ममता की नई पार्टी का लोगो ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ लॉन्च:इसी पर उपचुनाव लड़ेंगी; इससे पहले 2 पार्टियों को मिल चुका यही सिंबल

ममता की नई पार्टी का लोगो ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ लॉन्च:इसी पर उपचुनाव लड़ेंगी; इससे पहले 2 पार्टियों को मिल चुका यही सिंबल

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट ने सोमवार को नया लोगो जारी कर दिया। इसमें अंतरिम चुनाव चिह्न के तौर पर फुटबॉल खिलाड़ी बना है। लोगो के बीच में फुटबॉल खिलाड़ी है। इसके चारों ओर नीले बैकग्राउंड पर सफेद रंग में ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ लिखा है। डिजाइन में केसरिया, सफेद और हरे रंग भी शामिल किए गए हैं। चुनाव आयोग ने फिलहाल पार्टी का पुराना नाम और सिंबल फ्रीज कर दिया है। आयोग ने दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न दिए हैं। ममता गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और अरूप रॉय वाले विरोधी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम, लिफाफे का सिंबल दिया गया है। ममता बनर्जी के गुट से पहले “फुटबॉल खेलता हुआ खिलाड़ी” चुनाव चिन्ह राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) और तेलंगाना की युगा तुलसी पार्टी को भी मिल चुका है। रेजीनगर में TMC के दोनों गुट के उम्मीदवार मैदान में नई पहचान की पहली सीधी चुनावी परीक्षा रेजीनगर में होगी। यहां तृणमूल के दोनों विरोधी गुट चुनाव मैदान में हैं। रेजीनगर में दोनों तृणमूल गुट आमने-सामने हैं, जबकि नंदीग्राम में ममता गुट कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में मैदान से बाहर हो गया है। नंदीग्राम में स्थिति अलग है। ममता बनर्जी की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद चुनाव से नाम वापस ले लिया। इसके बाद बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन दिया। बाद में 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन से जुड़े मामलों में प्रधान को गिरफ्तार कर लिया गया। पूर्वी मेदिनीपुर के खेजुरी पुलिस स्टेशन में दर्ज मामलों के सिलसिले में कांग्रेस के नंदीग्राम उम्मीदवार मिलन प्रधान को 5 अक्टूबर तक जेल भेज दिया गया है। 17 सितंबर को आयोग ने पुराना नाम-सिंबल रोका चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को तृणमूल कांग्रेस पर दोनों गुटों के दावों की सुनवाई की थी। आयोग ने आदेश दिया कि विवाद पर अंतिम फैसला होने तक कोई भी गुट पार्टी का मौजूदा नाम और सिंबल इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। यह फैसला उपचुनाव के नामांकन की आखिरी तारीख पर आया था। इसके बाद आयोग ने चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए दोनों गुटों से वैकल्पिक नाम और फ्री सिंबल सुझाने को कहा। एक दिन बाद आयोग ने दोनों गुटों को अस्थायी पहचान दे दी। इससे पार्टी के मालिकाना हक को लेकर चल रहा अंदरूनी विवाद बैलेट पर दो अलग नाम और सिंबल की लड़ाई में बदल गया। ममता गुट के लिए नाम का चुनाव भी राजनीतिक संदेश देता है। अंतरिम नाम में ‘ममता’ जोड़ा गया है। पुराने नाम की जगह नेता का नाम रखा गया है। ममता बनर्जी ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के पुराने नाम और सिंबल फ्रीज करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उनकी याचिका पर तुरंत सुनवाई की तारीख तय करने पर सहमति जताई। विरोधी पक्ष को भी अपनी दलील रखने का मौका मिलेगा। यह कानूनी लड़ाई आगे चलकर पार्टी के मूल नाम और सिंबल का फैसला कर सकती है। हालांकि, इस फैसले का इंतजार किए बिना राजनीतिक अभियान चलाना शुरू कर दिया गया है। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… बंगाल उपचुनाव में रेजीनगर से ममता के प्रत्याशी फिर पलटे: सुबह कहा- नहीं लड़ूंगा, दोपहर में बोले- लड़ूंगा पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 2 सीटों के उपचुनाव के पहले सियासी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। रेजीनगर में TMC उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने 19 सितंबर को सुबह 10 बजे चुनाव से हटने का ऐलान किया, लेकिन करीब 3 घंटे बाद ही दोपहर एक बजे यूटर्न ले लिया था। पढ़ें पूरी खबर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *