लखनऊ विश्वविद्यालय में एचपीवी टीकाकरण पर व्याख्यान:कैंसर से बचाव और जागरूकता पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी

लखनऊ विश्वविद्यालय में एचपीवी टीकाकरण पर व्याख्यान:कैंसर से बचाव और जागरूकता पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी

लखनऊ विश्वविद्यालय में बुधवार को ‘एचपीवी टीकाकरण और कैंसर’ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ‘आनंदी मां : एक जीवन बचाओ अभियान और कैंसर मुक्त भारत यात्रा’ एवं स्ट्री वेलफेयर फाउंडेशन के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उन्नत आणविक आनुवंशिकी एवं संक्रामक रोग संस्थान आईएएमजीआईडी और प्राणी विज्ञान विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय ने संयुक्त रूप से किया। मुख्य वक्ता केजीएमयू के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रोफेसर रेनू सिंह रहीं। उन्होंने गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर, इसके जोखिम कारकों, बचाव और एचपीवी टीकाकरण की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। संक्रमण गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का प्रमुख कारण प्रोफेसर रेनू सिंह ने बताया कि हाई-रिस्क ह्यूमन पैपिलोमावायरस एचपीवी का लगातार संक्रमण गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का प्रमुख कारण है। उन्होंने एचपीवी के विभिन्न प्रकार के टीकों की जानकारी देते हुए बताया कि टीकाकरण, जागरूकता और नियमित जांच से इस कैंसर के खतरे को काफी कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एचपीवी का टीका केवल लड़कियों के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि लड़कों को भी टीका लगवाना चाहिए। लड़कों के टीकाकरण से एचपीवी के प्रसार को कम करने के साथ पुरुषों में एचपीवी से संबंधित बीमारियों और कैंसर से बचाव में भी मदद मिलती है। बीमारी होने का इंतजार करने के बजाय पहले से बचाव जरूरी व्याख्यान में किशोरों और युवाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच कराने और एचपीवी टीकाकरण से जुड़ी गलत धारणाओं को दूर करने पर जोर दिया गया। प्रोफेसर सिंह ने कहा कि बीमारी होने का इंतजार करने के बजाय पहले से बचाव करना ज्यादा जरूरी है। एचपीवी टीकाकरण को जनस्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में अपनाया जाना चाहिए। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधकर्ता और छात्र शामिल हुए। विशेषज्ञों ने कहा कि कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता, टीकाकरण और समय पर जांच को बढ़ावा देना जरूरी है। कार्यक्रम ने कैंसर मुक्त समाज के निर्माण में रोकथाम और जागरूकता की भूमिका का मजबूत संदेश दिया।

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