शेखपुरा में SC/ST वर्ग के 34 युवा बने प्रशिक्षित ओनर-ड्राइवर:RSETI में पूरा हुआ प्रशिक्षण,रोजगार-स्वरोजगार के लिए मिली ड्राइविंग ट्रेनिंग

शेखपुरा में SC/ST वर्ग के 34 युवा बने प्रशिक्षित ओनर-ड्राइवर:RSETI में पूरा हुआ प्रशिक्षण,रोजगार-स्वरोजगार के लिए मिली ड्राइविंग ट्रेनिंग

शेखपुरा में केनरा बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के 34 युवाओं के लिए आयोजित एलएमवी ओनर-ड्राइवर प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को संपन्न हो गया। प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी प्रशिक्षुओं को आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि मोटरयान निरीक्षक ने प्रमाण-पत्र प्रदान किए। यह जिले में अपनी तरह का नया कौशल आधारित और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम था। इसका उद्देश्य SC/ST वर्ग के युवाओं को वाहन संचालन का व्यावहारिक और सैद्धांतिक ज्ञान देकर रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था। देखें, मौके से आई तस्वीरें… ड्राइविंग के साथ सड़क सुरक्षा की भी मिली जानकारी प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को सिर्फ वाहन चलाना ही नहीं सिखाया गया, बल्कि यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा, सुरक्षित ड्राइविंग, वाहन रखरखाव और एक जिम्मेदार चालक के रूप में बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों की भी विस्तृत जानकारी दी गई। प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में मुख्य अतिथि मोटरयान निरीक्षक ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि एक कुशल चालक के लिए केवल वाहन चलाना जानना पर्याप्त नहीं है। यातायात नियमों की जानकारी, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाना भी उतना ही जरूरी है। यातायात नियमों के पालन की अपील उन्होंने प्रशिक्षुओं से हमेशा यातायात नियमों का पालन करने, वाहन चलाते समय पूरी सावधानी बरतने और सड़क पर अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस तरह के कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि खासकर SC/ST वर्ग के युवाओं के लिए ड्राइविंग कौशल रोजगार और स्वरोजगार का बेहतर माध्यम बन सकता है। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लर्निंग लाइसेंस टेस्ट की भी कराई तैयारी कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं को लर्निंग लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया के संबंध में भी आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। प्रशिक्षण में शामिल सभी 34 युवाओं ने लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया। साथ ही उन्हें लर्निंग लाइसेंस टेस्ट की तैयारी भी कराई गई। प्रशिक्षुओं को विशेष रूप से हिंदी भाषा में लर्निंग टेस्ट के लिए तैयार किया गया। इस दौरान यातायात संकेतों, सड़क सुरक्षा नियमों, वाहन संचालन से जुड़े आवश्यक प्रावधानों और सड़क पर सुरक्षित व्यवहार से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास कराया गया। मौके पर RSETI के निदेशक, एलडीएम समेत अन्य अधिकारी और प्रशिक्षक मौजूद थे। शेखपुरा में केनरा बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) द्वारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के 34 युवाओं के लिए आयोजित एलएमवी ओनर-ड्राइवर प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को संपन्न हो गया। प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी प्रशिक्षुओं को आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि मोटरयान निरीक्षक ने प्रमाण-पत्र प्रदान किए। यह जिले में अपनी तरह का नया कौशल आधारित और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम था। इसका उद्देश्य SC/ST वर्ग के युवाओं को वाहन संचालन का व्यावहारिक और सैद्धांतिक ज्ञान देकर रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था। देखें, मौके से आई तस्वीरें… ड्राइविंग के साथ सड़क सुरक्षा की भी मिली जानकारी प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को सिर्फ वाहन चलाना ही नहीं सिखाया गया, बल्कि यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा, सुरक्षित ड्राइविंग, वाहन रखरखाव और एक जिम्मेदार चालक के रूप में बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों की भी विस्तृत जानकारी दी गई। प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में मुख्य अतिथि मोटरयान निरीक्षक ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि एक कुशल चालक के लिए केवल वाहन चलाना जानना पर्याप्त नहीं है। यातायात नियमों की जानकारी, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाना भी उतना ही जरूरी है। यातायात नियमों के पालन की अपील उन्होंने प्रशिक्षुओं से हमेशा यातायात नियमों का पालन करने, वाहन चलाते समय पूरी सावधानी बरतने और सड़क पर अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस तरह के कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि खासकर SC/ST वर्ग के युवाओं के लिए ड्राइविंग कौशल रोजगार और स्वरोजगार का बेहतर माध्यम बन सकता है। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लर्निंग लाइसेंस टेस्ट की भी कराई तैयारी कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं को लर्निंग लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया के संबंध में भी आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। प्रशिक्षण में शामिल सभी 34 युवाओं ने लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया। साथ ही उन्हें लर्निंग लाइसेंस टेस्ट की तैयारी भी कराई गई। प्रशिक्षुओं को विशेष रूप से हिंदी भाषा में लर्निंग टेस्ट के लिए तैयार किया गया। इस दौरान यातायात संकेतों, सड़क सुरक्षा नियमों, वाहन संचालन से जुड़े आवश्यक प्रावधानों और सड़क पर सुरक्षित व्यवहार से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास कराया गया। मौके पर RSETI के निदेशक, एलडीएम समेत अन्य अधिकारी और प्रशिक्षक मौजूद थे।  

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