महिला टी20 एशिया कप में भारत की शानदार शुरुआत, थाईलैंड को 94 रन से हराया

महिला टी20 एशिया कप में भारत की शानदार शुरुआत, थाईलैंड को 94 रन से हराया

भारत ने सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा (64 रन) के आक्रामक अर्धशतक के बाद बाएं हाथ की अनुभवी स्पिनर दीप्ति शर्मा (सात गेंद में बिना रन दिए तीन विकेट) के रिकॉर्ड स्पेल और मध्यम गति की गेंदबाज नंदनी शर्मा (18 रन देकर तीन विकेट) के शानदार प्रदर्शन से रविवार को यहां महिला टी20 एशिया कप ग्रुप ए मैच में थाईलैंड को 94 रन से हराकर अपने अभियान का आगाज किया। बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद भारत ने शेफाली के 19वें टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक (26 गेंद में छह चौके और तीन छक्के) से नौ विकेट पर 159 रन का स्कोर खड़ा किया। लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने थाईलैंड की टीम 16.1 ओवर में महज 65 रन पर सिमट गई।थाईलैंड के लिए विकेटकीपर बल्लेबाज नानाफत कोंचारोएंकई (41 रन) एकमात्र खिलाड़ी रहीं जो दोहरे अंक तक पहुंची। अपना 150वां टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहीं दीप्ति (यह उपलब्धि हासिल करने वाली हरमनप्रीत और मंधाना के बाद केवल तीसरी भारतीय खिलाड़ी) ने रिकॉर्ड स्पेल में सात गेंद में एक मेडन से बिना कोई रन दिए तीन विकेट झटके। नंदनी शर्मा ने चार ओवर में 18 रन देकर तीन विकेट चटकाए जबकि श्री चरणी ने तीन ओवर में 10 रन देकर दो विकेट प्राप्त किए।क्रांति गौड़ ने चार ओवर में 26 रन देकर थाईलैंड की पारी का पहला विकेट झटका। इससे पहले टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला करने के बाद थाईलैंड की स्पिनरों ने सुलीपोर्ण लाओमी की अगुआई में भारत को बड़े स्कोर से वंचित कर दिया। शेफाली अपनी 36 गेंद की पारी में आठ चौके और तीन छक्के लगाए जिससे भारतीय टीम 200 से अधिक के स्कोर तक पहुंचने की स्थिति में दिख रहा था।लेकिन इसके बाद पारी बिखर गई। भारत के लिए पदार्पण करने वाली प्रतिका रावल ने 22 रन और स्मृति मंधाना ने 19 रन का योगदान दिया। भारत ने 21 रन के अंदर चार विकेट गंवा दिए।लाओमी की गेंदों में बदलाव, ड्रिफ्ट और फ्लाइट ने भारतीय मध्यक्रम को परेशानी में डाल दिया। 28 वर्षीय लेग स्पिनर लाओमी ने 26 रन देकर तीन विकेट लिए। उन्होंने शेफाली और ऋचा घोष को लगातार दो गेंद पर आउट किया।ऑफ स्पिनर सुनीदा चातुरोंगरत्ताना ने 31 रन देकर दो विकेट हासिल किए। मंधाना ने भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने फनिता माया के पहले ओवर में तीन चौकों की मदद से 13 रन बटोरे।मंधाना 10 गेंदों में 19 रन बना चुकी थीं, तभी सुवानचोनरथी के शानदार सीधे थ्रो ने उन्हें दूसरे रन के प्रयास में रन आउट कर दिया। हालांकि, शेफाली का दबदबा जारी रहा। उन्होंने बाएं हाथ की स्पिनर और कार्यवाहक कप्तान थिपाट्चा पुथावोंग के खिलाफ लगातार चौके लगाए।इसके बाद वह क्रीज से आगे बढ़ीं और सुनीदा की गेंद पर एक छक्का और एक चौका जड़ा। फिर शेफाली ने लाओमी पर लांग ऑफ के ऊपर से छक्का लगाया और अपना अर्धशतक पूरा किया। इससे 10 ओवर के बाद भारत दो विकेट पर 100 रन के स्कोर पर आसानी से आगे बढ़ रहा था, तभी लाओमी ने पदार्पण कर रही प्रतिका रावल को आउट कर दिया जो 18 गेंद खेलने के बाद बोल्ड हो गईं।रावल को चोटिल जेमिमा रोड्रिग्स की जगह अंतिम एकादश में शामिल किया गया था, लेकिन वह अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सकीं। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर पांच रन बनाकर आउट हो गईं। उन्होंने स्वीप शॉट खेला, लेकिन गेंद किनारा लेकर कैच हो गई।इस विकेट के साथ पुथावोंग ने अपना 170वां टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट हासिल किया और महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली। अगले ओवर में भारत को बड़ा झटका लगा, जब लाओमी ने लगातार दो गेंदों पर दो विकेट चटकाए। शेफाली ने धीमी उछाली गई गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंदबाज ने कैच लपक लिया।फिर ऋचा घोष खाता भी नहीं खोल सकीं। दीप्ति पांच रन बनाकर रन आउट हो गईं। लाओमी ने तेज और सटीक थ्रो करके अपने शानदार स्पेल का अंत किया।17वें ओवर में सुनीदा ने भारत की मुश्किलें और बढ़ा दीं। उन्होंने चार गेंदों के भीतर भारती फुलमाली को 13 रन और प्रेमा रावत को छह रन पर आउट कर दिया। पारी के आधे चरण तक पूरी तरह नियंत्रण में दिख रही भारतीय टीम नौ विकेट पर 137 रन के स्कोर पर पहुंच गई थी।इसके बाद क्रांति गौड़ ने अंत में तेज बल्लेबाजी करके भारत को संभाला। गौड़ ने आठ गेंदों पर नाबाद 15 रन बनाए जिसमें एक चौका और एक छक्का शामिल था। उनकी इस तेज पारी की बदौलत भारत 150 रन का आंकड़ा पार करने में सफल रहा।थाईलैंड ने टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में हांगकांग को छह रन से शिकस्त दी थी। 

भारत ने सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा (64 रन) के आक्रामक अर्धशतक के बाद बाएं हाथ की अनुभवी स्पिनर दीप्ति शर्मा (सात गेंद में बिना रन दिए तीन विकेट) के रिकॉर्ड स्पेल और मध्यम गति की गेंदबाज नंदनी शर्मा (18 रन देकर तीन विकेट) के शानदार प्रदर्शन से रविवार को यहां महिला टी20 एशिया कप ग्रुप ए मैच में थाईलैंड को 94 रन से हराकर अपने अभियान का आगाज किया। बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद भारत ने शेफाली के 19वें टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक (26 गेंद में छह चौके और तीन छक्के) से नौ विकेट पर 159 रन का स्कोर खड़ा किया। लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने थाईलैंड की टीम 16.1 ओवर में महज 65 रन पर सिमट गई।

थाईलैंड के लिए विकेटकीपर बल्लेबाज नानाफत कोंचारोएंकई (41 रन) एकमात्र खिलाड़ी रहीं जो दोहरे अंक तक पहुंची। अपना 150वां टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहीं दीप्ति (यह उपलब्धि हासिल करने वाली हरमनप्रीत और मंधाना के बाद केवल तीसरी भारतीय खिलाड़ी) ने रिकॉर्ड स्पेल में सात गेंद में एक मेडन से बिना कोई रन दिए तीन विकेट झटके। नंदनी शर्मा ने चार ओवर में 18 रन देकर तीन विकेट चटकाए जबकि श्री चरणी ने तीन ओवर में 10 रन देकर दो विकेट प्राप्त किए।

क्रांति गौड़ ने चार ओवर में 26 रन देकर थाईलैंड की पारी का पहला विकेट झटका। इससे पहले टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला करने के बाद थाईलैंड की स्पिनरों ने सुलीपोर्ण लाओमी की अगुआई में भारत को बड़े स्कोर से वंचित कर दिया। शेफाली अपनी 36 गेंद की पारी में आठ चौके और तीन छक्के लगाए जिससे भारतीय टीम 200 से अधिक के स्कोर तक पहुंचने की स्थिति में दिख रहा था।

