‘मां का मुझे फोन आया’, नाना पाटेकर के निधन के 8 दिन बाद बेटे मल्हार का छलका दर्द, बोले- मैं सदमें में चला गया

‘मां का मुझे फोन आया’, नाना पाटेकर के निधन के 8 दिन बाद बेटे मल्हार का छलका दर्द, बोले- मैं सदमें में चला गया

Nana Patekar Son Malhar Patekar Emotional: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके परिवार को लेकर हो रही चर्चाओं पर बेटे मल्हार पाटेकर ने चुप्पी तोड़ी है। मल्हार ने उन दावों पर नाराजगी जताई, जिनमें कहा जा रहा था कि नाना अपने आखिरी दिनों में अकेले थे या परिवार से दूर हो गए थे। उन्होंने साफ कहा कि उनके पिता कभी अकेले नहीं थे और परिवार का कोई न कोई सदस्य हमेशा उनके साथ रहता था। मल्हार ने अभिनेत्री तनुश्री दत्ता से जुड़े पुराने विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी और लोगों से बिना पूरी सच्चाई जाने टिप्पणी नहीं करने की बात कही।

पिता के निधन की खबर सुनकर थम गई दुनिया

‘हिंदुस्तान टाइम्स’ को दिए इंटरव्यू में मल्हार ने बताया कि 8 अक्टूबर को नाना पाटेकर गोवा स्थित अपने घर पर थे। सुबह करीब पांच बजे वह पुणे में थे, तभी उनकी मां का फोन आया और उन्हें पिता के निधन की खबर मिली। मल्हार ने कहा कि वो इतने सदमे में थे कि इसके बाद क्या हुआ, उन्हें ठीक से याद नहीं। उन्हें ऐसा लगा, जैसे उनके आसपास की पूरी दुनिया थम गई हो।

रिपोर्ट के मुताबिक, 75 वर्षीय नाना पाटेकर का निधन कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ था। उनके अंतिम संस्कार के बाद महाराष्ट्र सरकार की ओर से प्रार्थना सभा भी आयोजित की गई, जिसमें मनोरंजन जगत और राजनीति से जुड़ी हस्तियां शामिल हुईं।

‘पापा कभी अकेले नहीं थे’

नाना पाटेकर की सेहत और परिवार के साथ उनके रिश्तों पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए मल्हार ने कहा कि सोशल मीडिया पर परिवार की तस्वीरें साझा नहीं करने का मतलब यह नहीं है कि उनके बीच प्यार नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता के बीच करीब 38-39 साल का रिश्ता रहा। अलग होने के बाद भी दोनों के संबंध अच्छे थे।

मल्हार के मुताबिक, परिवार के सभी सदस्य भावनात्मक रूप से एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता कभी अकेले नहीं थे और परिवार का कोई सदस्य हमेशा उनके साथ रहता था। उन्होंने यह भी बताया कि नाना काफी फिट और सक्रिय थे। वह रोजाना करीब ढाई घंटे तक व्यायाम करते थे। मल्हार ने उन धारणाओं को गलत बताया, जिनमें उनके पिता को अकेला या लगातार बीमार बताया जा रहा था।

बेचैनी होने पर पहले किया मैसेज, फिर फोन

मल्हार ने पिता के आखिरी पलों को याद करते हुए बताया कि नाना ने अपने चचेरे भाई प्रसाद को काम के सिलसिले में मुंबई भेजा था। उन्हें अगले दिन माधुरी दीक्षित के साथ मराठी ‘कौन बनेगा करोड़पति’ की शूटिंग करनी थी। मल्हार के अनुसार, नाना ऐसे इंसान थे जो अपनी परेशानी से दूसरों को परेशान नहीं करना चाहते थे।

जब उन्हें बेचैनी महसूस हुई तो उन्होंने पहले मैसेज किया और कुछ समय बाद फोन भी किया। परिवार का सदस्य तुरंत उनके पास पहुंचा, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।

तनुश्री दत्ता से जुड़े विवाद पर भी बोले मल्हार

तनुश्री दत्ता से जुड़े पुराने विवाद पर मल्हार ने बिना उनका नाम लिए कहा कि जिस मामले की बार-बार चर्चा हो रही है, वह काफी पहले खत्म हो चुका है और अदालत की ओर से स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सच हमेशा सच रहेगा और इस विषय पर वह किसी को कुछ नहीं कहना चाहते।

मल्हार ने यह भी बताया कि नाना पाटेकर लगातार एक जैसे किरदार निभाकर बोर हो गए थे। वह खुद कहानियां बनाना चाहते थे और यह साबित करना चाहते थे कि भारी-भरकम संवाद बोले बिना भी शानदार अभिनय किया जा सकता है।

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