‘मां-बाप जाति पर लड़ते रहे, बेटी की खुशी नहीं देखी’:जीते जी मेरा पुतला जलाकर अंतिम संस्कार किया, अब पति, ससुराल ही मेरी दुनिया

‘मां-बाप जाति पर लड़ते रहे, बेटी की खुशी नहीं देखी’:जीते जी मेरा पुतला जलाकर अंतिम संस्कार किया, अब पति, ससुराल ही मेरी दुनिया

‘मां-बाप समाज और जातिवाद की रक्षा के लिए लड़ते रह गए, लेकिन उन्होंने अपनी बेटी की खुशी नहीं देखी। उन्होंने मुझे जीते जी ही जलाकर मार दिया है। अब मेरा अपने माता-पिता से कोई रिश्ता नहीं है। मेरे पति और मेरा ससुराल ही अब मेरी पूरी दुनिया हैं।’ इंटरकास्ट मैरिज करने वाली रिया ‘समाज को लेकर हम लोग शादी नहीं किए हैं अपनी खुशी के लिए किए हैं एक दूसरे खुश है तो समाज को लेकर क्यों चले, समाज हमको कमा के नहीं खिलाएगा ना, समाज मेरा घर नहीं ना चलाएगा, समाज क्या सोचता है उसे हमको कोई मतलब नहीं है।’ रिया के पति मिलन कुमार पूर्णिया के नगर थाना क्षेत्र की रहने वाली रिया (18) ने 8 सितंबर को घर से निकलकर 12 सितंबर को कोर्ट में शादी की। इसके बाद 13 सितंबर को मंदिर में दोनों ने फेरे लिये। इसके बाद लड़की ने अपने माता-पिता को कॉल कर बता दिया कि मैंने अपनी मर्जी से शादी कर ली है। बेटी की शादी की बात से नाराज उसके माता-पिता और समाज के लोगों ने चार दिन पहले रिया का पुतला बनाया और अंतिम यात्रा निकालकर शमशान में दाह संस्कार भी कर दिया। अंतिम यात्रा में गांव के सभी लोग शामिल हुए। ‘राम नाम सत्य है’ के नारे लगाए गए। शमशान घाट पर पिता मनोज कुमार गोस्वामी ने पुतले को मुखाग्नि दी। पहले नवविवाहित जोड़ा रिया और मिलन की शादी की 2 तस्वीरें देखिए पुतला बनाकर अंतिम संस्कार पर क्या बोली रिया? इंटरकास्ट शादी के बाद ससुराल पहुंचीं रिया ने कहा कि जो कुछ हुआ, वो मेरे लिए असहनीय था, मुझे ये गलत लगा कि मेरे ही मां-बाप ऐसा कर रहे हैं। रिया ने कहा कि मुझे शौक था कि मैं अच्छे से अपनी मर्जी से शादी करूं। आज के बच्चे जब अपने प्यार और शादी की इच्छा के बारे में मां-बाप को बताते हैं, तो उन्हें समझने के बजाए धमकाया जाता है। कहा जाता है कि अगर तुमने दूसरी जाति में शादी की तो तुम्हारी हत्या कर देंगे, इसलिए बच्चे मजबूर हो जाते हैं और बिना घर वालों के शादी करनी पड़ती है। रिया ने कहा कि अगर मां-बाप ये पूछे कि तुम्हें कोई पसंद है तो किसी का बच्चा मेरी तरह कदम नहीं उठाएगा। मां-बाप कभी नहीं पूछते कि तुम्हें कोई पसंद है। मां-बाप जातिवाद और समाज के लिए लड़ते हैं लेकिन अपने बेटे या बेटी की खुशी को नहीं देखते हैं, इसलिए मेरे जीते जी मेरे ही घरवालों ने मेरा अंतिम संस्कार तक कर दिया है। इसलिए मेरा आज के बाद मां-बाप से कोई नाता नहीं है, जो है मेरे पति हैं और मेरा ससुराल वाले हैं। इसके अलावा मेरा दुनिया में कोई नहीं है। रिया कहती है कि मेरी किसी और से शादी होती तो उसके साथ-साथ अपनी जिंदगी को भी बर्बाद करती। इसलिए मैंने काफी सोच समझकर किसी की जिंदगी बचाई, अपनी भी संवार ली। ग्रेजुएशन की छात्रा है रिया, जातिवाद पर रखी राय नवविवाहित रिया ग्रेजुएशन की छात्रा है। जातिवाद पर कहा कि कोई जाति नहीं होती, एक मेल होता है, एक फीमेल होती है, बस इंसानियत की यही दो जाति है। वहीं, रिया के पति मिलन