विवाद के बीच चुनाव आयोग की बैठक:जिन लोगों का SIR में नाम छूटा, अधिकारी उनके घर जाकर दस्तावेज लेंगे

विवाद के बीच चुनाव आयोग की बैठक:जिन लोगों का SIR में नाम छूटा, अधिकारी उनके घर जाकर दस्तावेज लेंगे

SIR पर विवाद के बीच शनिवार को दिल्ली में चुनाव आयोग की अहम बैठक हुई। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी मौजूद रहे। बैठक में फैसला लिया गया कि बिहार और पश्चिम बंगाल सहित 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष पुनरीक्षण (SIR) का काम पूरा हो चुका है। इस दौरान किसी व्यक्ति का नाम छूट गया है, या कोई नया मतदाता है, तो वह लिस्ट में अपना नाम शामिल करवाने के लिए आवेदन कर सकता है। जिन लोगों को नोटिस मिला है, BLO उनके घर जाकर दस्तावेज लेंगे। दस्तावेज ECINet पर अपलोड होंगे और रीजनल अफसर फैसला करेगा। जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन सुनवाई होगी। SIR में 13.37 करोड़ वोटर के नाम कटे, दिल्ली में सबसे ज्यादा 32.8% चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया के तीनों चरणों में अब तक 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 13.37 करोड़ नाम कम हुए हैं। यह SIR से पहले के कुल मतदाताओं का 14.1% है। सबसे ज्यादा नाम दिल्ली में 32.8% वोटर कम हुए हैं। इसके बाद दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव में 29.6%, तेलंगाना में 21.7%, महाराष्ट्र में 21.1% और अंडमान-निकोबार में 20.6% नाम कम हुए हैं। दिल्ली-महाराष्ट्र में 30 अक्टूबर तक क्लेम कर सकेंगे बैठक में फैसला लिया गया कि दिल्ली, महाराष्ट्र में क्लेम और ऑब्जेक्शन दाखिल करने की तारीख 30 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। दिल्ली में विवाद का निपटारा 30 नवंबर और महाराष्ट्र में निपटारा 10 नवंबर तक करना होगा। गोवा में जिन वोटर्स का नाम छूट गया है, वहां ब्लॉक अफसर घर-घर जाकर फॉर्म-6 कलेक्ट करेगा। SIR में अगर आपका नाम लिस्ट में नहीं है या छूट गया है तो फॉर्म-6 के जरिए नाम शामिल कराने का दावा किया जाता है। आयोग ने कहा कि फॉर्म-6 पर कोई विवाद है ही नहीं। फॉर्म-6 को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है। आयोग बोला- फार्म-6 पर विवाद गलत, इसे सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया फॉर्म में बदलाव को लेकर हुए विवाद पर चुनाव आयोग का कहना है कि SIR के लिए फॉर्म 6 के साथ जुड़े डिक्लेरेशन को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है। SIR को लेकर विवाद, कांग्रेस ने देशभर में प्रदर्शन किया यह मामला चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आया है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के फैसलों पर 14 बार आपत्ति जताई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। कांग्रेस का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग में मनमानी कर रहे हैं और दो अन्य आयुक्तों की बात नहीं सुन रहे हैं। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार को हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन किया। चुनाव से जुड़े कुछ आदेशों और कथित सॉफ्टवेयर बदलावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है। ———————- ये खबर भी पढ़ें… कांग्रेस बोली- ज्ञानेश कुमार को पीएम बना देना चाहिए:पद्म भूषण उनके लिए छोटी चीज; बंगाल BJP अध्यक्ष ने कहा था- CEC सम्मान के हकदार कांग्रेस ने शनिवार को बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के बयान पर तंज कसा। कांग्रेस प्रवक्ता नेता पवन खेड़ा कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए पद्म भूषण बहुत छोटी चीज है। उन्हें प्रधानमंत्री बना देना चाहिए। जो दूसरों को पीएम बना सकता है, उसे खुद पीएम बनना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…

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