। जरूरत के अनुसार गार्डर और स्लैब के क्षतिग्रस्त हिस्सों की भी मरम्मत की गई। पुल से पानी के बहाव के लिए बेहतर प्रबंधन किया गया है। तीन शिफ्ट में चला काम काम को तेजी से पूरा करने के लिए निर्माण एजेंसी को 24 घंटे तीन शिफ्टों में काम करना पड़ा। इसके बाद समय सीमा के अंदर कार्य पूरा हो सका। कार्य समय पर पूरा हो, इसके लिए अधिकारियों की टीम लगातार कार्य एजेंसी के साथ समन्वय कर निरीक्षण करती रही। इस दौरान मजदूरों को भी लगातार प्रोत्साहित किया गया।