कुमार ने बताया कि हम दोनों एक दूसरे से खुश हैं। समाज से हम लोगों को कुछ लेना देना नहीं है। समाज हमलोगों को खिलाएगा नहीं, न मेरा घर चलाएगा। हम दोनों की शादी को लेकर समाज क्या सोचता है, इससे हम दोनों को कोई मतलब नहीं है। रिया के पिता ने कराया खुद का मुंडन, श्राद्ध भोज तक का आयोजन किया सदर प्रखंड की गंगेली पंचायत स्थित चपय गांव के रहने वाले रिया के पिता मनोज गोस्वामी ने अपनी जीवित बेटी को सामाजिक रूप से मृत घोषित करते हुए तीन दिन पहले उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार, श्राद्ध और ब्रह्मभोज तक आयोजित कर दिया। रिया ने पड़ोस में रहने वाले मिलन कुमार के साथ लव मैरिज की है। बताया जाता है कि रिया ब्राह्मण परिवार से संबंध रखती है, जबकि मिलन पासवान समाज से आते हैं। दोनों के बीच पिछले करीब एक साल से प्रेम संबंध था। दोनों परिवारों के घरों के बीच महज 2000 मीटर की दूरी है और वर्षों से दोनों परिवारों के बीच आपसी संपर्क भी रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अलग-अलग जातियों से संबंध होने के कारण दोनों परिवार इस रिश्ते के पक्ष में नहीं थे। परिवारों की असहमति के बावजूद दोनों एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का निर्णय ले चुके थे। इसी बीच 8 सितंबर को दोनों घर छोड़कर चले गए। इसके बाद युवती के पिता ने मरंगा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, रिया बालिग थी, प्रेमी संग चली गई पुलिस ने 12 सितंबर को दोनों को बरामद कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। अदालत में युवती का धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराया गया। बयान में रिया ने खुद को बालिग बताते हुए स्पष्ट कहा कि वह अपनी इच्छा से मिलन के साथ रहना चाहती है और उसी के साथ अपना जीवन बिताना चाहती है। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर दोनों को साथ रहने की अनुमति मिल गई। परिवार को बेटी का ये फैसला स्वीकार नहीं हुआ। परिजन का कहना था कि उन्होंने बेटी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसने अपनी पसंद को प्राथमिकता दी। इसी नाराजगी के बीच परिवार ने उसे सामाजिक रूप से मृत घोषित करने का फैसला कर लिया। 15 सितंबर को रिया का पुतला बनाकर किया अंतिम संस्कार 15 सितंबर को परिजन ने रिया का प्रतीकात्मक पुतला तैयार किया। गांव में उसकी तस्वीर के साथ शवयात्रा निकाली गई और श्मशान घाट पहुंचकर अंतिम संस्कार की रस्में निभाई गईं। ग्रामीणों के अनुसार, अंतिम संस्कार के दौरान वही सभी धार्मिक प्रक्रियाएं पूरी की गईं, जो सामान्य तौर पर किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद की जाती है। 17 सितंबर को परिवार ने श्राद्ध संस्कार का आयोजन किया। इसके लिए पुरोहितों को बुलाया गया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत कर्मकांड संपन्न कराया गया। परिवार के सदस्यों ने नाखून और बाल कटवाए और मुंडन संस्कार भी कराया। इसके बाद गंगाजल, तिल, कुश और जौ के साथ पिंडदान की रस्म निभाई गई। ग्रामीणों के मुताबिक, श्राद्ध संस्कार को पूरी तरह सार्वजनिक रूप दिया गया। रिश्तेदारों और परिचितों को आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम के बाद गांव और आसपास के लोगों के लिए ब्रह्मभोज का आयोजन भी किया गया। ‘मां-बाप समाज और जातिवाद की रक्षा के लिए लड़ते रह गए, लेकिन उन्होंने अपनी बेटी की खुशी नहीं देखी। उन्होंने मुझे जीते जी ही जलाकर मार दिया है। अब मेरा अपने माता-पिता से कोई रिश्ता नहीं है। मेरे पति और मेरा ससुराल ही अब मेरी पूरी दुनिया हैं।’ इंटरकास्ट मैरिज करने वाली रिया ‘समाज को लेकर हम लोग शादी नहीं किए हैं अपनी खुशी के लिए किए हैं एक दूसरे खुश है तो समाज को लेकर क्यों चले, समाज हमको कमा के नहीं खिलाएगा ना, समाज मेरा घर नहीं ना चलाएगा, समाज क्या सोचता है उसे हमको कोई मतलब नहीं है।’ रिया के पति मिलन कुमार पूर्णिया के नगर थाना क्षेत्र की रहने वाली रिया (18) ने 8 सितंबर को घर से निकलकर 12 सितंबर को कोर्ट में शादी की। इसके बाद 13 सितंबर को मंदिर में दोनों ने फेरे लिये। इसके बाद लड़की ने अपने माता-पिता को कॉल कर बता दिया कि मैंने अपनी मर्जी से शादी कर ली है। बेटी की शादी की बात से नाराज उसके माता-पिता और समाज के लोगों ने चार दिन पहले रिया का पुतला बनाया और अंतिम यात्रा निकालकर शमशान में दाह संस्कार भी कर दिया। अंतिम यात्रा में गांव के सभी लोग शामिल हुए। ‘राम नाम सत्य है’ के नारे लगाए गए। शमशान घाट पर पिता मनोज कुमार गोस्वामी ने पुतले को मुखाग्नि दी। पहले नवविवाहित जोड़ा रिया और मिलन की शादी की 2 तस्वीरें देखिए पुतला बनाकर अंतिम संस्कार पर क्या बोली रिया? इंटरकास्ट शादी के बाद ससुराल पहुंचीं रिया ने कहा कि जो कुछ हुआ, वो मेरे लिए असहनीय था, मुझे ये गलत लगा कि मेरे ही मां-बाप ऐसा कर रहे हैं। रिया ने कहा कि मुझे शौक था कि मैं अच्छे से अपनी मर्जी से शादी करूं। आज के बच्चे जब अपने प्यार और शादी की इच्छा के बारे में मां-बाप को बताते हैं, तो उन्हें समझने के बजाए धमकाया जाता है। कहा जाता है कि अगर तुमने दूसरी जाति में शादी की तो तुम्हारी हत्या कर देंगे, इसलिए बच्चे मजबूर हो जाते हैं और बिना घर वालों के शादी करनी पड़ती है। रिया ने कहा कि अगर मां-बाप ये पूछे कि तुम्हें कोई पसंद है तो किसी का बच्चा मेरी तरह कदम नहीं उठाएगा। मां-बाप कभी नहीं पूछते कि तुम्हें कोई पसंद है। मां-बाप जातिवाद और समाज के लिए लड़ते हैं लेकिन अपने बेटे या बेटी की खुशी को नहीं देखते हैं, इसलिए मेरे जीते जी मेरे ही घरवालों ने मेरा अंतिम संस्कार तक कर दिया है। इसलिए मेरा आज के बाद मां-बाप से कोई नाता नहीं है, जो है मेरे पति हैं और मेरा ससुराल वाले हैं। इसके अलावा मेरा दुनिया में कोई नहीं है। रिया कहती है कि मेरी किसी और से शादी होती तो उसके साथ-साथ अपनी जिंदगी को भी बर्बाद करती। इसलिए मैंने काफी सोच समझकर किसी की जिंदगी बचाई, अपनी भी संवार ली। ग्रेजुएशन की छात्रा है रिया, जातिवाद पर रखी राय नवविवाहित रिया ग्रेजुएशन की छात्रा है। जातिवाद पर कहा कि कोई जाति नहीं होती, एक मेल होता है, एक फीमेल होती है, बस इंसानियत की यही दो जाति है। वहीं, रिया के पति मिलन कुमार ने बताया कि हम दोनों एक दूसरे से खुश हैं। समाज से हम लोगों को कुछ लेना देना नहीं है। समाज हमलोगों को खिलाएगा नहीं, न मेरा घर चलाएगा। हम दोनों की शादी को