रायबरेली के सुल्तानपुर आइमा गांव में सरकार द्वारा कराए जा रहे रिंग रोड के निर्माण के कारण ग्रामीणों के सामने आवागमन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। रिंग रोड निर्माण के दौरान गांव को नहर से जोड़ने वाले पुराने खड़ंजे को ध्वस्त कर दिया गया है, जिससे ग्रामीणों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। गांव के निवासी नवल किशोर पाण्डेय और अन्य ग्रामीणों ने सदर विधायक अदिति सिंह को एक मांग पत्र सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया है। प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि ग्राम प्रधान द्वारा गांव से नहर तक एक खड़ंजा मार्ग का निर्माण कराया गया था, जिसका उपयोग ग्रामवासी आवाजाही के लिए करते थे। ग्रामीणों के अनुसार, रिंग रोड के निर्माण कार्य के दौरान कर्मचारियों द्वारा इस मार्ग को तोड़ दिया गया है और इसके स्थान पर नाले व दीवार का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि उक्त स्थान पर ग्रामीणों के लिए कोई सर्विस लेन या वैकल्पिक मार्ग प्रस्तावित नहीं है।
इससे भविष्य में, विशेषकर बरसात के दिनों में, गांव वालों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। समस्या के स्थायी समाधान के लिए ग्रामीणों ने पांसापुर से सुल्तानपुर आइमा होते हुए नहर तक एक सर्विस लेन के निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह सर्विस लेन नहीं बनाई गई तो उनका अपने गंतव्य तक पहुंचना अत्यंत कठिन हो जाएगा। इस दौरान आशुतोष त्रिवेदी, अंकुर त्रिवेदी, सुशील त्रिवेदी, राम किशोर त्रिवेदी, विवेक पाण्डेय, शुभम पाण्डेय और सुभाष चंद्र सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।


