BSP Chief Mayawati: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रही हैं। चुनाव को लेकर वह हर फैसला बहुत सोच-समझ कर ले रही हैं। इसी क्रम में सख्त कदम उठाते हुए मायावती ने BSP सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके अनंत कुमार मिश्रा उर्फ अन्टू मिश्रा को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
मायावती ने दी निष्कासन की जानकारी
बसपा प्रमुख मायावती ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके अन्टू मिश्रा को पार्टी से निकाले जाने की आधिकारिक जानकारी दी है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि, ‘उत्तर प्रदेश में अब चुनावी माहौल काफी गरमा गया है। इसलिए पार्टी के सभी स्तर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को विरोधियों के साम, दाम, दंड, भेद जैसे हथकंडों से पूरी तरह सावधान रहना चाहिए।’ उन्होंने अपील की है कि सभी कार्यकर्ता अपनी पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ बसपा के अंबेडकरवादी मिशन को आगामी विधानसभा चुनाव में सफल बनाने के लिए जी-जान से जुट जाएं।
BJP में शामिल होते-होते रह गए थे अन्टू
आपको बता दें कि अनंत कुमार मिश्रा वही नेता हैं जो एक बार भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का प्रयास कर चुके हैं लेकिन तब बात नहीं बन पाई थी। मार्च 2024 में लखनऊ स्थित बीजेपी दफ्तर में अनंत कुमार मिश्रा को बुलाया गया था। सब कुछ तय माना जा रहा था। मिश्रा बीजेपी दफ्तर पहुंचे और वहां कुर्सी पर बैठकर उन्होंने फोटो भी खिंचवाई। माना जा रहा था कि कुछ ही पलों में वह बीजेपी में शामिल हो जाएंगे लेकिन तभी अचानक एक फोन कॉल आता है और अनंत कुमार मिश्रा की बीजेपी में एंट्री रुक जाती है।
अशोक, सिद्धार्थ और रणधीर बेनीवाल पर भी हो चुकी है कार्रवाई
अनंत कुमार मिश्रा पर हुई इस कार्रवाई से पहले भी मायावती कई कड़े फैसले ले चुकी हैं। इससे पहले उन्होंने आकाश आनंद के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। अशोक सिद्धार्थ पर पार्टी में अनुशासनहीनता और गुटबाजी करने के गंभीर आरोप लगे थे। इसके अलावा मायावती ने पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के बसपा को-ऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को भी पार्टी से निकाल दिया था। बेनीवाल को पार्टी के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में हटाया गया था।


