Altaf Hussain Pakistan Civil War Zardari: पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। निर्वासित नेता और मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) के संस्थापक अल्ताफ हुसैन ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और सेना के बीच कथित सत्ता संघर्ष को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि पाकिस्तान में हालात इतने बिगड़ सकते हैं कि देश गृहयुद्ध की तरफ बढ़ जाए। अल्ताफ हुसैन ने 2 सितंबर को अपने 462वें टिकटॉक संदेश में पाकिस्तान की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति जरदारी और सैन्य नेतृत्व के बीच तनाव बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, इस टकराव का असर देश की राजनीति और संवैधानिक व्यवस्था पर पड़ सकता है।
जरदारी और सेना के बीच बढ़ता तनाव?
अल्ताफ हुसैन के मुताबिक, पाकिस्तान में सत्ता को लेकर पर्दे के पीछे बड़ा संघर्ष चल रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर राजनीतिक गतिरोध लंबा खिंचा तो देश में मार्शल लॉ या अंतरिम सरकार जैसी स्थिति बन सकती है। उन्होंने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) पर सिंध में तनाव बढ़ाने का आरोप भी लगाया। साथ ही शांति पसंद लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की हिंसा या खून-खराबे का हिस्सा न बनें।
28वें संविधान संशोधन को लेकर बड़ा दावा
अल्ताफ हुसैन ने पाकिस्तान के 28वें संविधान संशोधन को लेकर भी गंभीर दावा किया। उनका आरोप है कि इस संशोधन को आगे बढ़ाने के लिए पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है। उनके मुताबिक, इसके जरिए पाकिस्तान में नए प्रांत बनाए जा सकते हैं और मौजूदा प्रांतों की सीमाओं में बदलाव हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि इस पूरी कवायद का असर खास तौर पर सिंध में रहने वाले मुहाजिर समुदाय पर पड़ सकता है।
अल्ताफ हुसैन ने सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुहाजिर समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की है।
लंदन में जरदारी और नकवी की सीक्रेट मुलाकात
अल्ताफ हुसैन ने राष्ट्रपति जरदारी और गृह मंत्री मोहसिन नकवी की लंदन में हुई कथित बैठक का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, जरदारी पहले अपने बेटे बिलावल भुट्टो की शादी के लिए ऑस्ट्रिया गए और इसके बाद लंदन पहुंचे। हुसैन का दावा है कि लंदन में जरदारी और मोहसिन नकवी के बीच करीब एक घंटे तक बंद कमरे में मुलाकात हुई। इस दौरान नकवी ने राष्ट्रपति को एक अहम संदेश दिया। अल्ताफ हुसैन ने इस संदेश को जरदारी और सैन्य नेतृत्व के बीच बढ़ते तनाव से जोड़कर देखा।
मार्शल लॉ या अंतरिम सरकार की आशंका
अल्ताफ हुसैन ने चेतावनी दी कि अगर राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के बीच टकराव बढ़ता है तो पाकिस्तान में संवैधानिक संकट पैदा हो सकता है। उन्होंने मार्शल लॉ या अंतरिम सरकार की संभावना भी जताई। उन्होंने सैन्य नेतृत्व और सिंधी राष्ट्रवादी समूहों के बीच बढ़ते तनाव को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि यह तनाव आगे चलकर बड़े पैमाने पर अशांति और हिंसा में बदल सकता है।
बलूचिस्तान की हिंसा भी चिंता का कारण
अल्ताफ हुसैन ने बलूचिस्तान के हालात का भी जिक्र किया। वहां सुरक्षा बलों और बलूच सशस्त्र समूहों के बीच लंबे समय से संघर्ष जारी है। उन्होंने बलूच लोगों की स्थिति पर ज्यादा ध्यान देने की मांग की। उनके मुताबिक, बलूचिस्तान में हिंसा, सिंध में तनाव और नए प्रांतों को लेकर चल रही बहस पाकिस्तान के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।
अमेरिका और ब्रिटेन पर भी साधा निशाना
अल्ताफ हुसैन ने अमेरिका और ब्रिटेन को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान व्यापक गृहयुद्ध में फंसता है तो दोनों देश उसे बचाने के लिए आगे नहीं आएंगे। उन्होंने पाकिस्तान के लोगों से हिंसा का रास्ता छोड़ने और मौजूदा तनाव को और बढ़ने से रोकने की अपील की। उनके मुताबिक, नए प्रांतों, संवैधानिक बदलाव और सत्ता संघर्ष को लेकर देश में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।

