कानपुर के घाटमपुर में गांव के बाहर आम के बगीचे में संदिग्ध हालात में मिली दलित युवती की मौत का मामला पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद और गंभीर हो गया है। रिपोर्ट में 25 वर्षीय युवती के सात माह की गर्भवती होने की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों ने रेप की आशंका के चलते स्लाइड तैयार की है, जबकि गर्भस्थ शिशु का डीएनए भी जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। हालांकि पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। युवती के पिता की तहरीर पर घाटमपुर पुलिस ने उसके दो परिचित युवकों के खिलाफ हत्या समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश कर रही है। साथ ही मोबाइल फोन की तलाश और कॉल डिटेल के जरिए मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मामले की जांच और तेज कर दी गई है। पिता ने दो युवकों पर लगाया हत्या का आरोप घाटमपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी 25 वर्षीय बेटी के गांव निवासी गोला पांडेय और शहर के रहने वाले प्रांजुल से प्रेम संबंध थे। परिजनों के मुताबिक युवती पिछले करीब एक महीने से घर से बाहर रह रही थी। गुरुवार सुबह उसका शव गांव के किनारे आम के बगीचे में पड़ा मिला। पिता ने आरोप लगाया कि दोनों युवकों ने बेटी की हत्या कर शव वहां फेंक दिया। घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि पिता की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है। पोस्टमार्टम में सामने आई अहम बातें गुरुवार देर शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती के सात माह की गर्भवती होने की पुष्टि हुई। रिपोर्ट के अनुसार गर्भ में पल रहे शिशु का डीएनए जांच के लिए सुरक्षित कर लिया गया है। डॉक्टरों ने यौन उत्पीड़न की संभावना की जांच के लिए आवश्यक नमूने (स्लाइड) भी सुरक्षित किए हैं। हालांकि अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि यौन उत्पीड़न हुआ था। इसकी पुष्टि फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। डॉक्टरों ने फोरेंसिक जांच के लिए जरूरी सैंपल सुरक्षित किए हैं। मौत की वजह अब भी साफ नहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। ऐसे में विसरा और अन्य जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सभी वैज्ञानिक और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। युवती का मोबाइल बनेगा सबसे बड़ा सुराग घटनास्थल से पुलिस को युवती का मोबाइल फोन और पर्स नहीं मिला। ऐसे में जांच टीम अब उसके मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल और लोकेशन खंगाल रही है। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल से यह पता चल सकेगा कि युवती आखिरी बार किसके संपर्क में थी और घटना से पहले उसकी गतिविधियां क्या थीं। पुलिस कॉल डिटेल और डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मामले में कई नए सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवती की मौत कैसे हुई, वह बगीचे तक कैसे पहुंची और घटना के समय उसके साथ कौन था। जांच अधिकारी का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट, डीएनए जांच, मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत की असली वजह और घटना की परिस्थितियां साफ हो सकेंगी।


