संभल के पूर्व ओलंपियन धर्मेंद्र यादव को मिलेगा द्रोणाचार्य पुरस्कार:1992 बार्सिलोना ओलंपिक में किया था भारत का प्रतिनिधित्व

संभल के पूर्व ओलंपियन धर्मेंद्र यादव को मिलेगा द्रोणाचार्य पुरस्कार:1992 बार्सिलोना ओलंपिक में किया था भारत का प्रतिनिधित्व

संभल के पूर्व ओलंपियन और बॉक्सिंग कोच धर्मेंद्र यादव को खेल के क्षेत्र में लंबे और उल्लेखनीय योगदान के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार (लाइफ टाइम अचीवमेंट) से सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार के लिए चयन होने के बाद धर्मेंद्र यादव रविवार शाम करीब 5 बजे चंदौसी पहुंचे। यहां जिला ओलंपिक संघ की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में उनका जोरदार स्वागत किया गया। 1992 ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया धर्मेंद्र यादव संभल की गुन्नौर तहसील के हरपरी गांव के रहने वाले हैं और वर्तमान में इंदिरापुरम में रहते हैं। उन्होंने बॉक्सिंग में देश का प्रतिनिधित्व करने के साथ लंबे समय तक खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया है। वर्ष 1992 में बार्सिलोना में हुए ओलंपिक खेलों में उन्होंने भारतीय बॉक्सिंग टीम का प्रतिनिधित्व किया था। उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। धर्मेंद्र यादव के प्रशिक्षित खिलाड़ियों में विकास और मोहम्मद अली भी शामिल हैं। दोनों को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। उनके द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए चयन से संभल के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में उत्साह है। राष्ट्रपति भवन में 6 से 10 अक्टूबर के बीच होगा सम्मान धर्मेंद्र यादव को राष्ट्रपति भवन में 6 से 10 अक्टूबर के बीच आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रदान करेंगी। चयन पर धर्मेंद्र यादव ने कहा कि वह करीब 24 वर्षों से टीम के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने सम्मान मिलने पर संतोष जताते हुए चयन समिति और उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें इस सम्मान के योग्य समझा। बोले- स्कूल स्तर से मजबूत करनी होगी खेलों की बुनियाद धर्मेंद्र यादव ने उत्तर प्रदेश में खेलों की स्थिति पर कहा कि प्रदेश बहुत बड़ा है, लेकिन यहां प्रशिक्षित कोच और स्पोर्ट्स शिक्षकों की कमी है। खेलों की बुनियाद स्कूल स्तर से ही मजबूत किए जाने की जरूरत है। बच्चों को शुरुआती स्तर पर अलग-अलग खेलों से परिचित कराया जाना चाहिए, ताकि वे अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुसार खेल का चयन कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि बढ़ाने और अर्जुन पुरस्कार विजेताओं को पेंशन सुविधा देने की दिशा में अच्छा काम कर रही है। हालांकि प्रशिक्षित कोच और स्पोर्ट्स टीचरों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। ग्राउंड लेवल पर सुविधाएं बढ़ाने से निकलेंगे प्रतिभाशाली खिलाड़ी धर्मेंद्र यादव ने कहा कि यदि ग्राउंड लेवल पर प्रशिक्षित कोच उपलब्ध कराए जाएं और खेल सुविधाओं को मजबूत किया जाए तो उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकल सकते हैं। इससे खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकेंगे।

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