विराट रामायण मंदिर की शिवलिंग प्रतिमूर्ति लेकर निकले कांवरिए:धनबाद से 13 शिवभक्त बाबा धाम की कर रहे यात्रा, कांवड़ का नाम ‘औघड़ धानी बम’ रखा

विराट रामायण मंदिर की शिवलिंग प्रतिमूर्ति लेकर निकले कांवरिए:धनबाद से 13 शिवभक्त बाबा धाम की कर रहे यात्रा, कांवड़ का नाम ‘औघड़ धानी बम’ रखा

मोतिहारी के कैथवलिया स्थित विराट रामायण मंदिर में स्थापित शिवलिंग की प्रतिमूर्ति को विशेष कांवड़ में स्थापित कर धनबाद के 13 शिवभक्त बाबा धाम की यात्रा पर निकले हैं। कांवड़ का नाम ‘औघड़ धानी बम’ रखा गया है। जत्था मुंगेर-भागलपुर कच्ची कांवरिया पथ से होकर देवघर की ओर बढ़ रहा है। कांवड़ के दर्शन के लिए श्रद्धालु रुक जाते हैं और पूरा कांवरिया पथ ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से गूंज उठा। विराट रामायण मंदिर में शिवलिंग की ऊंचाई 33 फीट है बताया जाता है कि विराट रामायण मंदिर में स्थापित मूल शिवलिंग काले ग्रेनाइट पत्थर से बना है। इसकी ऊंचाई और चौड़ाई करीब 33 फीट बताई जाती है और इसका वजन लगभग 210 मीट्रिक टन है। इसी विशाल शिवलिंग की प्रतिमूर्ति को विशेष रूप से तैयार कर कांवड़ में स्थापित किया गया है। कांवड़ को इस तरह तैयार किया गया है कि एक साथ चार कांवरिया इसे अपने कंधों पर उठाकर यात्रा कर सकते हैं।
महादेव की प्रतिमूर्ति श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र धनबाद से आए 13 शिवभक्तों का यह जत्था अपनी अनोखी कांवड़ के साथ बाबा बैद्यनाथ के दरबार में पहुंचने के संकल्प के साथ लगातार आगे बढ़ रहा है। यात्रा के दौरान जत्थे के सदस्य पूरे उत्साह और भक्ति के साथ बाबा भोलेनाथ का नाम लेते हुए आगे बढ़ रहे हैं। कांवड़ पर विराजमान महादेव की प्रतिमूर्ति श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का कारण बनी हुई है। मुंगेर-भागलपुर कच्ची कांवरिया पथ पर हर दिन हजारों-लाखों शिवभक्त बाबा धाम की ओर बढ़ रहे हैं। कोई नंगे पैर यात्रा कर रहा है तो कोई कठिन संकल्प के साथ कांवर लेकर निकला है। मुंगेर-भागलपुर कच्ची कांवरिया पथ से गुजर रहा जत्था कांवड़ लेकर चल रहे श्रद्धालुओं का कहना है कि महादेव के प्रति आस्था और श्रद्धा ही उन्हें इस तरह का संकल्प लेने की प्रेरणा देती है। उनका उद्देश्य इस विशाल शिवलिंग की प्रतिमूर्ति को बाबा बैद्यनाथ के दरबार तक पहुंचाना और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करना है। कच्ची कांवरिया पथ पर गुजरते इस जत्थे को देखने के लिए स्थानीय लोगों और अन्य कांवरियों की भीड़ जुट रही है। कई श्रद्धालु इस अनोखी कांवड़ के साथ तस्वीरें लेते और वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं। फिलहाल ‘औघड़ धानी बम’ की कांवड़ मुंगेर-भागलपुर कच्ची कांवरिया पथ पर सावन यात्रा का खास आकर्षण बनी हुई है। मोतिहारी के कैथवलिया स्थित विराट रामायण मंदिर में स्थापित शिवलिंग की प्रतिमूर्ति को विशेष कांवड़ में स्थापित कर धनबाद के 13 शिवभक्त बाबा धाम की यात्रा पर निकले हैं। कांवड़ का नाम ‘औघड़ धानी बम’ रखा गया है। जत्था मुंगेर-भागलपुर कच्ची कांवरिया पथ से होकर देवघर की ओर बढ़ रहा है। कांवड़ के दर्शन के लिए श्रद्धालु रुक जाते हैं और पूरा कांवरिया पथ ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से गूंज उठा। विराट रामायण मंदिर में शिवलिंग की ऊंचाई 33 फीट है बताया जाता है कि विराट रामायण मंदिर में स्थापित मूल शिवलिंग काले ग्रेनाइट पत्थर से बना है। इसकी ऊंचाई और चौड़ाई करीब 33 फीट बताई जाती है और इसका वजन लगभग 210 मीट्रिक टन है। इसी विशाल शिवलिंग की प्रतिमूर्ति को विशेष रूप से तैयार कर कांवड़ में स्थापित किया गया है। कांवड़ को इस तरह तैयार किया गया है कि एक साथ चार कांवरिया इसे अपने कंधों पर उठाकर यात्रा कर सकते हैं।
महादेव की प्रतिमूर्ति श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र धनबाद से आए 13 शिवभक्तों का यह जत्था अपनी अनोखी कांवड़ के साथ बाबा बैद्यनाथ के दरबार में पहुंचने के संकल्प के साथ लगातार आगे बढ़ रहा है। यात्रा के दौरान जत्थे के सदस्य पूरे उत्साह और भक्ति के साथ बाबा भोलेनाथ का नाम लेते हुए आगे बढ़ रहे हैं। कांवड़ पर विराजमान महादेव की प्रतिमूर्ति श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का कारण बनी हुई है। मुंगेर-भागलपुर कच्ची कांवरिया पथ पर हर दिन हजारों-लाखों शिवभक्त बाबा धाम की ओर बढ़ रहे हैं। कोई नंगे पैर यात्रा कर रहा है तो कोई कठिन संकल्प के साथ कांवर लेकर निकला है। मुंगेर-भागलपुर कच्ची कांवरिया पथ से गुजर रहा जत्था कांवड़ लेकर चल रहे श्रद्धालुओं का कहना है कि महादेव के प्रति आस्था और श्रद्धा ही उन्हें इस तरह का संकल्प लेने की प्रेरणा देती है। उनका उद्देश्य इस विशाल शिवलिंग की प्रतिमूर्ति को बाबा बैद्यनाथ के दरबार तक पहुंचाना और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करना है। कच्ची कांवरिया पथ पर गुजरते इस जत्थे को देखने के लिए स्थानीय लोगों और अन्य कांवरियों की भीड़ जुट रही है। कई श्रद्धालु इस अनोखी कांवड़ के साथ तस्वीरें लेते और वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं। फिलहाल ‘औघड़ धानी बम’ की कांवड़ मुंगेर-भागलपुर कच्ची कांवरिया पथ पर सावन यात्रा का खास आकर्षण बनी हुई है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *