कबड्डी प्लेयर शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान सुसाइड केस में मंगलवार को दोनों परिवारों के बीच समझौता हो गया। पंचायत में शीलू के परिवार के सामने 4 मांगें रखी गईं, जिन्हें बहु अकबरपुर गांव की पंचायत ने मान लिया। इसके लिए 10 दिन का समय दिया गया। तय हुआ कि जब ये सभी मांगें पूरी हो जाएंगी, तब मुस्कान के पिता शीलू के परिवार के खिलाफ दी गई शिकायत वापस ले लेंगे। अब सबसे बड़ा सवाल- क्या शिकायत वापस लेने से केस बंद हो जाएगा? नहीं। सीनियर एडवोकेट प्रदीप मलिक के मुताबिक, पंचायत में समझौता होने या शिकायत वापस लेने से FIR अपने आप खत्म नहीं होती। इसे कैंसिल करने के लिए पुलिस जांच से लेकर कोर्ट की मंजूरी तक पूरी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगा। अगर मजिस्ट्रेट को मामले में जरा भी संदेह हुआ तो वह दोबारा जांच के आदेश भी दे सकते हैं। 31 जुलाई को मुस्कान ने बहु अकबरपुर गांव स्थित ससुराल में फांसी लगाकर सुसाइड किया था। इसके बाद मुस्कान के पिता की शिकायत पर बहु अकबरपुर थाने में शीलू बल्हारा, पिता सुरेंद्र, मां निशा और भाई मनीष के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया गया था। पंचायत की 2 तस्वीरें देखिए:- एडवोकेट से समझिए- शिकायत वापस लेने के बाद क्या होगा DSP स्तर का अधिकारी जांच करेगा सीनियर एडवोकेट प्रदीप मलिक ने बताया कि एक बार FIR दर्ज होने के बाद सिर्फ शिकायतकर्ता के पीछे हटने से केस खत्म नहीं हो जाता। खासकर दहेज उत्पीड़न या दहेज हत्या जैसे मामलों में पुलिस जांच की अपनी प्रक्रिया होती है। अगर पुलिस की जांच में दहेज हत्या या उत्पीड़न के आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं मिलता है, तो पुलिस अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। DSP स्तर के अधिकारी जांच को देखेंगे। जांच के आधार पर FIR कैंसिल करने के लिए SP को रिपोर्ट भेजी जाएगी। कोर्ट में जाएगी रिपोर्ट, शिकायतकर्ता को भी बुला सकते हैं एडवोकेट मलिक के मुताबिक, SP इस रिपोर्ट को कोर्ट के सामने रखेंगे। इसके बाद कोर्ट शिकायतकर्ता को नोटिस देकर बुला सकती है। मजिस्ट्रेट शिकायतकर्ता से पूछेगा कि वह FIR कैंसिल करवाने के लिए सहमत है या नहीं। कोर्ट को पुलिस की जांच और मामले के तथ्यों से संतुष्ट होना होगा। अब जानिए किन मांगों पर सहमति बनी… सरपंच प्रतिनिधि बोले- एक हफ्ते में FD करा देंगे बहु अकबरपुर गांव के सरपंच प्रतिनिधि सत्यवान ने कहा कि फरमाणा गांव की पंचायत ने शीलू के बेटे हार्दिक के नाम एकेडमी की जमीन करवाने, मकान नाम करवाने, अन्य प्लाट नाम करवाने व 50 लाख की FD करवाने की बात कही है, जो मांग मान ली गई है। इसके लिए थोड़ा समय मांगा है। पूरी जिम्मेदारी पंचायत ने ले ली है। एक हफ्ते में एफडी करवा दी जाएगी। जमीन नाम करवाने में जो समय लगेगा, वो फरमाणा गांव की पंचायत को बताया जाएगा। फरमाणा गांव ने पूरा मान सम्मान रखा है। उनका एहसान कभी नहीं उतार सकते। —————- यह खबर भी पढ़ें… कबड्डी प्लेयर शीलू बल्हारा को ससुराल पक्ष ने माफ किया:रोहतक में पत्नी सुसाइड केस में 3 मांगों पर सहमति बनी; शिकायत वापस होगी रोहतक में कबड्डी प्लेयर शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान बल्हारा के सुसाइड केस में मंगलवार को फरमाणा गांव में पंचायत हुई। पंचायत में मुस्कान के परिवार ने शीलू के परिवार को माफ कर दिया। (पूरी खबर पढ़ें)
मुस्कान सुसाइड केस, पंचायत फैसले के बाद भी कई अड़चने:FIR कैंसिल करवाना आसान नहीं; शीलू के परिवार को 10 दिन में पूरी करनी होंगी मांगें


