महाअष्टमी व्रत का पारण आज, महानवमी में होगी कन्या पूजन:माता के 9वें स्वरूप सिद्धिदात्री की पूजा, पूरी रात पंडालों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

महाअष्टमी व्रत का पारण आज, महानवमी में होगी कन्या पूजन:माता के 9वें स्वरूप सिद्धिदात्री की पूजा, पूरी रात पंडालों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

शारदीय नवरात्र में पूजा-पंडालों में विराजी देवी दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रातभर उमड़ती रही। नवरात्र में अष्टमी तिथि की वृद्धि होने से आज सोमवार को भी आश्विन शुक्ल उदयव्यापिनी अष्टमी में माता महागौरी की पूजा होगी। वहीं, महाअष्टमी का व्रत करने वाले श्रद्धालु आज सुबह 08:04 बजे के बाद पारण करेंगे। वहीं, कई श्रद्धालु माता के 9वें स्वरूप सिद्धिदात्री की भी पूजा करेंगे और कन्या पूजन भी करेंगे। महानवमी को हवन और कन्या पूजन हालांकि, ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने बताया कि उदयातिथि में महानवमी का पावन संयोग कल मंगलवार 20 अक्टूबर को मिल रहा है। इसीलिए जगती जननी के 9 रूप में अंतिम स्वरूप सिद्धिदात्री की पूजा मंगलवार को होगी। इसी दिन माता की पूजा के बाद पूर्व संकल्पित दुर्गा सप्तशती, रामचरित मानस, हनुमान चालीसा, सुंदरकांड आदि धर्म ग्रंथ के पाठ को पूर्ण कर उसका समापन करेंगे। पाठ, मंत्र जाप के बाद हवन, तर्पण, मार्जन फिर पुष्पांजलि कर माता के भक्त देवी स्वरूपा कुंवारी कन्याओं का पूजन कर प्रसाद ग्रहण करेंगे। कन्या में साक्षात भगवती का वास ज्योतिषी झा ने श्रीमद् देवी भागवत पुराण के तीसरे स्कन्द के 27वें अध्याय से कहा कि नवरात्र में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। छोटी कन्याएं माता का स्वरूप के समान होती है। दो वर्ष से लेकर दस वर्ष की कन्याएं साक्षात माता का स्वरूप होती है। रवियोग में मनेगी विजयादशमी पंडित राकेश झा के मुताबिक शारदीय नवरात्र के अंतिम दिवस में आश्विन शुक्ल दशमी को धनिष्ठा नक्षत्र और रवियोग के सुयोग में देवी दुर्गा की विदाई होगी। इसके बाद जयंती धारण कर श्रद्धालु विजयादशमी मनाएंगे। जयंती धारण से मानसिक शांति, आरोग्यता, सुख-समृद्धि, पारिवारिक उन्नति का आशीर्वाद मिलता है। मां की विदाई गज यानि हाथी पर होगी। नवरात्र का उपवास या फलाहार करने वाले श्रद्धालु बुधवार को देवी की विदाई कर पारण करेंगे। शारदीय नवरात्र में पूजा-पंडालों में विराजी देवी दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रातभर उमड़ती रही। नवरात्र में अष्टमी तिथि की वृद्धि होने से आज सोमवार को भी आश्विन शुक्ल उदयव्यापिनी अष्टमी में माता महागौरी की पूजा होगी। वहीं, महाअष्टमी का व्रत करने वाले श्रद्धालु आज सुबह 08:04 बजे के बाद पारण करेंगे। वहीं, कई श्रद्धालु माता के 9वें स्वरूप सिद्धिदात्री की भी पूजा करेंगे और कन्या पूजन भी करेंगे। महानवमी को हवन और कन्या पूजन हालांकि, ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने बताया कि उदयातिथि में महानवमी का पावन संयोग कल मंगलवार 20 अक्टूबर को मिल रहा है। इसीलिए जगती जननी के 9 रूप में अंतिम स्वरूप सिद्धिदात्री की पूजा मंगलवार को होगी। इसी दिन माता की पूजा के बाद पूर्व संकल्पित दुर्गा सप्तशती, रामचरित मानस, हनुमान चालीसा, सुंदरकांड आदि धर्म ग्रंथ के पाठ को पूर्ण कर उसका समापन करेंगे। पाठ, मंत्र जाप के बाद हवन, तर्पण, मार्जन फिर पुष्पांजलि कर माता के भक्त देवी स्वरूपा कुंवारी कन्याओं का पूजन कर प्रसाद ग्रहण करेंगे। कन्या में साक्षात भगवती का वास ज्योतिषी झा ने श्रीमद् देवी भागवत पुराण के तीसरे स्कन्द के 27वें अध्याय से कहा कि नवरात्र में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। छोटी कन्याएं माता का स्वरूप के समान होती है। दो वर्ष से लेकर दस वर्ष की कन्याएं साक्षात माता का स्वरूप होती है। रवियोग में मनेगी विजयादशमी पंडित राकेश झा के मुताबिक शारदीय नवरात्र के अंतिम दिवस में आश्विन शुक्ल दशमी को धनिष्ठा नक्षत्र और रवियोग के सुयोग में देवी दुर्गा की विदाई होगी। इसके बाद जयंती धारण कर श्रद्धालु विजयादशमी मनाएंगे। जयंती धारण से मानसिक शांति, आरोग्यता, सुख-समृद्धि, पारिवारिक उन्नति का आशीर्वाद मिलता है। मां की विदाई गज यानि हाथी पर होगी। नवरात्र का उपवास या फलाहार करने वाले श्रद्धालु बुधवार को देवी की विदाई कर पारण करेंगे।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *