बिहार भाजपा एनआरआई सेल की ओर से आज पटना में ‘सपनों का भारत 2047’ कॉन्क्लेव के तहत ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, युवा उद्यमी और अन्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा एनआरआई सेल के संयोजक मनीष सिन्हा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए एनआरआई सेल के संयोजक मनीष सिन्हा ने कहा कि ‘युवाओं की बात, युवाओं के साथ’ की भावना से इस कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया है। इसमें युवाओं के बीच उद्यमिता, नवाचार, नेतृत्व, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद किया गया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ना है। इस दौरान यह भी चर्चा की गई कि बिहार के युवा राष्ट्र निर्माण में किस तरह अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। 25 साल की जनसेवा का जिक्र, विकसित भारत का लक्ष्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवैधानिक दायित्व के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और वर्ष 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनके संवैधानिक दायित्व के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। संजय सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और सिद्धांतों में हमेशा यह प्राथमिकता रही है कि भारत दुनिया में सर्वोच्च स्थान पर पहुंचे और वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बने। पिछले 25 वर्षों की जनसेवा में उन्होंने समाज के सभी वर्गों की चिंता की है। युवा जॉब सीकर नहीं, जॉब गिवर बनें प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि युवा केवल जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब गिवर बनें। इसी तरह युवा केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के यूजर न रहें, बल्कि एआई के क्रिएटर, इनोवेटर और एंटरप्रेन्योर भी बनें। बिहार के विकास की अपार संभावनाएं संजय सरावगी ने कहा कि बिहार में विकास की अपार संभावनाएं हैं और सभी लोग बिहार के विकास के लिए तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि आज बिहार की सबसे अच्छी इंडस्ट्रियल पॉलिसी है और आने वाला भविष्य बिहार का है। बिहार को विकसित बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि युवा, उद्यमी, गरीब, किसान, श्रमिक और ईडब्ल्यूएस लाभार्थी सहित समाज के हर वर्ग के विकास को प्रधानमंत्री ने प्राथमिकता दी है। भारत आज तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी है। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ सैन्य शक्ति और अर्थव्यवस्था दोनों क्षेत्रों में देश आगे बढ़ रहा है। 2047 के विकसित भारत में युवाओं की बड़ी भूमिका प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2047 में जब भारत विकसित राष्ट्र बनेगा, तब उसके निर्माण में देश के युवाओं का बहुत बड़ा योगदान होगा। युवाओं के सपनों, नवाचार और ऊर्जा को सही दिशा मिलने से विकसित भारत के लक्ष्य को गति मिलेगी। उन्होंने युवाओं से नए विचारों के साथ आगे बढ़ने और उद्यमिता एवं नवाचार के क्षेत्र में नए अवसर बनाने का आह्वान किया। साथ ही युवाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। युवा उद्यमियों ने बताए स्टार्टअप के अनुभव कॉन्क्लेव के दूसरे सत्र में युवा उद्यमियों ने विकसित भारत के विषय पर अपनी बात रखी। इसमें रोडबेज के फाउंडर दिलखुश कुमार, तिरहुत वाला इनोवेशन के अभिनव झा, मखाना वाला के फाउंडर श्रवण कुमार और हिप्रोटेक के फाउंडर अभिषेक कुमार शामिल हुए। दिलखुश कुमार ने कहा कि युवाओं को जोखिम लेकर अपने बिजनेस की शुरुआत करनी होगी। संघर्ष के साथ आगे बढ़ना होगा। अगर कुछ बड़ा करना है तो बड़ा सोचना होगा। अभिनव झा ने कहा कि मखाना से कई तरह के नए प्रोडक्ट बनाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि उनका स्टार्टअप आज दुनिया के 12 देशों में काम कर रहा है। मखाना वाला के फाउंडर श्रवण कुमार ने कहा कि कोरोना के बाद मखाना इंडस्ट्री में काफी उभार आया है। उन्होंने बताया कि उनकी ओर से मखाना का रेस्टोरेंट मॉडल तैयार किया गया है। बिहार