सऊदी अरब ने सना और लाल सागर के पास किए हवाई हमले, कई जगह हुए धमाके

सऊदी अरब ने सना और लाल सागर के पास किए हवाई हमले, कई जगह हुए धमाके

यमन (Yemen) के हूती विद्रोहियों (Houthis) और सऊदी अरब (Saudi Arabia) के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं। आज सुबह पहले हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और कई तेल पाइपलाइन्स पर मिसाइलों और ड्रोन्स से हमले किए, जिसके जवाब में सऊदी अरब ने भी यमन की राजधानी सना पर एयरस्ट्राइक्स की। अब एक बार फिर सऊदी अरब की एयरफोर्स ने हूतियों के खिलाफ कार्रवाई की है।

सना और लाल सागर के पास किए हवाई हमले

सऊदी अरब की एयरफोर्स ने यमन की हूती विद्रोही नियंत्रित राजधानी सना और लाल सागर के तटीय इलाकों में कई भीषण हवाई हमले किए। इन हमलों के बाद कई जगह धमाके हुए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पश्चिमी सना के निवासियों ने बताया कि उन्होंने आस-पास करीब चार ज़बरदस्त धमाकों की आवाज़ सुनी, जिनसे रिहायशी इलाकों में हड़कंप मच गया। इन धमाकों के कारण कई घरों-इमारतों की खिड़कियाँ टूट गईं। हूतियों के सैन्य ठिकानों के पास स्थित घरों को भी इन हमलों की वजह से भारी नुकसान पहुंचा। बताया जा रहा है कि सना और लाल सागर के पास स्थित तटीय इलाकों में सऊदी अरब के हवाई हमलों में लोग हताहत भी हुए हैं, पर आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है।

मोचा में भी हुआ हमला

लाल सागर के पास स्थित बंगरगाह शहर मोचा, जिस पर कुछ समय पहले ही हूतियों ने कब्ज़ा किया है, पर भी सऊदी अरब ने हवाई हमला किया। एक मिसाइल हमले में चार मंज़िला रिहायशी इमारत पूरी तरह तबाह हो गई। इसके साथ ही धमाके की चपेट में आने से आस-पास के करीब 10 घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस हमले में मोचा जनरल अस्पताल को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे इस तटीय शहर में आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं और गंभीर मरीजों के इलाज की व्यवस्था बाधित हो गई है।

हूती विद्रोही और सऊदी अरब क्यों हैं एक-दूसरे के खिलाफ?

यमन में 2014 के आखिर में संघर्ष तब शुरू हुआ जब हूतियों ने सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया। इसके बाद सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मार्च 2015 में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में दखल दिया। तभी से दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है और दोनों ही एक-दूसरे के खिलाफ हैं। हूतियों को ईरान (Iran) का समर्थन प्राप्त है तो वहीँ सऊदी अरब की तरफ से यमन की सरकारी सेना को समर्थन प्राप्त है।

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