लेकर समाज क्या सोचता है, इससे हम दोनों को कोई मतलब नहीं है। रिया के पिता ने कराया खुद का मुंडन, श्राद्ध भोज तक का आयोजन किया सदर प्रखंड की गंगेली पंचायत स्थित चपय गांव के रहने वाले रिया के पिता मनोज गोस्वामी ने अपनी जीवित बेटी को सामाजिक रूप से मृत घोषित करते हुए तीन दिन पहले उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार, श्राद्ध और ब्रह्मभोज तक आयोजित कर दिया। रिया ने पड़ोस में रहने वाले मिलन कुमार के साथ लव मैरिज की है। बताया जाता है कि रिया ब्राह्मण परिवार से संबंध रखती है, जबकि मिलन पासवान समाज से आते हैं। दोनों के बीच पिछले करीब एक साल से प्रेम संबंध था। दोनों परिवारों के घरों के बीच महज 2000 मीटर की दूरी है और वर्षों से दोनों परिवारों के बीच आपसी संपर्क भी रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अलग-अलग जातियों से संबंध होने के कारण दोनों परिवार इस रिश्ते के पक्ष में नहीं थे। परिवारों की असहमति के बावजूद दोनों एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का निर्णय ले चुके थे। इसी बीच 8 सितंबर को दोनों घर छोड़कर चले गए। इसके बाद युवती के पिता ने मरंगा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, रिया बालिग थी, प्रेमी संग चली गई पुलिस ने 12 सितंबर को दोनों को बरामद कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। अदालत में युवती का धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराया गया। बयान में रिया ने खुद को बालिग बताते हुए स्पष्ट कहा कि वह अपनी इच्छा से मिलन के साथ रहना चाहती है और उसी के साथ अपना जीवन बिताना चाहती है। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर दोनों को साथ रहने की अनुमति मिल गई। परिवार को बेटी का ये फैसला स्वीकार नहीं हुआ। परिजन का कहना था कि उन्होंने बेटी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उसने अपनी पसंद को प्राथमिकता दी। इसी नाराजगी के बीच परिवार ने उसे सामाजिक रूप से मृत घोषित करने का फैसला कर लिया। 15 सितंबर को रिया का पुतला बनाकर किया अंतिम संस्कार 15 सितंबर को परिजन ने रिया का प्रतीकात्मक पुतला तैयार किया। गांव में उसकी तस्वीर के साथ शवयात्रा निकाली गई और श्मशान घाट पहुंचकर अंतिम संस्कार की रस्में निभाई गईं। ग्रामीणों के अनुसार, अंतिम संस्कार के दौरान वही सभी धार्मिक प्रक्रियाएं पूरी की गईं, जो सामान्य तौर पर किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद की जाती है। 17 सितंबर को परिवार ने श्राद्ध संस्कार का आयोजन किया। इसके लिए पुरोहितों को बुलाया गया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत कर्मकांड संपन्न कराया गया। परिवार के सदस्यों ने नाखून और बाल कटवाए और मुंडन संस्कार भी कराया। इसके बाद गंगाजल, तिल, कुश और जौ के साथ पिंडदान की रस्म निभाई गई। ग्रामीणों के मुताबिक, श्राद्ध संस्कार को पूरी तरह सार्वजनिक रूप दिया गया। रिश्तेदारों और परिचितों को आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम के बाद गांव और आसपास के लोगों के लिए ब्रह्मभोज का आयोजन भी किया गया।  

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