विदिशा में 17 साल से अनोखी परंपरा:युवा बांध रहे पुलों- रेलवे को रक्षासूत्र, करते हैं सुरक्षित यात्रा की कामना

विदिशा में 17 साल से अनोखी परंपरा:युवा बांध रहे पुलों- रेलवे को रक्षासूत्र, करते हैं सुरक्षित यात्रा की कामना

विदिशा में रक्षाबंधन पर्व पर एक अनोखी परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। यहां कुछ युवा पिछले 17 वर्षों से रेलवे और सड़क पुलों को रक्षा सूत्र बांधकर यात्रियों की सुरक्षा की कामना कर रहे हैं। वे रेलवे कर्मचारियों को भी राखी बांधते हैं। आज रक्षाबंधन के अवसर पर शिव साधना गौ सेवा समिति के सदस्य रंगई स्थित रेलवे ब्रिज और सड़क पुल पर पहुंचे। उन्होंने पुलों पर रक्षा सूत्र बांधे और यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए प्रार्थना की। युवाओं ने रेलवे ट्रैक और ट्रेनों को भी राखी बांधकर सुरक्षित सफर की कामना की। समिति प्रमुख राकेश चौरसिया ने बताया कि इस पहल की शुरुआत वर्ष 2009 में उन्होंने अपने साथी दीपक साहू के साथ की थी। दीपक साहू अब नहीं रहे, लेकिन उनके द्वारा शुरू की गई यह परंपरा आज भी जारी है। हर साल रक्षाबंधन पर समिति के सदस्य पुलों और रेलवे से जुड़े स्थानों पर पहुंचकर रक्षा सूत्र बांधते हैं। राकेश चौरसिया के अनुसार, रेलवे लाखों यात्रियों की जीवनरेखा है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं। उनकी कामना है कि रेलवे ट्रैक, पुल और ट्रेन सुरक्षित रहें। वे रेलवे कर्मचारियों को राखी बांधकर उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं और यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने की प्रार्थना करते हैं। राकेश बताते हैं कि उनके लिए रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार नहीं, बल्कि सुरक्षा और जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। इसी भावना के साथ वे पिछले 17 वर्षों से इस परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं। उनका उद्देश्य रेलवे और पुलों से प्रतिदिन गुजरने वाले हजारों यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है।

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