इटानगर, आठ अक्टूबर अरुणाचल प्रदेश पर 11 अक्टूबर से अहमदाबाद में नगालैंड के खिलाफ होने वाले प्लेट ग्रुप रणजी ट्रॉफी के शुरुआती मुकाबले में नहीं उतर पाने का खतरा मंडरा रहा है। राज्य क्रिकेट संघ में चल रही गुटबाजी और इटानगर पीठ में लंबित मामले के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। अरुणाचल प्रदेश की टीम बृहस्पतिवार को भुवनेश्वर में सिक्किम के खिलाफ वीनू मांकड़ ट्रॉफी के एकदिवसीय मुकाबले के लिए अपनी अंडर-19 टीम भी मैदान में नहीं उतार सकी।फिलहाल संघ में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जो चयन से जुड़े मामलों पर फैसला ले सके। पता चला है कि इस सत्र में राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए अनुबंधित पेशेवर खिलाड़ी भी असमंजस में हैं और उन्हें अब तक यह जानकारी नहीं दी गई है कि रणजी ट्रॉफी के शुरुआती मुकाबले के लिए उन्हें अहमदाबाद पहुंचना है या नहीं। अरुणाचल प्रदेश क्रिकेट संघ ने सितंबर में चुनाव कराया था जिसमें नबाम विवेक को अध्यक्ष चुना गया।हालांकि कई जिला क्रिकेट संघों ने चुनाव में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए गुवाहाटी उच्च न्यायालय की इटानगर पीठ का रुख किया। उच्च न्यायालय ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। इस बीच बीसीसीआई भी फिलहाल स्वतंत्र चयन समिति का गठन नहीं कर सकता जैसा उसने बिहार के मामले में किया था।मामला अदालत में विचाराधीन होने के कारण चुनाव जीतने वाले नबाम विवेक से संपर्क नहीं हो सका।
इटानगर, आठ अक्टूबर अरुणाचल प्रदेश पर 11 अक्टूबर से अहमदाबाद में नगालैंड के खिलाफ होने वाले प्लेट ग्रुप रणजी ट्रॉफी के शुरुआती मुकाबले में नहीं उतर पाने का खतरा मंडरा रहा है। राज्य क्रिकेट संघ में चल रही गुटबाजी और इटानगर पीठ में लंबित मामले के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। अरुणाचल प्रदेश की टीम बृहस्पतिवार को भुवनेश्वर में सिक्किम के खिलाफ वीनू मांकड़ ट्रॉफी के एकदिवसीय मुकाबले के लिए अपनी अंडर-19 टीम भी मैदान में नहीं उतार सकी।
फिलहाल संघ में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जो चयन से जुड़े मामलों पर फैसला ले सके। पता चला है कि इस सत्र में राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए अनुबंधित पेशेवर खिलाड़ी भी असमंजस में हैं और उन्हें अब तक यह जानकारी नहीं दी गई है कि रणजी ट्रॉफी के शुरुआती मुकाबले के लिए उन्हें अहमदाबाद पहुंचना है या नहीं। अरुणाचल प्रदेश क्रिकेट संघ ने सितंबर में चुनाव कराया था जिसमें नबाम विवेक को अध्यक्ष चुना गया।
हालांकि कई जिला क्रिकेट संघों ने चुनाव में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए गुवाहाटी उच्च न्यायालय की इटानगर पीठ का रुख किया। उच्च न्यायालय ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। इस बीच बीसीसीआई भी फिलहाल स्वतंत्र चयन समिति का गठन नहीं कर सकता जैसा उसने बिहार के मामले में किया था।
मामला अदालत में विचाराधीन होने के कारण चुनाव जीतने वाले नबाम विवेक से संपर्क नहीं हो सका।
Hindi News – News in Hindi – Latest News in Hindi | Prabhasakshi

