संवैधानिक सुरक्षा उपायों और लोकतांत्रिक शासन पर केंद्र के मसौदे को लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) द्वारा खारिज किए जाने पर मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने शनिवार को निराशा जताते हुए क्षेत्र के नेताओं से आपसी विश्वास, धैर्य और खुले मन के साथ बातचीत जारी रखने का आग्रह किया। लेह में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कुंद्रा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा तैयार 32 पन्नों के प्रस्ताव को 16 अक्टूबर को लद्दाख के प्रतिनिधियों के सामने पेश किए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर खारिज कर दिया गया। इससे एक दिन पहले ही प्रतिनिधियों ने केंद्र के साथ बातचीत की थी।
मुख्य सचिव ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार जल्द से जल्द राजनीतिक समाधान निकालने और लोकतांत्रिक रूप से ऐसी निर्वाचित संस्था गठित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जो लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करे।’’
एलएबी और केडीए का कहना है कि केंद्र का प्रस्ताव संवैधानिक सुरक्षा उपायों और सार्थक अधिकारों वाली विधानसभा की उनकी मांगों को पूरा नहीं करता है। कुंद्रा ने कहा कि सरकार ने वैकल्पिक संवैधानिक ढांचा तैयार करने के लिए समन्वित प्रयास किए हैं और जोर दिया कि सभी पक्षों को स्वीकार्य व्यवस्था पर पहुंचने के लिए आगे भी बातचीत जरूरी है। एलएबी और केडीए ने गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर असंतोष जताते हुए कहा है कि संवैधानिक सुरक्षा उपायों और कार्यपालिका, विधायी तथा वित्तीय अधिकारों वाली विधानसभा की उनकी मांगें बातचीत के केंद्र में बनी हुई हैं।
दोनों पक्ष अपने-अपने प्रस्तावों पर चर्चा करने और मतभेद दूर करने की कोशिश के लिए 22 अक्टूबर को नयी दिल्ली में फिर बैठक करेंगे। कुंद्रा ने उम्मीद जताई कि आने वाले हफ्तों और महीनों में बातचीत किसी नतीजे पर पहुंचेगी। उन्होंने दोहराया कि केंद्र लद्दाख में जल्द से जल्द लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित संस्था गठित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

