नवरात्रि के अवसर पर मोतिहारी के विभिन्न चौक-चौराहों पर मां दुर्गा की पूजा बड़े ही धूमधाम से की जा रही है। इसी बीच शहर में एक अनोखी और अलग पूजा देखने को मिली है। शहर के श्रीकृष्ण नगर मुहल्ला स्थित मंगलायतन मंदिर में मनोकामना पूर्ण कलश स्थापित किया गया है। यहां मुहल्ले के लोगों ने अपने-अपने नाम से कलश स्थापित किए हैं। इस बार मंदिर परिसर में कुल 251 कलश स्थापित किए गए हैं। मुहल्ले के लोगों और पुजारी ने बताया कि इस मंदिर से लोगों की बड़ी आस्था जुड़ी हुई है। बड़ी आस्था के साथ हर नवरात्रि में पूजा मान्यता है कि जो भी व्यक्ति सच्चे मन और भक्ति भाव से यहां कलश स्थापित करता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है। इसी आस्था के कारण धीरे-धीरे हर वर्ष कलशों की संख्या बढ़ती जा रही है। मंदिर की स्थापना तत्कालीन वार्ड पार्षद स्व. मदन मोहन सिंह द्वारा की गई थी। उनके पुत्र संटू सिंह ने बताया कि पापा ने कोरोना काल से पहले इस मंदिर की स्थापना की थी। महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी भक्ति में लीन तब से लोग यहां बड़ी आस्था के साथ हर नवरात्रि में पूजा करते हैं। हालांकि यहां प्रतिदिन मुहल्ले के लोग पूजा करने आते हैं, लेकिन नवरात्रि में लोगों की आस्था देखते ही बनती है। पूरा मुहल्ला एकजुट होकर बड़े ही धूमधाम से माता की पूजा करता है। नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं। 251 कलशों की एक साथ स्थापना से मंदिर परिसर का दृश्य अत्यंत मनोरम लग रहा है। भक्तों का कहना है कि यह परंपरा आने वाले वर्षों में और भी भव्य रूप लेगी। नवरात्रि के अवसर पर मोतिहारी के विभिन्न चौक-चौराहों पर मां दुर्गा की पूजा बड़े ही धूमधाम से की जा रही है। इसी बीच शहर में एक अनोखी और अलग पूजा देखने को मिली है। शहर के श्रीकृष्ण नगर मुहल्ला स्थित मंगलायतन मंदिर में मनोकामना पूर्ण कलश स्थापित किया गया है। यहां मुहल्ले के लोगों ने अपने-अपने नाम से कलश स्थापित किए हैं। इस बार मंदिर परिसर में कुल 251 कलश स्थापित किए गए हैं। मुहल्ले के लोगों और पुजारी ने बताया कि इस मंदिर से लोगों की बड़ी आस्था जुड़ी हुई है। बड़ी आस्था के साथ हर नवरात्रि में पूजा मान्यता है कि जो भी व्यक्ति सच्चे मन और भक्ति भाव से यहां कलश स्थापित करता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है। इसी आस्था के कारण धीरे-धीरे हर वर्ष कलशों की संख्या बढ़ती जा रही है। मंदिर की स्थापना तत्कालीन वार्ड पार्षद स्व. मदन मोहन सिंह द्वारा की गई थी। उनके पुत्र संटू सिंह ने बताया कि पापा ने कोरोना काल से पहले इस मंदिर की स्थापना की थी। महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी भक्ति में लीन तब से लोग यहां बड़ी आस्था के साथ हर नवरात्रि में पूजा करते हैं। हालांकि यहां प्रतिदिन मुहल्ले के लोग पूजा करने आते हैं, लेकिन नवरात्रि में लोगों की आस्था देखते ही बनती है। पूरा मुहल्ला एकजुट होकर बड़े ही धूमधाम से माता की पूजा करता है। नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं। 251 कलशों की एक साथ स्थापना से मंदिर परिसर का दृश्य अत्यंत मनोरम लग रहा है। भक्तों का कहना है कि यह परंपरा आने वाले वर्षों में और भी भव्य रूप लेगी।