भाजपा एनआरआई सेल की ओर से आज पटना में ‘सपनों का भारत 2047’ कॉन्क्लेव के तहत ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, युवा उद्यमी और अन्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा एनआरआई सेल के संयोजक मनीष सिन्हा ने की। कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए एनआरआई सेल के संयोजक मनीष सिन्हा ने कहा कि ‘युवाओं की बात, युवाओं के साथ’ की भावना से इस कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया है। इसमें युवाओं के बीच उद्यमिता, नवाचार, नेतृत्व, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद किया गया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ना है। इस दौरान यह भी चर्चा की गई कि बिहार के युवा राष्ट्र निर्माण में किस तरह अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। 25 साल की जनसेवा का जिक्र, विकसित भारत का लक्ष्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवैधानिक दायित्व के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और वर्ष 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनके संवैधानिक दायित्व के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। संजय सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और सिद्धांतों में हमेशा यह प्राथमिकता रही है कि भारत दुनिया में सर्वोच्च स्थान पर पहुंचे और वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बने। पिछले 25 वर्षों की जनसेवा में उन्होंने समाज के सभी वर्गों की चिंता की है। युवा जॉब सीकर नहीं, जॉब गिवर बनें प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि युवा केवल जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब गिवर बनें। इसी तरह युवा केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के यूजर न रहें, बल्कि एआई के क्रिएटर, इनोवेटर और एंटरप्रेन्योर भी बनें। बिहार के विकास की अपार संभावनाएं संजय सरावगी ने कहा कि बिहार में विकास की अपार संभावनाएं हैं और सभी लोग बिहार के विकास के लिए तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि आज बिहार की सबसे अच्छी इंडस्ट्रियल पॉलिसी है और आने वाला भविष्य बिहार का है। बिहार को विकसित बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि युवा, उद्यमी, गरीब, किसान, श्रमिक और ईडब्ल्यूएस लाभार्थी सहित समाज के हर वर्ग के विकास को प्रधानमंत्री ने प्राथमिकता दी है। भारत आज तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी है। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ सैन्य शक्ति और अर्थव्यवस्था दोनों क्षेत्रों में देश आगे बढ़ रहा है। 2047 के विकसित भारत में युवाओं की बड़ी भूमिका प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2047 में जब भारत विकसित राष्ट्र बनेगा, तब उसके निर्माण में देश के युवाओं का बहुत बड़ा योगदान होगा। युवाओं के सपनों, नवाचार और ऊर्जा को सही दिशा मिलने से विकसित भारत के लक्ष्य को गति मिलेगी। उन्होंने युवाओं से नए विचारों के साथ आगे बढ़ने और उद्यमिता एवं नवाचार के क्षेत्र में नए अवसर बनाने का आह्वान किया। साथ ही युवाओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। युवा उद्यमियों ने बताए स्टार्टअप के अनुभव कॉन्क्लेव के दूसरे सत्र में युवा उद्यमियों ने विकसित भारत के विषय पर अपनी बात रखी। इसमें रोडबेज के फाउंडर दिलखुश कुमार, तिरहुत वाला इनोवेशन के अभिनव झा, मखाना वाला के फाउंडर श्रवण कुमार और हिप्रोटेक के फाउंडर अभिषेक कुमार शामिल हुए। दिलखुश कुमार ने कहा कि युवाओं को जोखिम लेकर अपने बिजनेस की शुरुआत करनी होगी। संघर्ष के साथ आगे बढ़ना होगा। अगर कुछ बड़ा करना है तो बड़ा सोचना होगा। अभिनव झा ने कहा कि मखाना से कई तरह के नए प्रोडक्ट बनाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि उनका स्टार्टअप आज दुनिया के 12 देशों में काम कर रहा है। मखाना वाला के फाउंडर श्रवण कुमार ने कहा कि कोरोना के बाद मखाना इंडस्ट्री में काफी उभार आया है। उन्होंने बताया कि उनकी ओर से मखाना का रेस्टोरेंट मॉडल तैयार किया गया है।

