कैमूर के कुदरा थाना क्षेत्र के देवराढ़ कला निवासी सूर्यकांत तिवारी ने कुदरा अंचल कार्यालय और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपनी निजी जमीन पर अतिक्रमण रोकने के लिए धारा 144 लगाने का आवेदन दिया था। सूर्यकांत तिवारी का आरोप है कि अंचल कार्यालय के प्रधान लिपिक ने काम कराने के बदले ऑनलाइन रिश्वत की मांग की। उन्होंने इसकी शिकायत वरीय अधिकारियों से की। इसके बाद आरोप है कि अंचल अधिकारी और पुलिस की ओर से उन पर दबाव बनाया जाने लगा। बयान नहीं बदलने पर परिवार पर केस का दावा तिवारी का कहना है कि दबाव के बावजूद उन्होंने अपना बयान नहीं बदला। इसके बाद उनके और उनके परिवार के खिलाफ थाने में SC/ST एक्ट, छेड़खानी समेत कई धाराओं में मामला दर्ज कर दिया गया। पीड़ित पक्ष ने केस को गलत बताते हुए इसे शिकायत के बाद दबाव बनाने की कार्रवाई बताया है। SP से मिले पीड़ित, जांच का मिला भरोसा परशुराम सेना के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार तिवारी ने भी मामले को गलत बताया है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की। एसपी ने मामले की जांच कराने का भरोसा दिया है। रिश्वत मांगने, दबाव बनाने और मुकदमे को गलत बताए जाने संबंधी आरोप पीड़ित पक्ष के हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और अंचल प्रशासन व पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है। कैमूर के कुदरा थाना क्षेत्र के देवराढ़ कला निवासी सूर्यकांत तिवारी ने कुदरा अंचल कार्यालय और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपनी निजी जमीन पर अतिक्रमण रोकने के लिए धारा 144 लगाने का आवेदन दिया था। सूर्यकांत तिवारी का आरोप है कि अंचल कार्यालय के प्रधान लिपिक ने काम कराने के बदले ऑनलाइन रिश्वत की मांग की। उन्होंने इसकी शिकायत वरीय अधिकारियों से की। इसके बाद आरोप है कि अंचल अधिकारी और पुलिस की ओर से उन पर दबाव बनाया जाने लगा। बयान नहीं बदलने पर परिवार पर केस का दावा तिवारी का कहना है कि दबाव के बावजूद उन्होंने अपना बयान नहीं बदला। इसके बाद उनके और उनके परिवार के खिलाफ थाने में SC/ST एक्ट, छेड़खानी समेत कई धाराओं में मामला दर्ज कर दिया गया। पीड़ित पक्ष ने केस को गलत बताते हुए इसे शिकायत के बाद दबाव बनाने की कार्रवाई बताया है। SP से मिले पीड़ित, जांच का मिला भरोसा परशुराम सेना के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार तिवारी ने भी मामले को गलत बताया है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की। एसपी ने मामले की जांच कराने का भरोसा दिया है। रिश्वत मांगने, दबाव बनाने और मुकदमे को गलत बताए जाने संबंधी आरोप पीड़ित पक्ष के हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और अंचल प्रशासन व पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है।