लेकिन इसके बाद पारी बिखर गई। भारत के लिए पदार्पण करने वाली प्रतिका रावल ने 22 रन और स्मृति मंधाना ने 19 रन का योगदान दिया। भारत ने 21 रन के अंदर चार विकेट गंवा दिए।

लाओमी की गेंदों में बदलाव, ड्रिफ्ट और फ्लाइट ने भारतीय मध्यक्रम को परेशानी में डाल दिया। 28 वर्षीय लेग स्पिनर लाओमी ने 26 रन देकर तीन विकेट लिए। उन्होंने शेफाली और ऋचा घोष को लगातार दो गेंद पर आउट किया।

ऑफ स्पिनर सुनीदा चातुरोंगरत्ताना ने 31 रन देकर दो विकेट हासिल किए। मंधाना ने भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। उन्होंने फनिता माया के पहले ओवर में तीन चौकों की मदद से 13 रन बटोरे।

मंधाना 10 गेंदों में 19 रन बना चुकी थीं, तभी सुवानचोनरथी के शानदार सीधे थ्रो ने उन्हें दूसरे रन के प्रयास में रन आउट कर दिया। हालांकि, शेफाली का दबदबा जारी रहा। उन्होंने बाएं हाथ की स्पिनर और कार्यवाहक कप्तान थिपाट्चा पुथावोंग के खिलाफ लगातार चौके लगाए।

इसके बाद वह क्रीज से आगे बढ़ीं और सुनीदा की गेंद पर एक छक्का और एक चौका जड़ा। फिर शेफाली ने लाओमी पर लांग ऑफ के ऊपर से छक्का लगाया और अपना अर्धशतक पूरा किया। इससे 10 ओवर के बाद भारत दो विकेट पर 100 रन के स्कोर पर आसानी से आगे बढ़ रहा था, तभी लाओमी ने पदार्पण कर रही प्रतिका रावल को आउट कर दिया जो 18 गेंद खेलने के बाद बोल्ड हो गईं।

रावल को चोटिल जेमिमा रोड्रिग्स की जगह अंतिम एकादश में शामिल किया गया था, लेकिन वह अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सकीं। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर पांच रन बनाकर आउट हो गईं। उन्होंने स्वीप शॉट खेला, लेकिन गेंद किनारा लेकर कैच हो गई।

इस विकेट के साथ पुथावोंग ने अपना 170वां टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट हासिल किया और महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली। अगले ओवर में भारत को बड़ा झटका लगा, जब लाओमी ने लगातार दो गेंदों पर दो विकेट चटकाए। शेफाली ने धीमी उछाली गई गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंदबाज ने कैच लपक लिया।

फिर ऋचा घोष खाता भी नहीं खोल सकीं। दीप्ति पांच रन बनाकर रन आउट हो गईं। लाओमी ने तेज और सटीक थ्रो करके अपने शानदार स्पेल का अंत किया।

17वें ओवर में सुनीदा ने भारत की मुश्किलें और बढ़ा दीं। उन्होंने चार गेंदों के भीतर भारती फुलमाली को 13 रन और प्रेमा रावत को छह रन पर आउट कर दिया। पारी के आधे चरण तक पूरी तरह नियंत्रण में दिख रही भारतीय टीम नौ विकेट पर 137 रन के स्कोर पर पहुंच गई थी।

इसके बाद क्रांति गौड़ ने अंत में तेज बल्लेबाजी करके भारत को संभाला। गौड़ ने आठ गेंदों पर नाबाद 15 रन बनाए जिसमें एक चौका और एक छक्का शामिल था। उनकी इस तेज पारी की बदौलत भारत 150 रन का आंकड़ा पार करने में सफल रहा।

थाईलैंड ने टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में हांगकांग को छह रन से शिकस्त दी थी।

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